
नईदिल्ली 23 अगस्त 2021. अमेरिका द्वारा अफगानिस्तान से अपने सैनिकों की वापसी की घोषणा के बाद से तालिबान आक्रमक है। जब आतंकी सगठन के लड़ाकों ने काबुल पर कब्जा कर लिया तो अमेरिका को अपने दूतावास को लेकर काबुल एयरपोर्ट पर शिफ्ट होना पड़ गया। इतना ही नहीं एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए 6000 अतिरिक्त फोर्स भी भेजे गए। राष्ट्रपति जो बाइडेन के शुरुआती फैसले के मुताबिक, 31 अगस्त तक अमेरिकी सेना अफगानिस्तान से वापस चली जाएगी। अब ऐसा नहीं करने पर तालिबान ने अंजाम भुगतने की धमकी दी है।
तालिबान के प्रवक्ता सोहेल शाहीन ने सोमवार को एक बयान दिया है कि अगर अमेरिका अपने सैनिकों की वापसी में देरी करता है, तो उसको इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। अमेरिकी सेना 31 अगस्त तक यहां से वापस चली जाए नहीं तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
दरअसल, 15 अगस्त को अफगानिस्तान पर तालिबानी लड़ाकों के कब्जे के बाद से हालत बिगड़ती जा रही है। बड़ी संख्या में लोग देश छोड़ रहे हैं। इसके अलावा काबुल एयरपोर्ट पर लोग अपने वतन लौटने के लिए पहुंच रहे हैं। काबुल एयरपोर्ट पर लोगों की हिफाजत के लिए अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। अमेरिकी सैनिकों के मुताबिक ही वहां से अलग-अलग देशों की विमानें उड़ान भर रही है। 400 से अधिक भारतीय भी अभी तक वहां से लौट चुके हैं। इसके बावजूद बड़ी में संख्या में लोग वहां मौजूद है। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने पहले कहा था कि नागरिकों को निकालने में मदद के लिए 31 अगस्त के बाद उनके सैनिक काबुल में रह सकते हैं।
