दस साल के बच्चे की संदिग्ध मौत, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका… कुरूद पुलिस पर लगाया कोताही बरतने का आरोप 

धमतरी 16 मार्च 2020. जिले के कुरूद थानांतर्गत ग्राम बोदाछापर में दस वर्षीय बच्चे की संदिग्ध मौत को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं. परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए एसपी दफ्तर पहुंचकर जांच और कार्यवाई की मांग की है. हो गई थी. शिकायत लेकर मृत बच्चे के ननिहाल से पहुँचे रेखराम साहू, घनश्याम साहू खिलेश्वरी साहू, पार्वती साहू दशनाम साहू, रामकुमार साहू रोशन साहू ने बताया कि 21 फरवरी को 10 वर्षीय हिमांशु साहू के माता पिता अपनी छोटी बेटी को लेकर किसी काम से गुजरा गए हुए थे.

हिमांशु घर में ही परिवार के बाकी सदस्यों के साथ था. उसी रात करीब 8 बजे गांव के एक व्यक्ति ने फोन करके हिमांशु के मौत की जानकारी दी. घर पहुँचने पर परिवार के सदस्यों द्वारा बताया गया कि वे लोग बच्चे को दोपहर 12 बजे से इधर उधर खेलने गया होगा समझ रहे थे. लेकिन शाम को बच्चा घर के एक कमरे में फांसी पर लटका हुआ मिला. शिकायतकर्ताओं का कहना है कि बिना किसी को जानकारी दिए परिवार के लोगो ने शव को फाँसी से उतारकर जमीन में सुला दिया था. जब माता पिता ने पुलिस को इसकी सूचना देने की बात कही तो परिवार वालो ने मना कर दिया. दूसरे दिन शव को अंतिम संस्कार के लिए शमशान घाट लेकर चले गए. तब किसी गांव वाले की सूचना पर पुलिस ने मौके में पहुँचकर अंतिम संस्कार रुकवाकर शव का पोस्टमार्टम कराया.

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि दस साल का एक छोटा बच्चा जिसे किसी बात की परेशानी नही थी वह फांसी लगाकर आत्महत्या कैसे कर सकता है. मौके पर भी किसी तरह के कोई निशान नही हैं. वहीं इतनी बड़ी घटना की जानकारी घर वालों ने माता पिता को क्यों नही दिया और पुलिस को सूचना देने के बजाय शव को फंदे से क्यों नीचे उतार दिया गया. ये सभी परिस्थितियां सीधे हत्या की ओर इशारा करता है. इस संबंध में कुरूद पुलिस से भी जांच और कार्यवाई करने की मांग की गई है. लेकिन पुलिस जांच में कोताही बरतते हुए अभी तक सिर्फ आश्वासन दे रही है. बच्चे के पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी कोई अता पता नही है. थाना पुलिस की उदासीनता के चलते उन्हें एसपी दफ्तर में गुहार लगाना पड़ रहा है. शिकायतकर्ताओं ने हिमांशु की हत्या का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच एवं कार्यवाई की मांग एसपी से की है.

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