सावधान! Activision Blizzard की गंदी चाल आई सामने, CoD और Diablo खेलने वालों पर मंडराया बड़ा खतरा, इटली सरकार ने शुरू की कड़ी जांच
Italy Launches Probe Against Activision Blizzard: Activision Blizzard पर इटली सरकार की जांच से मोबाइल गेमिंग इंडस्ट्री में हड़कंप मच गया है। CoD और Diablo Immortal पर भ्रामक डिजाइन, FOMO नोटिफिकेशन, वर्चुअल करेंसी को लेकर भ्रम और बच्चों की प्राइवेसी से जुड़े गंभीर आरोप लगे हैं। इस जांच के नतीजे आगे चलकर पूरी गेमिंग इंडस्ट्री पर असर डाल सकते हैं।

Photo: AI-Generated Representational Image
Italy Launches Probe Against Activision Blizzard: पॉपुलर मोबाइल गेम्स Call of Duty (CoD) और Diablo Immortal बनाने वाली कंपनी Activision Blizzard अब बड़ी मुसीबत में फंस गई है। इटली की सरकारी अथॉरिटी ने कंपनी के खिलाफ एक गंभीर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि यह गेमिंग दिग्गज अपने प्लेयर्स को पैसे खर्च करने के लिए मजबूर करने के लिए गलत और आक्रामक तरीकों का इस्तेमाल कर रहा है। आज के समय में मोबाइल गेमिंग का क्रेज सिर चढ़कर बोल रहा है, लेकिन इस जांच ने गेमिंग इंडस्ट्री के काले सच को उजागर कर दिया है। इटली सरकार इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि क्या ये कंपनियां जानबूझकर बच्चों और युवाओं को अपने जाल में फंसा रही हैं।
धोखे से पैसे खर्च कराने का आरोप
इटली की कॉम्पिटिशन अथॉरिटी (AGCM) का कहना है कि Activision Blizzard अपने गेम्स में ऐसे 'Deceptive Designs' (भ्रामक डिजाइन) का इस्तेमाल कर रही है, जो प्लेयर्स पर मानसिक दबाव बनाते हैं। जांच में सामने आया है कि गेम के दौरान और ऐप बंद होने के बाद भी यूजर्स को लगातार ऐसे पुश नोटिफिकेशन भेजे जाते हैं जो उनमें 'डर' पैदा करते हैं। इसे तकनीकी भाषा में FOMO यानी 'Fear of Missing Out' कहा जाता है। प्लेयर्स को बार-बार यह महसूस कराया जाता है कि अगर उन्होंने अभी कोई आइटम नहीं खरीदा, तो वे गेम में पीछे छूट जाएंगे। यह तरीका न केवल अनैतिक है बल्कि कंज्यूमर प्रोटेक्शन कानूनों का उल्लंघन भी हो सकता है।
वर्चुअल करेंसी का मायाजाल और वित्तीय नुकसान
जांच का एक बड़ा हिस्सा गेम के अंदर इस्तेमाल होने वाली वर्चुअल करेंसी से जुड़ा है। अथॉरिटी का मानना है कि गेम में इन-गेम करेंसी को बंडल में बेचने का तरीका इतना उलझा हुआ है कि यूजर को पता ही नहीं चलता कि वह असली दुनिया के कितने रुपये खर्च कर रहा है। यह ट्रांसपेरेंसी की कमी जानबूझकर रखी गई है ताकि लोग बिना सोचे-समझे बड़ी रकम खर्च कर दें। अक्सर प्लेयर्स गेम में आगे बढ़ने की जल्दी में उन चीजों पर भी पैसा लगा देते हैं जिनकी असल में जरूरत नहीं होती।
प्राइवेसी और बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा
सबसे चौंकाने वाला खुलासा प्राइवेसी और बच्चों की सुरक्षा को लेकर हुआ है। इटली के रेगुलेटर्स का आरोप है कि गेम्स के मेन्यू इस तरह डिजाइन किए गए हैं कि प्लेयर्स न चाहते हुए भी अपने पर्सनल डेटा के इस्तेमाल की अनुमति दे देते हैं। इस डेटा का इस्तेमाल बाद में कमर्शियल प्रोफाइलिंग के लिए किया जाता है। इसके अलावा, गेम्स में 'पैरेंटल कंट्रोल' की डिफॉल्ट सेटिंग्स बेहद कमजोर पाई गई हैं। गेम में इन-गेम खरीदारी और अनलिमिटेड प्लेटाइम पहले से ही ऑन रहता है, जिससे बच्चे बिना माता-पिता की अनुमति के घंटों गेम खेलते हैं और पैसे उड़ा देते हैं। यह बच्चों को जुए जैसी लत की ओर धकेलने जैसा है।
गेमिंग इंडस्ट्री पर क्या होगा असर
Microsoft के अंडर आने वाली Activision Blizzard कंपनी के लिए यह जांच एक बड़ी चुनौती है। यूरोप में डिजिटल मार्केटिंग और मॉनेटाइजेशन के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जा रहा है। सितंबर 2024 में भी इसी तरह की शिकायतें दर्ज की गई थीं। अगर इटली की यह जांच कंपनी के खिलाफ जाती है, तो पूरी गेमिंग इंडस्ट्री को अपने बिजनेस मॉडल में बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं। फिलहाल माइक्रोसॉफ्ट ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन दुनिया भर के गेमर्स अब इन गेम्स को शक की निगाह से देख रहे हैं। गेमिंग लवर्स को अब और भी ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।
