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5G में नंबर-2 बना भारत: 40 करोड़ यूजर्स पूरे, लेकिन क्या मिल रही है असली 5G स्पीड?

India Becomes World’s Second Largest 5G Market News: भारत 5G यूजर्स के मामले में दुनिया में दूसरे नंबर पर पहुंच गया है। 40 करोड़ से ज्यादा लोग 5G इस्तेमाल कर रहे हैं। चीन अब भी पहले स्थान पर है। हालांकि बढ़ते रिचार्ज प्लान्स, नेटवर्क स्टेबिलिटी और असली 5G स्पीड को लेकर यूजर्स के सवाल अब भी बने हुए हैं।

India Becomes World’s Second Largest 5G Market News
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By swapnilkavinkar

India Becomes World’s Second Largest 5G Market: भारत ने 5G के मामले में बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के मुताबिक, देश में 5G यूजर्स की संख्या 400 मिलियन यानी 40 करोड़ के पार पहुंच गई है। इस आंकड़े के साथ भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा 5G बाजार बन गया है। पहले नंबर पर चीन है। महज तीन साल में यह मुकाम हासिल करना बड़ी बात है, लेकिन असली स्थिति कुछ अलग नजर आती है।

अमेरिका-यूरोप को छोड़ा पीछे, चीन अभी दूर

5G यूजर्स के मामले में भारत ने अमेरिका और यूरोप को पीछे छोड़ दिया है। आंकड़ों के मुताबिक, चीन पहले नंबर पर है, जहां 1.1 बिलियन से ज्यादा 5G यूजर्स हैं। भारत 400 मिलियन यूजर्स के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। वहीं अमेरिका में करीब 350 मिलियन, यूरोप में लगभग 200 मिलियन और जापान में करीब 190 मिलियन 5G यूजर्स हैं। यह उपलब्धि इसलिए भी अहम है क्योंकि एक्सपर्ट्स ने 2025 के अंत तक भारत में 394 मिलियन यूजर्स का अनुमान लगाया था। हालांकि चीन अब भी काफी आगे है। भारत में यह तेजी रिलायंस जियो और भारती एयरटेल के तेज नेटवर्क विस्तार से आई है।

महंगे रिचार्ज से बढ़ी परेशानी

5G की शुरुआत सस्ते डेटा और फ्री एक्सेस के साथ हुई थी, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। टेलिकॉम कंपनियों ने रिचार्ज प्लान्स महंगे कर दिए हैं। जो 5G पहले ‘कॉम्प्लिमेंट्री’ मिल रहा था, अब उसके लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है। इसका सीधा असर मिडिल क्लास यूजर्स पर पड़ा है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगर टैरिफ इसी तरह बढ़ते रहे, तो 5G अपनाने की रफ्तार धीमी हो सकती है।

नेटवर्क क्वालिटी पर सवाल

यूजर्स की संख्या भले ही 40 करोड़ पहुंच गई हो, लेकिन नेटवर्क क्वालिटी को लेकर शिकायतें बनी हुई हैं। कई शहरों में 5G सिग्नल स्थिर नहीं रहते। घर के अंदर जाते ही फोन 4G पर शिफ्ट हो जाता है। डेटा स्पीड में उतार-चढ़ाव और कॉल ड्रॉप की समस्या भी सामने आ रही है। वोडाफोन आइडिया (Vi) की देर से एंट्री के कारण मार्केट में मुकाबला भी सीमित है, जिसका असर क्वालिटी पर पड़ रहा है।

शहरों तक सीमित 5G, गांव पीछे

यह 400 मिलियन का आंकड़ा मुख्य रूप से मेट्रो और टियर-1 शहरों तक सीमित है। ग्रामीण इलाकों में आज भी मजबूत 4G कनेक्टिविटी बड़ी चुनौती है। फाइबर बैकहॉल और नए टावरों का विस्तार धीमी रफ्तार से हो रहा है। ऐसे में गांवों तक 5G पहुंचने में अभी वक्त लगेगा।

2031 तक 1 अरब यूजर्स का अनुमान

एरिक्सन मोबिलिटी की रिपोर्ट के मुताबिक, 2031 तक भारत में 1 बिलियन यानि 100 करोड़ 5G सब्सक्राइबर्स हो सकते हैं। भारत में प्रति स्मार्टफोन डेटा खपत करीब 36GB प्रति माह है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है। इससे साफ है कि डेटा की मांग आगे और बढ़ेगी। अब असली सवाल यही है कि क्या कंपनियां सिर्फ यूजर्स की संख्या बढ़ाएंगी या फिर सस्ता, स्थिर और वर्ल्ड-क्लास 5G नेटवर्क देने पर भी फोकस करेंगी।

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