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Airtel और Google की बड़ी साझेदारी: स्पैम कॉल और फ्रॉड मैसेज से मिलेगा छुटकारा, करोड़ों यूजर्स को होगा इसका फायदा

Bharti Airtel Google RCS Spam Protection India: Airtel और Google ने भारत में स्पैम और फ्रॉड रोकने के लिए बड़ी साझेदारी की है। यह पार्टनरशिप RCS मैसेजिंग पर आधारित है। एयरटेल ने अब तक 71 अरब स्पैम कॉल्स ब्लॉक की हैं। अब दोनों कंपनियों के AI सिस्टम मिलकर यूजर्स को सुरक्षित रखेंगे।

Bharti Airtel Google RCS Spam Protection India
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AI-Generated Representational Image

By swapnilkavinkar

Bharti Airtel Google RCS Spam Protection India: भारती एयरटेल और गूगल ने मिलकर एक बड़ा ऐलान किया है। दोनों कंपनियों ने आज साझेदारी की घोषणा की है। इस साझेदारी का मकसद भारत में स्पैम और डिजिटल फ्रॉड को रोकना है। यह पार्टनरशिप RCS यानी रिच कम्युनिकेशन सर्विसेज पर आधारित है।

बता दें कि RCS एक आधुनिक मैसेजिंग प्लेटफॉर्म है जो पुराने SMS से काफी ज्यादा बेहतर माना जाता है। इसमें यूजर्स हाई क्वालिटी फोटो और वीडियो भेज सकते हैं। साथ ही मैसेज पर रिएक्शन भी दे सकते हैं। सबसे अहम बात यह है कि इस प्लेटफॉर्म में सुरक्षा का खास ध्यान रखा गया है जो आज के समय में बहुत जरूरी हो गया है।

स्पैम के खिलाफ एयरटेल की अब तक की बड़ी कार्रवाई

एयरटेल पिछले डेढ़ साल से स्पैम के खिलाफ जोरदार लड़ाई लड़ रहा है। कंपनी ने AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक की मदद से अब तक 71 अरब स्पैम कॉल्स को ब्लॉक किया है। यह आंकड़ा अपने आप में बहुत बड़ा है। इसके अलावा कंपनी ने 2.9 अरब स्पैम SMS को भी रोका है।

इन सब कोशिशों का नतीजा यह निकला है कि एयरटेल के नेटवर्क पर फाइनेंशियल फ्रॉड से होने वाले नुकसान में 68.7 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई है। ये आंकड़े साफ बताते हैं कि एयरटेल ने इस दिशा में कितना गंभीर और असरदार काम किया है।

इस साझेदारी में गूगल की भूमिका क्या है

गूगल इस साझेदारी में अपना RCS प्लेटफॉर्म और स्पैम फिल्टरिंग सिस्टम लेकर आया है। गूगल का स्पैम डिटेक्शन सिस्टम पूरी दुनिया में काफी मशहूर है और इस पर भरोसा किया जाता है। अब यह सिस्टम एयरटेल की नेटवर्क इंटेलिजेंस के साथ मिलकर काम करेगा।

इससे स्पैम को पकड़ने की क्षमता पहले से कई गुना बढ़ जाएगी। RCS मैसेज सीधे गूगल मैसेजेज ऐप में दिखाई देंगे। यह ऐप ज्यादातर एंड्रॉयड फोन में पहले से ही इंस्टॉल आता है इसलिए यूजर्स को अलग से कुछ डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होगी।

गूगल के बड़े अधिकारी का बयान

गूगल में एंड्रॉयड इकोसिस्टम के प्रेसिडेंट समीर सामत ने इस साझेदारी पर अपना बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत में एयरटेल के साथ यह पार्टनरशिप बेहद अहम है। समीर सामत ने कहा कि इस साझेदारी से मोबाइल यूजर्स पूरे भरोसे के साथ एक दूसरे से बातचीत कर पाएंगे।

उन्होंने आगे यह भी कहा कि गूगल दुनियाभर में टेलीकॉम कंपनियों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका कहना था कि मकसद यह है कि मैसेजिंग सिक्योरिटी को एक ग्लोबल स्टैंडर्ड बनाया जाए। हर RCS यूजर को भरोसेमंद और सुरक्षित मैसेजिंग का अनुभव मिले चाहे वो दुनिया में कहीं भी हो।

असल समस्या कहां थी जो अब हल होगी

टेलीकॉम नेटवर्क पर सुरक्षा के काफी सख्त नियम लागू हैं। मगर OTT प्लेटफॉर्म और दूसरे मैसेजिंग ऐप्स पर ऐसी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था नहीं होती है। साइबर अपराधी लंबे समय से इसी कमजोरी का फायदा उठाते आ रहे थे। वो इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए आसानी से फ्रॉड और स्पैम फैलाते थे।

एयरटेल और गूगल की यह पार्टनरशिप इसी बड़ी खामी को दूर करने के लिए बनाई गई है। अब टेलीकॉम ग्रेड सिक्योरिटी OTT मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर भी लागू हो सकेगी।

नया सिक्योरिटी सिस्टम कैसे करेगा काम

इस नए प्लेटफॉर्म में यूजर्स को सुरक्षित रखने के लिए कई तरह की सुरक्षा परतें यानि लेयर्स लगाई गई हैं। हर एक परत का काम दूसरे से अलग है। आइए समझते हैं कि यह सिस्टम कैसे काम करेगा।

सबसे पहले जब कोई कंपनी या बिजनेस किसी यूजर को मैसेज भेजेगा तो प्लेटफॉर्म उस भेजने वाले की पहचान को अच्छी तरह से जांचेगा। यह पूरी जांच टेलीकॉम बैक्ड वेरिफिकेशन सिस्टम से होगी। मतलब अगर कोई फर्जी कंपनी बनकर मैसेज भेजने की कोशिश करेगा तो वो इस चेक में पकड़ा जाएगा।

इसके बाद सिस्टम यूजर्स की DND सेटिंग भी चेक करेगा। DND का मतलब है डू नॉट डिस्टर्ब। अगर किसी यूजर ने अपने नंबर पर प्रमोशनल मैसेज बंद कर रखे हैं तो उसे ऐसा कोई भी मैसेज नहीं मिलेगा।

प्रमोशनल और ट्रांजैक्शनल दोनों तरह के मैसेज को अलग अलग कैटेगरी में रखा जाएगा। सरल भाषा में कहें तो ऑफर वाले मैसेज अलग होंगे और बैंक OTP या डिलीवरी अपडेट जैसे जरूरी मैसेज अलग दिखेंगे।

स्पैम मैसेज की बात करें तो ये यूजर के फोन तक पहुंच ही नहीं पाएंगे। सिस्टम उन्हें रास्ते में ही रोक देगा। इसके अलावा जिन मैसेज में खतरनाक वेबसाइट के लिंक होंगे उन्हें भी फिल्टर करके ब्लॉक कर दिया जाएगा। ऐसे लिंक पर क्लिक करने से बैंक अकाउंट खाली हो सकता है इसलिए यह फीचर बहुत काम का है।

सबसे खास बात यह है कि गूगल और एयरटेल दोनों के AI सिस्टम इस प्लेटफॉर्म पर साथ मिलकर काम करेंगे। ये दोनों AI सिस्टम दिन रात संदिग्ध सेंडर्स पर नजर बनाए रखेंगे। जैसे ही किसी सेंडर की तरफ से कोई गड़बड़ी या शिकायत सामने आएगी तो फौरन उस पर एक्शन ले लिया जाएगा।

बिजनेस और ब्रांड्स को भी होगा बड़ा फायदा

इस नए प्लेटफॉर्म से सिर्फ आम यूजर्स को ही फायदा नहीं होगा बल्कि कंपनियों और ब्रांड्स को भी इसका काफी बड़ा फायदा मिलने वाला है। अब कंपनियां अपने कस्टमर्स को ऐसे मैसेज भेज पाएंगी जो पूरी तरह से वेरिफाइड होंगे। इससे कस्टमर को तुरंत पता चल जाएगा कि यह मैसेज असली कंपनी की तरफ से आया है। फर्जी मैसेज भेजने वालों की पहचान आसानी से हो जाएगी।

इससे ब्रांड और उसके कस्टमर के बीच का भरोसा काफी मजबूत होगा। जब कस्टमर खुद को सुरक्षित महसूस करेंगे तो वो ब्रांड के साथ ज्यादा जुड़ेंगे और एंगेज होंगे। यह बात किसी भी बिजनेस की लंबे समय तक ग्रोथ के लिए बहुत जरूरी मानी जाती है।

एयरटेल के चेयरमैन का बड़ा बयान

एयरटेल के एक्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन गोपाल विट्ठल ने इस मौके पर अपना बयान दिया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि कस्टमर की सुरक्षा एयरटेल की सबसे बड़ी प्राथमिकता रही है और आगे भी हमेशा रहेगी। साथ ही यह भी बताया है कि एयरटेल डेटा और स्मार्ट नेटवर्क टेक्नोलॉजी के जरिए अपने कस्टमर्स को हर तरह की सुरक्षा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने यह भी कहा कि गूगल के साथ इस पार्टनरशिप की वजह से अब टेलीकॉम के दायरे से बाहर जाकर भी सुरक्षा पहुंचाई जा रही है। इसके अलावा गोपाल विट्ठल ने देश के दूसरे OTT प्लेटफॉर्म्स से भी खुली अपील की है। उन्होंने कहा कि सभी प्लेटफॉर्म्स को इस मुहिम में शामिल होना चाहिए ताकि मिलकर कस्टमर्स को स्पैम और फ्रॉड के बढ़ते खतरे से बचाया जा सके।

यह साझेदारी क्यों है बेहद खास

यह दुनिया की पहली ऐसी साझेदारी है जहां कोई बड़ी टेलीकॉम कंपनी और टेक प्लेटफॉर्म मिलकर OTT मैसेजिंग पर टेलीकॉम ग्रेड की मजबूत सुरक्षा दे रहे हैं। यह पार्टनरशिप पूरी टेलीकॉम और टेक इंडस्ट्री के लिए एक नया मॉडल बन सकती है।

आने वाले समय में दूसरी कंपनियां भी इसी तर्ज पर काम कर सकती हैं और ऐसी साझेदारी कर सकती हैं। भारतीय यूजर्स के लिए यह बड़ी राहत की खबर है क्योंकि अब उन्हें स्पैम और फ्रॉड से बेहतर सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।

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