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तथ्य के साथ टीचर्स एसोसिएशन ने मांगा क्रमोन्नति, क्रमोन्नति से दूर होगा वेतन विसंगति

रायपुर 1 अगस्त 2020। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान, वाजीद खान, प्रदेश उपाध्यक्ष हरेंद्र सिंह, देवनाथ साहू, बसंत चतुर्वेदी, प्रवीण श्रीवास्तव, विनोद गुप्ता, प्रदेश सचिव मनोज सनाढ्य, प्रदेश कोषाध्यक्ष शैलेन्द्र पारीक ने कहा है कि टीचर्स एसोसिएशन द्वारा मांग पत्र में क्रमोन्नति को पहले नम्बर पर रखा गया है, जनघोषणा पत्र में भी क्रमोन्नति का वादा है, अतः शासन भी क्रमोन्नति को प्राथमिकता में रखेगी।

शासन के सामने क्रमोन्नति का तथ्य रखते हुए टीचर्स एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि सहायक शिक्षक संवर्ग की वेतन विसंगति को क्रमोन्नति से दूर किया जा सकता हैं क्योंकि अभी भी सहायक शिक्षकों के लिए समयमान की जगह क्रमोन्नति ही लागू है और सहायक शिक्षकों को प्रथम क्रमोन्नति में 4200 ग्रेड पे के साथ 9300 का न्यूनतम मूलवेतन का प्रावधान है तथा सातवें वेतनमान में 35400 मूल वेतन के साथ सकल वेतन 41393 निर्धारित है, इसी प्रकार शिक्षक के लिए उच्च स्तर व्याख्याता का व व्याख्याता के लिए उच्च स्तर प्राचार्य का वेतनमान क्रमोन्नति में तय किया जाना चाहिए, अभी शिक्षक व व्याख्याता संवर्ग के लिए समयमान वेतन प्रचलित है, जिससे एल बी संवर्ग को अपेक्षित वित्तीय लाभ नही होगा।

क्रमोन्नति का तथ्य

1 . जनघोषणा पत्र में क्रमोन्नति का वादा,

2. शिक्षकीय सेवा के आधार पर क्रमोन्नति,

3. पूर्व सेवा के आधार पर क्रमोन्नति,

4. निम्न से उच्च पद में कुल सेवा अवधि की गणना के आधार पर क्रमोन्नति,

5. एक विभाग से दूसरे विभाग में संविलियन पर वित्त विभाग के आदेश के आधार पर क्रमोन्नति,

6. मध्यप्रदेश की तर्ज पर क्रमोन्नति,

7. प्रथम नियुक्ति के आधार पर क्रमोन्नति,

एसोसिएशन के आपत्ति के बाद पंचायत व शिक्षा विभाग ने 2013 के पुनरीक्षित वेतनमान निर्धारण की विसंगति को समझते हुए रिवाइज एल पी सी के निर्देश दिए थे, इससे भी लाभ होगा, साथ ही प्रदेश में शिक्षा विभाग के प्रधान पाठक प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, शिक्षक व व्याख्याता के रिक्त पद पर पदोन्नति होने से शिक्षक संवर्ग के पात्र शिक्षको को वित्तीय राहत मिलेगी।

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