25 स्कूलों में एक साथ नौकरी करने वाली टीचर हुई गिरफ्तार…. इस्तीफा देने BEO दफ्तर आयी महिला शिक्षिका को पुलिस ने पकड़ा….13 महीने में उठायी 1 करोड़ से ज्यादा की सैलरी

फरीदपुर 6 जून 2020। 25 स्कूलों में फर्जी तरीके से नौकरी करने के मामले में सुर्खियों में आई शिक्षिका अनामिका शुक्ला को कासगंज पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया है। अनामिका शुक्ला जिले के कस्तूरबा विद्यालय फरीदपुर में विज्ञान की शिक्षिका के रूप में सेवाएं दे रही थी। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।  जानकारी के मुताबिक, 25 जिलों में नौकरी करने की आरोपी शिक्षिका अनामिका शुक्ला शनिवार को कासगंज जिले में त्यागपत्र देने आई थी। सूचना मिलने पर कासगंज पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। BSA अंजलि सिंह ने अनामिका शुक्ला के खिलाफ थाना सोरों में एफआईआर लिखाने के लिए तहरीर दी है। जिस पर पुलिस की ओर से एफआईआर लिखी जा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अनामिका शुक्ला ने अपने पिता का नाम राजेश बताया है।

25 स्कूलों में एक साथ पढ़ा रही थी महिला टीचर….. एक साल में उठाई 1 करोड़ रूपये की सैलरी…. महिला शिक्षिका की कारगुजारी देख उड़े अफसरों के होश…2019 में हुई थी पोस्टिंग

ऐसे गिरफ्तार हुई शिक्षिका

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अनामिका कासगंज जिले के कस्तूरबा विद्यालय फरीदपुर में विज्ञान की शिक्षिका के रूप में सेवाएं दे रही थी। बेसिक शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों के निर्देशों पर जिले में अनामिका शुक्ला नाम की शिक्षिका को तलाशा किया गया तो वह कस्तूरबा विद्यालय में मिली। शुक्रवार को बीएसए (बेसिक शिक्षा अधिकारी) ने शिक्षिका के वेतन आहरण पर रोक लगाते हुए नोटिस जारी किया था। यह नोटिस व्हाट्सएप पर भेजा गया था। शुक्रवार की शाम शिक्षिका ने इस नोटिस को देखा तो शनिवार सुबह को वह अपना इस्तीफा देने बीएसए दफ्तर के बाहर पहुंची। इसके बाद बीएसए अंजली अग्रवाल ने पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी शिक्षिका को गिरफ्तार कर लिया।

एक करोड़ रुपये कमाने का आरोप

बता दें कि मैनपुरी की अनामिका शुक्ला की पोस्टिंग प्रयागराज, अंबेडकरनगर, अलीगढ़, सहारनपुर, बागपत सहित अन्य जिलों के KGBV स्कूलों में पाई गई है। इन स्कूलों में टीचर्स की नियुक्ति कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर होती है और हर महीने 30 हजार रुपये की तनख्वाह रहती है। 13 महीनों के दौरान टीचर पर कथित तौर पर एक करोड़ रुपये कमाने का आरोप लगा है। टीचर्स का डेटाबेस तैयार करते वक्त यह गड़बड़झाला सामने आया है।

 

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