कुरुद के गाड़ाडीह में DDC की पिटाई मामले पर प्रशासन ने जारी किया बयान “कथित मारपीट अनुमति प्राप्त भंडारण में.. घटना के वक्त ना उत्खनन ना जप्ती.. लोगों ने अनाधिकृत प्रवेश किया.. मामला अवैध उत्खनन का नहीं बल्कि आपसी विवाद है”

धमतरी,17 सितंबर 2020। अवैध रेत उत्खनन की शिकायत पर आधी रात गाड़ाडीह रेत खदान पर पहुँचे, जहां कथित तौर पर रेत माफिया ने बेरहमी से पिटाई कर दी। ज़िला पंचायत सदस्य गोविंद साहू की ओर से मामले की शिकायत थाने और खनिज विभाग को की गई है।
इस मामले के सामने आने के बाद ज़िला प्रशासन ने जाँच टीम से रिपोर्ट तलब की है। जाँच रिपोर्ट के आधार पर धमतरी जिला प्रशासन ने एक प्रेस नोट जारी किया है जिसमें घटना को अवैध रेत उत्खनन से जोड़ने को सिरे से ख़ारिज किया गया है।
ज़िला प्रशासन की ओर से जारी प्रेस नोट में उल्लेखित है
“जिस जगह पर रात बारह बजे ज़िला पंचायत सदस्य गए थे, वह अनुज्ञा भंडारण अनुमति प्राप्त क्षेत्र है और जब कि कथित घटना हुई तो वहां नदी क्षेत्र में रेत उत्खनन नहीं हो रहा था और ना ही कोई गाड़ी जप्त की गई।”
कलेक्टर धमतरी के दस्तखत से जारी प्रेस नोट म उल्लेखित है
“छग खनिज नियम 2009 की कंडिका तीन के अनुसार भंडारण क्षेत्र की जाँच के लिए प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, इनसे अलग कोई व्यक्ति अथवा अधिकारी भंडारण क्षेत्र में अवैध प्रवेश नहीं कर सकता.. यदि किसी को शिकायत है तो वह सक्षम प्राधिकारी को सूचना दे सकता है।”
प्रेस नोट में ग़ौरतलब है कि घटना में खुद को पीड़ित बता रहे ज़िला पंचायत सदस्य गोविंद साहू का कोई ना नाम लिखा गया है और ना ही पद।यह विज्ञप्ति घटना क्रम को चौकीदार और 12-15 अज्ञात व्यक्तियों के बीच विवाद शब्द का इस्तेमाल करती है।
प्रेस विज्ञप्ति की अंतिम पंक्तियाँ निर्णयात्मक सी है, जिसमें कि जाँच रिपोर्ट के हवाले से लिखा गया है
“अशोक पवार के मंदरौद स्थित अस्थायी अनुज्ञा भंडारण क्षेत्र में कुछ अज्ञात लोगों के द्वारा नियम विरुद्ध प्रवेश किया गया जिससे यह घटना घटित हुई।प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट है कि मामला अवैध उत्खनन का ना होकर दो पक्षों के मारपीट से संबंधित है। जिसकी पुलिस विवेचना कर रही है, जाँच उपरांत दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी”

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