Apple की नई स्ट्रिक्ट पॉलिसी: अब बिना बताए डिलीट होंगे ये पॉपुलर एनोनिमस Chat Apps
Apple App Store Policy Change News: Apple ने App Store की गाइडलाइन्स को और सख्त कर दिया है। नए नियमों के तहत एनोनिमस और रैंडम चैट ऐप्स को बिना किसी नोटिस के हटाया जा सकता है। कंपनी का फोकस यूजर सेफ्टी, खासकर बच्चों और टीनएजर्स की सुरक्षा पर है। इस फैसले से कई पॉपुलर चैट ऐप्स और डेवलपर्स सीधे तौर पर प्रभावित होंगे।

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Apple App Store Policy Change: Apple ने अपने App Store के रूल्स में एक ऐसा बड़ा बदलाव किया है जिससे कई डेवलपर्स टेंशन बढ़ सकती है। कंपनी ने साफ कर दिया है कि एनोनिमस (Anonymous) और रैंडम चैट ऐप्स को बिना किसी पूर्व सूचना के हटाया जा सकता है। यह बदलाव App Review Guidelines के सेक्शन 1.2 में किया गया है। Apple का मानना है कि ऐसे ऐप्स से यूजर्स की सेफ्टी को खतरा होता है। खासकर बच्चों और टीनएजर्स के लिए ये प्लेटफॉर्म्स काफी रिस्की हैं। कंपनी ने पहली बार एनोनिमस चैट को अलग कैटेगरी के तौर पर डिफाइन किया है।
नए नियमों में क्या बदला
Apple ने अपनी अपडेटेड गाइडलाइन्स में साफ लिखा है कि कुछ तरह के ऐप्स अब App Store पर नहीं रहेंगे। इसमें पोर्नोग्राफिक कंटेंट वाले ऐप्स, चैटरूलेट स्टाइल एक्सपीरियंस और रैंडम या एनोनिमस चैट ऐप्स शामिल हैं। इसके अलावा रियल पीपल का ऑब्जेक्टिफिकेशन करने वाले ऐप्स भी बैन होंगे। फिजिकल थ्रेट्स और बुलिंग फैलाने वाले ऐप्स भी इस लिस्ट में आते हैं। पहले सिर्फ चैटरूलेट स्टाइल ऐप्स का जिक्र था लेकिन अब एनोनिमस चैट को सीधे निशाने पर लिया गया है।
बच्चों की सेफ्टी है बड़ी वजह
Apple ने यह कदम क्यों उठाया इसकी कोई ऑफिशियल वजह नहीं बताई है। लेकिन पिछले साल की घटनाओं से अंदाजा लगाया जा सकता है। ऑस्ट्रेलिया के eSafety Commissioner ने वॉर्निंग दी थी कि OmeTV जैसे एनोनिमस वीडियो चैट ऐप्स से बच्चों को नुकसान हो रहा है। इसके बाद Apple और Google दोनों ने इस ऐप को हटा दिया था। सच्चाई यह है कि एनोनिमस चैट ऐप्स यंग यूजर्स में काफी पॉपुलर हैं। इनसे बुलिंग और हैरेसमेंट के मामले बार बार सामने आते रहे हैं।
पॉलिटिकल कनेक्शन भी है
इस बदलाव का एक पॉलिटिकल पहलू भी देखने को मिल रहा है। कई मामलों में विरोध-प्रदर्शन के समय लोग अपनी पहचान छुपाने के लिए एनोनिमस मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं। Jack Dorsey की नई ऐप Bitchat भी इसी वजह से चर्चा में है। कुछ दिन पहले Apple ने ICEBlock जैसे ऐप्स को भी हटाया था जो यूएस इमिग्रेशन की ट्रैकिंग करते थे। कई लॉमेकर्स का आरोप है कि Apple ने गवर्नमेंट के दबाव में यह किया। अब गाइडलाइन्स को स्ट्रॉन्ग करके Apple आगे के विवादों से बचना चाहता है।
डेवलपर्स पर क्या असर पड़ेगा
सबसे बड़ी बात यह है कि Apple ने बिना नोटिस के रिमूवल की बात कही है। इसका सीधा मतलब है कि डेवलपर्स को अपने ऐप्स ठीक करने का मौका नहीं मिलेगा। पहले वॉर्निंग मिलती थी और डेवलपर्स चेंजेस कर सकते थे। अब Apple के पास डायरेक्ट अथॉरिटी है कि वे ऐसे ऐप्स को फौरन हटा सकते हैं। जो ऐप्स पूरी तरह एनोनिमिटी पर टिके हैं उनके लिए मुश्किल बढ़ने वाली है। Apple ने साफ मैसेज दे दिया है कि यूजर सेफ्टी से समझौता नहीं होगा।
