सुप्रीम कोर्ट ने इंटरनेट, नेटफिलिक्स, Amazon Prime फ्री करने वाली याचिका खारिज की…. लगायी फटकार, कहा- क्या कुछ भी याचिका दाखिल कर देंगे?

नयी दिल्ली 27 अप्रैल 2020। लॉकडाउन के दौरान सुप्रीम कोर्ट में तरह-तरह की याचिकाएं दाखिल हो रही हैं।एक और याचिका में कहा गया है कि घर में बैठे परेशान हो रहे लोगों को सभी टीवी चैनल और इंटरनेट सेवा मुफ्त में मिलनी चाहिए। इस याचिका पर आज सुप्रीम ने याचिकाकर्ता को कड़ी फटकार लगायी। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को कहा कि – क्या कुछ भी याचिका दाखिल कर देंगे।

आपको बता दें कि लॉकडाउन के दौरान अनलिमिटेड कॉलिंग और इंटरनेट, फ्री DTH और फ्री नेटफ्लिक्स, अमेज़न प्राइम की मांग करने की याचिका दायर की गयी थी, इस याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। जजों ने याचिकाकर्ता से कहा कि- क्या आप कुछ भी दाखिल कर देंगे? मनोहर प्रताप नाम के वकील ने याचिका दाखिल की थी। वकील मनोहर प्रताप ने याचिका में कहा था कि लोग कोरोना जैसी गंभीर बीमारी से घबराए हुए हैं। ऊपर से वह घरों में बंद हैं। इन बातों का मनोवैज्ञानिक दबाव बहुत ज्यादा है।

इससे निपटने का उपाय है कि उन्हें अनलिमिटेड कॉलिंग और इंटरनेट की सुविधा दी जाए। मोबाइल कंपनियों से यह कहा जाए कि लोगों से फोन कॉल या इंटरनेट के इस्तेमाल के पैसे न लें। इस याचिका में यह मांग भी की गई है कि सुप्रीम कोर्ट डीटीएच कंपनियों से यह कहे कि वह अपनी सेवाएं मुफ्त कर दें। लोग जो भी चैनल देखना चाहते हैं, उन्हें देखने दिया जाए। किसी भी चीज के पैसे न लिए जाएं। याचिकाकर्ता यह भी चाहते हैं कि नेटफ्लिक्स, अमेज़न प्राइम वगैरह पर जिस वीडियो कंटेंट के पैसे लिए जाते हैं, उन्हें अभी फ्री कर दिया जाए। लोगों को तमाम वीडियो कंटेंट फ्री में देखने दिया जाए।

ये कोई पहला मामला नहीं है जब कोरोना संकट को लेकर अजीबो गरीब याचिका दायर की गयी हो। इससे पहले एक याचिका में कहा गया था कि लोग लॉकडाउन को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। इसलिए मामला अब सेना के हवाले कर देने की जरूरत है।

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