सत्याग्रह के साथ मुख्यमंत्री को ट्वीटर, फेसबुक में पोस्ट कर शिक्षको ने मांगा अपना अधिकार….शोषण, अन्याय व भेदभाव के खिलाफ एकजुट हुए प्रदेश भर के शिक्षक

रायपुर 2 अक्टूबर 2020. छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान, वाजीद खान, प्रदेश उपाध्यक्ष हरेंद्र सिंह, देवनाथ साहू, बसंत चतुर्वेदी, प्रवीण श्रीवास्तव, विनोद गुप्ता, सचिव मनोज सनाढ्य, कोषाध्यक्ष शैलेन्द्र पारीक ने कहा है कि 02 अक्टूबर को प्रदेश भर से हजारों शिक्षकों ने गांधी जयंती के अवसर पर अपने घरों में सत्याग्रह करते हुए शोषण, अन्याय व भेदभाव के खिलाफ एकजुट हुए,, प्रदेश भर के शिक्षको ने ट्वीटर व फेसबुक में मुख्यमंत्री को टेग करते हुए अपनी मांगों के निराकरण करने की मांग की।

शिक्षकों ने अपने साथ हो रहे भेदभाव को दूर करने की मांग करते हुए कहा कि 23 साल में क्रमोन्नति नही, पदोन्नति के अलग पद होने के बाद भी पदोन्नति के लिए कोई शासकीय निर्देश व पहल नही हो रहा है, सहायक शिक्षक व शिक्षक संवर्ग की वेतन विसंगति दूर नही हुआ, शिक्षा विभाग द्वारा रिवाइज्ड एल पी सी के निर्देश के बाद भी नई एल पी सी जारी नही हुआ, बाजार आधारित नई पेंशन स्कीम में रिटायर होने पर कोई सहारा नही है, कई वर्ष से पं/ननि व शिक्षा विभाग में अटका है अनुकम्पा नियुक्ति, महंगाई भत्ता 2 साल से नही मिला, शिक्षा विभाग में शिक्षको से समानता का व्यवहार नही व पूर्ण अधिकार नही, इसीलिए हम शोषण, अन्याय व भेदभाव की खिलाड़ी में 2 अक्टूबर को सत्याग्रह संदेश के माध्यम से सरकार तक अपनी मांग पहुचा रहे है।

2 वर्ष से अतिरिक्त सेवा के लिए वेटेज देते हुए वेतन निर्धारण कर जुलाई 2020 से संविलियन की मांग को मुखरता से रखा गया। प्रदेश के सभी जिला व ब्लॉक के शिक्षको ने अपने घर से ही सत्याग्रह संदेश जारी किया है, हजारो शिक्षको ने अपनी बात शोसल मीडिया में भी जारी करते हुए मुख्यमंत्री तक पहुंचाया है, सुदूर क्षेत्र बस्तर, सुकमा व बलरामपुर, कोरिया में भी शिक्षको ने जोरदार प्रदर्शन किया है।

प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि 01 नवंबर को शिक्षक सम्मान व अधिकार दिवस मनाएंगे, 23 वर्ष पूर्व प्रारंभ किये गए शिक्षा कर्मी प्रथा का काला अध्य्याय 01 नवंबर से समाप्त हो जाएगी इसलिए 01 नवंबर को शिक्षक सम्मान दिवस मनाएंगे, पर एल बी संवर्ग के शिक्षको के साथ भेदभाव होने के कारण अधिकार की मांग करेंगे तथा 01 नवंबर 2004 से पुरानी पेंशन को छत्तीसगढ़ में बंद करते हुए एन पी एस लागू किया गया था, अतः 01 नवंबर से पेंशन का काला अध्य्याय प्रारंभ हुआ था इसलिए 01 नवंबर को NPS प्रतिकार व पुरानी पेंशन अधिकार दिवस मनाएंगे। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के दिन 1 नवम्बर को सरकार व शासन तक ट्वीटर व फेसबुक के माध्यम से शिक्षकों की आवाज पहुचाएंगे।

 

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