सुराजी बना ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए संजीवनी ……कहीं गोबर से वर्मी कंपोस्ट हो रहा तैयार…तो वहीं मुर्गी, मछली और बाड़ी से बदल रही है ग्राम पंचायत की तस्वीर…. ग्रामीण गांव में ही कमा रहे हैं हजारों रुपये…..

रायपुर 13 जनवरी 2021। मुख्यमंत्री की अति महत्वाकांक्षी सुराजी ग्राम योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संजीवनी बन गयी है। मौजूदा सरकार के दो साल में कई ग्रामीणों और कई ग्राम पंचायत की तकदीर और तस्वीर इस योजना के अलग-अलग आयाम से जुड़कर संवर गयी है। छत्तीसगढ़ शासन की सुराजी ग्राम योजना के तहत राज्य में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के उद्देश्य से गांव-गांव में नरवा, गरूवा, घुरवा और बाड़ी के विकास के काम प्राथमिकता से कराए जा रहे हैं। सुराजी ग्राम योजना के तहत गरूवा के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में पशुओं के लिए गौठान का निर्माण कराया जा रहा है। गौठानों में गांव के पशुओं का उचित व्यस्थापन हो रहा है, इसके साथ ही साथ यहां गोबर और गौ मूत्र से कम्पोस्ट खाद और वर्मी खाद बनाने, गमला, दीया, धूप बत्ती निर्माण की गतिविधियां भी स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित की जा रही है, जिनसे स्व-सहायता समूहों को आय भी हो रही है।ग्रामीण अपने घर के करीब ही अलग-अलग साधनों से हजारों का मुनाफा कमा रहे हैं, तो वहीं महिलाएं खुद भी स्वाबलंबी हो रही है।

गौठान ग्राम पंचायत पारागांव

सुराजी ग्राम योजनांतर्गत जनपद पंचायत आरंग के ग्राम पंचायत पारागांव में भी अलग.अलग योजनाओं से समृद्धि आयी है। यहां 3 एकड़ क्षेत्र में गौठान का निर्माण किया गया है, जिसमें पशुओं के चारा खाने एवं पीने के पानी हेतु 5 पानी टंकी एवं 2 कोटना निर्माण किया गया है। पशुओं के लिए 3 नग शेड बनाया गया है। गौठान में वर्तमान में 120 लावारिस पशुओं को रखा जा रहा है एवं 15 पशुओं का जन्म गौठान में हुआ है। ग्राम में गौठान का निर्माण करने से स्व-सहायता समूहों को भी लाभ प्राप्त हो रहा है। गौठान में क्रय किये गये गोबर से वर्मी खाद बनाया जा रहा है। वर्मी खाद निर्माण हेतु 19 पक्का वर्मी टैंक एवं 25 भू-वर्मी टैंक बनाया गया, जिसमें सहेली स्व-सहायता समूह द्वारा कुल 63 क्विंटल वर्मी खाद तैयाद कर  1.50 लाख का विक्रय कर लाभ प्राप्त किया गया है।

 

10 एकड़ क्षेत्र में चारागाह में 4 एकड़ में नेपियर घास लगाया गया है, जिसका उपयोग पशुओं हरा चारा खिलाने में किया जा रहा है, इसके साथ ही नेपियर रूट स्टेम विभिन्न ग्राम पंचायतों के गौठानों में चारागाह हेतु भेजा गया है, इसके साथ-साथ चारागाह के अंदर ही अनेक गतिविधियां जैसे गंगा स्व-सहायता समूह द्वारा 3 एकड़ बाड़ी में पुष्प उत्पादन (गेंदा फुल) का उत्पादन कर बाजार में बेचकर राशि 3000 का लाभ प्राप्त किया गया। गौठान में मुर्गी शेड एवं बकरी शेड का कार्य कराया जा रहा है है।

गौठान ग्राम पंचायत राटाकाट

सुराजी ग्राम योजनांतर्गत जनपद पंचायत आरंग के ग्राम पंचायत राटाकाट में हजारों रुपये का फायदा ग्रामीण कमा रहे हैं। यहां 3 एकड़ क्षेत्र में गौठान एवं 5 एकड़ क्षेत्र में चारागाह निर्माण किया गया है। गौठान की देखरेख हेतु जय मां शारदा स्व सहायता समूह एवं चारागाह की देखरेख हेतु रामजानकी स्व सहायता समूह का चयन किया गया है साथ ही इनकी आजीविका संवर्धन हेतु गौठान के अन्य क्रियाकलापों से जोड़ा गया हैं।

 

चारागाह में चारों ओर फलदार वृक्ष एवं गेंदा के पौधें लगाये गये है, जिससे स्व सहायता समूह को अतिरिक्त आय की प्राप्ति हो रही हैं। चारागाह में 1.5 एकड़ में नेपियर घास लगाया गया है। 1.5 एकड़ में रामजानकी स्व सहायता समूह द्वारा बाड़ी लगाकर सब्जी उत्पादन किया जा रहा है जिससे अभी तक दृ 30 हजार की की आमदनी हुई है।

 

50 हजार की बेची गब्जियां

पशुओं के चारा हेतु 1.5 एकड़ क्षेत्र में चारागाह का निर्माण किया गया है, जिसमें नेपियर घास का उत्पादन किया जा रहा है। बाड़ी विकास अंतर्गत जय मां तुलसी स्व-सहायता समूह द्वारा बाड़ी में विभिन्न प्रकार की साग-सब्जियों का उत्पादन कर बाजार में विक्रय किया जा रहा है, जिससे इस समूह द्वारा लगभग 50 हजार की साग-सब्जी बेचकर लाभ कमाया। का विक्रय कर लाभ प्राप्त किया गया है। मां दूर्गा स्व-सहायता समूह द्वारा पशुधन विभाग से सहायता प्राप्त कर मुर्गी पालन कार्य भी संचालित किया जा रहा है, जिसमें 450 मुर्गी के चूजों का पालन किया जा रहा है।
महात्मा गांधी नरेगा योजनांतर्गत गौठान में 01 नग सार्वजनिक कुंआ का निर्माण किया गया है, जिससे सिंचाई कर बाड़ी में फलदार पौधें एवं नार वाली सब्जियों का उत्पादन किया जा रहा है। जय मां तुलसी स्व-सहायता समूह द्वारा उक्त निर्मित कुआं में मछली पालन कर 3000.00 की मछलियों बेची गयी है। साथ ही गौठान में पशुओं के पीने के पानी हेतु 03 नग पानी टंकी एवं 04 नग कोटना का निर्माण किया गया है। पशुओं के लिये 02 नग पशु शेड, 03 नाडेप टैंक, 29 नग वर्मी टैंक, बकरी एवं मुर्गी हेतु 01-01 नग शेड निर्माण किया गया है। गौठान के चारों ओर फलदार वृक्ष एवं गेंदाफूल के पौधों को भी लगाया गया है।

जय मां शारदा स्व-सहायता समूह द्वारा चारागाह की देखरेख सहित 0.5 एकड़ में गेंदाफूल का उत्पादन किया रहा है जिससे समूह को तीन हजार रुपये की आमदनी हुई है। साथ ही इस समूह द्वारा पशुधन विभाग के अनुदान द्वारा 450 मुर्गी के चुजे प्राप्त कर मुर्गीपालन का कार्य भी किया जा रहा है इसके साथ ही उक्त गौठान में स्व सहायता समूह हेतु बकरी पालन हेतु शेड निर्माण कार्य पूर्ण किया जाकर पशुधन विभाग को प्रकरण प्रस्तुत किया गया है। गोधन न्याय योजनांतर्गत ग्राम पंचायत राटाकाट के गौठान में 20 जुलाई 2020 से गोबर खरीदी का कार्य जय मां शारदा स्व-सहायता समूह द्वारा किया जा रहा है, जो कि आजपर्यन्त तक कुल 30 क्विंटल खाद तैयार कर विक्रय किया गया है जिससे  तीस हजार  का लाभ मिला है।

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