कॉल गर्ल के प्यार में पड़ा युवक…फिर हुआ कुछ ऐसा की लोग भी रह गए हैरान….

कोलकाता 19 फरवरी 2020 प्यार के महीने फरवरी में एक ऐसी अनोखी कहानी देखने को मिली जिससे प्यार पर भरोसा और भी बढ़ जाता है. ये मिसाल पेश करने वाली एक ऐसी कहानी है जिसमें एक युवा लड़की की पीड़ा और संघर्ष भी दिखता है.

ये कहानी है कोलकाता की लड़की की जिसे न चाहते हुए भी देह व्यापार में धकेला गया था. लेकिन उस लड़की को ऐसे लड़के का साथ मिला जो न सिर्फ उसे दिलोजान से प्यार करता है बल्कि उसके अतीत को भुलाकर उससे शादी भी कर ली. दोनों ने मिलकर घर ले लिया और अब साथ में व्यापार शुरू करने वाले हैं

एक एनजीओ ने उस लड़की को देह व्यापार के धंधे से निकाला. एनजीओ ने ही लड़की का नाम बदलकर सुलेखा रखा. सुलेखा को हमेशा से उम्मीद थी कि वो आजाद हो सकेगी और एक नई जिंदगी शुरू कर सकेगी

बताया जा रहा है कि सुलेखा और उसका परिवार हल्दिया में रहता था. जहां वे जिंदा रहने के लिए मुरमुरे बेचा करते थे. सुलेखा सिर्फ 15 साल की थी, जब उसे उसकी दादी ने घर से बाहर निकाल दिया था. उसने अपने पिता को बचपन में ही खो दिया था और उसकी मां भी उस पर होने वाले अत्याचार को रोक नहीं सकी

सुलेखा ने एक अंग्रेजी अखबार को बताया, ‘एक दिन, मेरी दादी ने मुझे घर से बाहर निकाल दिया और मेरी गरीब मां कुछ नहीं कर सकी. मैं मेचाडा रेलवे स्टेशन पर पहुंची. मैं स्टेशन पर ही बैठकर काम के लिए भीख मांगने लगी. तभी दो आदमी मेरे पास आए और कहा कि एक घर में काम करना है जिसके लिए मुझे पैसे और खाना दोनों मिलेगा

आगे सुलेखा ने बताया, ‘ये सुनकर मैंने उनकी बात पर भरोसा कर लिया. उन लोगों ने मुझे कुछ खाने को दिया. उसके बाद जब अगले दिन मैंने अपनी आंख खोली तो मैं एक वेश्यालय में थी

सुलेखा का कहना है, ‘वहां मुझे वेश्यालय के मालिक ने बेरहमी से पीटा और सेक्स व्यापार के लिए मजबूर किया गया. मैंने वहां से कई बार भागने की कोशिश की लेकिन हमेशा पकड़ी गई और वापस लाई गई.

जानकारी के मुताबिक वह तब 18 साल की थी जब वेश्यालय पर छापा मारा गया था. अंतरराष्ट्रीय न्याय मिशन नाम के एनजीओ ने तस्करी करने वाले लोगों से लड़कियों को बचाया और उनका पुनर्वास किया

उसके बाद, सुलेखा को 18 साल की उम्र तक नरेंद्रपुर के एक घर में काम सीखने के लिए भेज दिया गया. जिसके बाद सुलेखा ने सबसे प्रसिद्ध विरासत हलवाई की दुकान के ब्रांड की बेकरी में ट्रेंनिग ली ताकि वह अपने दम पर आने वाले समय में अपना काम शुरू कर सके

सुलेखा ने बताया, ‘हालांकि मैं पकाने का काम बेहतर तरीके से सीख रही थी लेकिन कुछ दिनों में कस्बे के पास एक बैग-सिलाई करने वाली यूनिट में काम करने वाले युवक से प्यार हो गया. उसने मुझे अपने साथ काम करने के लिए प्रोत्साहित किया. उसने मेरी देखभाल की और कुछ दिनों बाद शादी का प्रस्ताव रखा. मैंने अपने अतीत को कभी उससे नहीं छुपाया. मुझे आज भी लगता है कि मैं सपना देख रही हूं.

सुजॉय (बदला हुआ नाम), एक खुशमिजाज आदमी है. उन्होंने कहा कि उनके पास इतना पैसा बचाने का सपना है कि वह अपनी पत्नी के लिए केक बनाने की दुकान खरीद सके.’

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