टीम इंडिया की ऐतिहासिक जीत : पंत ने किया जीत के साथ सीरीज का अंत, भारत ने रचा इतिहास…….पंत का दम-पुजारा की दीवार, ब्रिस्बेन की ऐतिहासिक जीत के 5 टर्निंग प्वाइंट्स

ब्रिसबेन 19 जनवरी 2021। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सीरीज का चौथा मैच यानी ब्रिस्बेन टेस्ट मैच भारत ने जीता लिया। इसी के साथ चार मैच की सीरीज  पर 2-1 पर खत्म हुई। भारत ने बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया है। ये पहली बार हुआ है जब ऑस्ट्रेलिया में टीम इंडिया ने लगातार दो बार मेजबान टीम को सीरीज हराई है। साल 2018-19 की सीरीज भारत ने जीती थी, जबकि इस जीत के साथ टीम इंडिया ने इतिहास बनाया। 32 सालों में पहली बार ऑस्ट्रेलिया ब्रिस्बेन के मैदान पर हारी है। ऑस्ट्रेलिया ने पहली बारी में 369 रन बनाए जबकि भारत अपनी पारी में 336 रन पर ढेर हो गयी। 33 रनों की बढ़त के साथ ऑस्ट्रेलिया ने दूसरी पारी में 294 बनाए और भारत को 328 रनों का लक्ष्य दिया। भारत ने दूसरी पारी में 7 विकेट के नुकसान पर लक्ष्य को हासिल कर लिया  और ऐतिहासिक जीत दर्ज की. इससे पहले एडिलेड टेस्ट ऑस्ट्रेलिया, मेलबर्न टेस्ट भारत ने जीता. सिडनी टेस्ट और ब्रिस्बेन टेस्ट ड्रॉ पर खत्म हुए।

पिछली बार भारत ने ऑस्ट्रेलिया को उसके ही घर में 2018-19 टेस्ट सीरीज में 2-1 से हराया था. भारतीय टीम ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी लगातार तीसरी बार अपने नाम कर जीत की हैट्रिक लगाई है. इससे पहले भारत ने पिछली दोनों सीरीज जीतकर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी पर कब्जा किया था. 2018/19 में पिछले ऑस्ट्रेलिया दौरे में भारत ने 2-1 से और इससे पहले 2016/17 में भारत ने अपने घर में ऑस्ट्रेलिया को इतने ही अंतर से मात दी थी.गाबा के मैदान पर चौथी पारी में 328 रनों के लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल करते हुए भारत ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. भारत ने वेस्टइंडीज का 70 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है. इससे पहले वेस्टइंडीज ने गाबा के मैदान पर 1951 में सर्वोच्च लक्ष्य का पीछा करके जीत हासिल की थी, तब उसने 236 रन बनाए थे.ऑस्ट्रेलियाई टीम 1988 के बाद यानी 33 साल से गाबा के मैदान पर टेस्ट मैच नहीं हारी थी.

ऋषभ पंत की तूफानी पारी

दूसरी पारी में जब ऑस्ट्रेलियाई टीम के द्वारा दिए लक्ष्य का पीछा चल रहा था, तब भारत के सामने ड्रॉ और जीत के बीच किसी एक को चुनने की चुनौती थी. ऋषभ पंत जब बल्लेबाजी करने आए तब उन्होंने अपने ही अंदाज में क्रिकेट खेला और नामुमकिन को मुमकिन कर दिया. पंत ने 138 गेंद में धुआंधार 89 रनों की पारी खेली और अकेले दम पर टीम इंडिया को जीत के पार पहुंचा दिया.

पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया को 400 से नीचे समेटा

भारत के लिए ये मैच मुश्किल इसलिए था क्योंकि कोई भी सीनियर बॉलर नहीं खेल रहा था. मोहम्मद सिराज, शार्दुल ठाकुर, टी. नटराजन, वाशिंगटन सुंदर जैसे बॉलर्स ने कंगारुओं को 400 रनों के नीचे समेट दिया और सिर्फ 369 पर ऑल आउट किया. पहली पारी में शार्दुल ठाकुर, टी. नटराजन और वाशिंगटन सुंदर ने 3-3 विकेट लिए.

युवा जोड़ी ने कंगारुओं को किया बेहाल

भारतीय टीम जब पहली पारी में बल्लेबाजी करने उतरी तो कंगारुओं ने कड़ी चुनौती दी. जब ऊपरी बल्लेबाज जल्द आउट हुए तो वाशिंगटन सुंदर और शार्दुल ठाकुर की जोड़ी ने कमाल कर दिया. दोनों युवा खिलाड़ी जो मुख्य रूप से बॉलर हैं उन्होंने ऐसा खेल दिखाया कि पूरा देश जोश में आ गया. वाशिंगटन सुंदर ने 62 रन बनाए और शार्दुल ठाकुर ने 67 रन बनाए. इन्हीं दोनों के कारण भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलियाई टीम की लीड को 30 रन के आस-पास समेट दिया.

मोहम्मद सिराज का कमाल

दूसरी पारी में जब कंगारू बैटिंग करने आए तो उनके सामने चुनौती थी कि भारतीय टीम को बड़ा लक्ष्य दिया जाए. लेकिन मोहम्मद सिराज जो इस युवा टीम के सबसे सीनियर गेंदबाज हैं उन्होंने कमाल कर दिया. सिराज ने अपनी पारी में कुल 73 रन देकर 5 विकेट लिए और अपना पहला 5 विकेट हॉल लिया. उनके अलावा शार्दुल ठाकुर ने भी चार विकेट लेकर कंगारु टीम की कमर तोड़ दी.

चेतश्वर पुजारा बन गए दीवार

दूसरी पारी में जब भारत को जीतने के लिए 328 रनों की जरूरत थी, तब चेतश्वर पुजारा कंगारुओं के सामने दीवार बनकर खड़े हो गए. ब्रिस्बेन की पिच अपना जादू बिखेर रही थी, लेकिन पुजारा नहीं हिले और टिके रहे. यही कारण रहा कि उन्होंने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया. पुजारा 211 बॉल में 56 रनों की पारी खेली.

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