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राज्य सूचना आयोग का बड़ा फैसला : RTI की जानकारी नहीं देने वाले अफसर पर लगाया 50 हजार का जुर्माना….वेतन से काटकर पैसे को सरकार के खाते में जमा करने के निर्देश… पढ़िये क्या था मामला

रायपुर 20 जुलाई 2021। राशि भुगतान को लेकर समय पर जानकारी नहीं देने के मामले में सूचना आयोग ने बड़ा फैसला सुनाया है। सूचना आयुक्त ने ईरीगेशन विभाग के जनसूचना अधिकारी व कार्यपालन अभियंता को 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। ये रकम वेतन से कटौती की जायेगी। दरअसल RTI एक्टिविस्ट डीके सोनी ने कार्यालय कार्यपालन अभियंता जल संसाधन संभाग क्रमांक 2 रामानुजगंज के समक्ष दिनांक 8/10/ 2014 एवं 10/4/2014 को सूचना के अधिकार के तहत जानकारी देने के लिए आवेदन लगाया गया था। जिसमें कार्यालय से कन्हर नदी एनीकट योजना निर्माण के संबंध में एवं सूर्या ब्रदर्स को माह सितंबर से दिसंबर 2013 तक कितनी राशि भुगतान की गई के संबंध में जानकारी की मांगी गयी थी। लेकिन वक्त पर जानकारी नहीं दी गयी, जिसके बाद डीके सोनी ने प्रथम अपील दिनांक 18/11/2014 एवं 12/5/2014 को प्रथम अपीलीय अधिकारी के समक्ष प्रथम अपील प्रस्तुत किया। जिसमें प्रथम अपीलीय अधिकारी ने दिनांक 28/11/2014 एवं 9/6/2014 को आदेश पारित करते हुए जानकारी निःशुल्क में प्रदान करने को कहा, लेकिन जानकारी नहीं दी गयी। जिसके बाद डीके सोनी ने 31/1/2015 एवं 5/7/2014 को धारा 18 के तहत राज्य सूचना आयोग में शिकायत प्रकरण क्रमांक सी/59/2015 एवं शिकायत प्रकरण क्रमांक सी/587/2014 प्रस्तुत किया।

राज्य सूचना आयोग ने इस प्रकरण को पंजीबद्ध करते हुए जन सूचना अधिकारी कार्यालय कार्यपालन अभियंता जल संसाधन संभाग क्रमांक 2 रामानुजगंज को नोटिस जारी किया तथा तत्कालिक जन सूचना अधिकारी एनसी सिंह से जवाब मंगाया गया एवं विधिवत सुनवाई करते हुए दिनांक 5/4/2021 एवं 9/4/2021 को शिकायत प्रकरण क्रमांक सी/59/2015 एवं सी/587/2014 में आदेश पारित करते हुए राज्य सूचना आयोग के सूचना आयुक्त मनोज त्रिवेदी द्वारा एन०सी०सिंह तत्कालीन जन सूचना अधिकारी कार्यालय कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग क्रमांक 2 रामानुजगंज को 25000- 25000/- रुपए कुल 50,000/- रुपए का अर्थदंड धारा 20(1) के तहत लगाया गया है। कार्यालय अधीक्षण अभियंता श्याम बरनाई परियोजना मंडल अंबिकापुर जिला सरगुजा छत्तीसगढ़ एवं अधीक्षण अभियंता जल संसाधन विभाग जिला सरगुजा  द्वारा इनके वेतन से उक्त राशि शासन के खाते में जमा कर राज्य सूचना आयोग में पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया।

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