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Meta Ray-Ban Glasses Review: फोन कैमरे की जगह ले सकते हैं Meta स्मार्ट ग्लास? गाने से लेकर, फोटो-वीडियो और AI फीचर्स से लैस, देखें फुल स्पेसिफिकेशन्स भारत में कीमत और फीचर्स

Meta Ray-Ban Glasses (Gen 1) review: डिजाइन, कैमरा, बैटरी और रियल-वर्ल्ड एक्सपीरियंस। जानिए क्या ये स्मार्ट ग्लास फोन कैमरे का विकल्प बन सकते हैं।

Meta Ray-Ban Glasses Review: फोन कैमरे की जगह ले सकते हैं Meta स्मार्ट ग्लास? गाने से लेकर, फोटो-वीडियो और AI फीचर्स से लैस, देखें फुल स्पेसिफिकेशन्स भारत में कीमत और फीचर्स
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By Ragib Asim

Meta Ray-Ban Glasses Review: स्मार्ट ग्लास कई सालों से मार्केट में आने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन अब ऐसा लगता है कि यह कैटेगरी आखिरकार तैयार हो गई है। इसकी सबसे बड़ी वजह Meta के Ray-Ban Meta Glasses (Gen 1) हैं, जो धीरे-धीरे दुनिया के सबसे सफल कंज्यूमर स्मार्ट वियरेबल्स में गिने जाने लगे हैं। ये किसी फिल्म जैसे फ्यूचरिस्टिक फीचर्स नहीं दिखाते, बल्कि एक बहुत आसान समस्या हल करते हैं फोन निकाले बिना जिंदगी के पलों को कैप्चर करना।

डिज़ाइन ने बदली स्मार्ट ग्लास की सोच
पहले के स्मार्ट ग्लास भारी और अजीब लगते थे, लेकिन Meta Ray-Ban का डिज़ाइन बिल्कुल अलग है। पहली नजर में ये रेगुलर Ray-Ban सनग्लास जैसे ही दिखते हैं। यही इनकी सबसे बड़ी ताकत है। स्मार्ट ग्लास अब सिर्फ टेक गैजेट नहीं रहे, बल्कि लाइफस्टाइल प्रोडक्ट बन रहे हैं। ट्रैवलर्स, कंटेंट क्रिएटर्स और आम यूजर्स के लिए आराम और स्टाइल उतना ही जरूरी है, जितना टेक्नोलॉजी।
स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स
Ray-Ban Meta Glasses (Gen 1) में 12MP का अल्ट्रा-वाइड कैमरा दिया गया है, जो फ्रेम में काफी सलीके से फिट किया गया है। इसके साथ ओपन-ईयर स्पीकर्स और पांच माइक्रोफोन मिलते हैं, जो कॉल, ऑडियो रिकॉर्डिंग और Meta AI को संभालते हैं। सिर्फ “Hey Meta” कहकर वॉइस कमांड दी जा सकती है। अंदर से ये Qualcomm Snapdragon AR1 Gen 1 प्लेटफॉर्म पर चलते हैं और Bluetooth 5.2 व Wi-Fi 6 सपोर्ट करते हैं। Meta View ऐप के जरिए कंटेंट सिंक और डिवाइस कंट्रोल आसान हो जाता है। Meta का दावा है कि एक चार्ज पर बैटरी करीब चार घंटे चलती है, जबकि चार्जिंग केस अतिरिक्त बैकअप देता है।
फोन की जगह ग्लास पहनकर शूट करने का अनुभव
इन ग्लासेस को सही तरह से टेस्ट करने के लिए मैंने यूरोप ट्रिप के दौरान लगभग पूरा समय फोन की जगह इन्हें इस्तेमाल किया। मकसद था बिना फोन निकाले यादगार पलों को कैप्चर करना और बैटरी बचाना। ऐतिहासिक गलियों में घूमते हुए और कैफे में बैठकर फोटो-वीडियो लेना काफी नेचुरल लगा। असली परीक्षा Disneyland Paris में हुई, जहां राइड्स, भीड़ और लगातार फोन निकालने की झंझट रहती है। यहां बस एक टैप या वॉइस कमांड से POV वीडियो और रिएक्शन कैप्चर करना बेहद आसान लगा।
जहां Meta Ray-Ban सबसे बेहतर साबित होते हैं
इनका सबसे बड़ा प्लस पॉइंट है इस्तेमाल में आसानी। कोई स्क्रीन नहीं, कोई डिस्ट्रैक्शन नहीं आप पल में मौजूद रहते हैं। हैंड्स-फ्री एक्सपीरियंस खासकर ट्रैवल और थीम पार्क जैसी जगहों पर गेम-चेंजर साबित होता है। अच्छी रोशनी में फोटो शार्प और कलरफुल आती हैं, जबकि POV वीडियो फोन के मुकाबले ज्यादा इमर्सिव लगते हैं। कंटेंट क्रिएटर्स के लिए यह पर्सपेक्टिव काफी वैल्यू जोड़ता है।
जहां सीमाएं साफ नजर आती हैं
फ्रेमिंग सबसे बड़ी चुनौती है, क्योंकि आप लाइव व्यू नहीं देख पाते। कई बार शॉट सही नहीं बैठता, खासकर जब सिर का एंगल थोड़ा गलत हो। कम रोशनी में परफॉर्मेंस भी औसत है—सेंसर छोटा होने की वजह से नॉइज़ बढ़ जाता है। बैटरी लाइफ ठीक-ठाक है, लेकिन हैवी यूज़ वाले दिन चार्जिंग केस जल्दी निकालना पड़ता है।
भारत में कीमत और उपलब्धता
भारत में Ray-Ban Meta Glasses (Gen 1) की शुरुआती कीमत करीब ₹29,900 रखी गई है। पहले ये सीमित स्टोर्स पर मिलते थे, लेकिन अब Amazon, Flipkart और Reliance Digital जैसे प्लेटफॉर्म्स पर भी उपलब्ध हैं।
क्या ये फोन कैमरे की जगह ले सकते हैं?
पूरी तरह नहीं। प्लान्ड फोटोग्राफी, ज़ूम और लो-लाइट शूटिंग के लिए स्मार्टफोन अब भी बेहतर है। लेकिन सेकेंडरी कैमरे के तौर पर खासतौर पर ट्रैवल, रोजमर्रा के पल और एक्सपीरियंस कैप्चर करने के लिए Meta Ray-Ban Glasses बेहद आकर्षक हैं। ये उस भविष्य की झलक देते हैं, जहां यादें कैद करने के लिए आपको पल से बाहर नहीं निकलना पड़ेगा।

Ragib Asim

Ragib Asim is a seasoned News Editor at NPG News with 15+ years of excellence in print, TV, and digital journalism. A specialist in Bureaucracy, Politics, and Governance, he bridges the gap between traditional reporting and modern SEO strategy (8+ years of expertise). An alumnus of Jamia Millia Islamia and Delhi University, Ragib is known for his deep analytical coverage of Chhattisgarh’s MP administrative landscape and policy shifts. Contact: [email protected]

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