Begin typing your search above and press return to search.

चोट लगने के बाद भी खेलते रहे प्रणय, जानिए फिर कैसे प्रणय ने इतिहास में दर्ज कराया भारत का नाम

चोट लगने के बाद भी खेलते रहे प्रणय, जानिए फिर कैसे प्रणय ने इतिहास में दर्ज कराया भारत का नाम
X
By NPG News

नईदिल्ली 14 मई 2022 I भारतीय बैडमिंटन टीम पहली बार थॉमस कप के फाइनल में पहुंची है। सेमीफाइनल में डेनमार्क के खिलाफ टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन किया। पहले मैच हारने के बाद भारतीय टीम ने 3-2 से शानदार जीत दर्ज की और प्रतियोगिता में अपना पदक पक्का कर लिया। अब भारत को कम से कम रजत पदक जरूर मिलेगा। इस मैच में भारत के एच एस प्रणय ने सभी का दिल जीत लिया। कोर्ट में चोटिल होने के बावजूद प्रणय ने हार नहीं मानी और दर्द के साथ खेलते रहे। अंत में उन्होंने जीत हासिल की और अपने देश को भी फाइनल में पहुंचाया।

इसके बाद मुकाबले के दौरान वो दर्द में भी नजर आए. मगर भारतीय खिलाड़ी ने हार नहीं मानी और पहला गेम गंवाने के बावजूद जोरदार वापसी की और इतिहास के पन्‍ने पर अपना नाम दर्ज करवा लिया. प्रणय ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में हार न मानने की मानसिकता ने उन्हें दर्द में भी खेलने के लिए प्रेरित किया. प्रणय ने 13-21, 21-9, 21-12 से जीत दर्ज कर भारत का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज करा दिया.

मैच के बाद भारतीय खिलाड़ी ने कहा कि दिमाग में बहुत सी बातें चल रही थीं. फिसलने के बाद मुझे दर्द हो रहा था. मैं ठीक से चल भी नहीं कर पा रहा था. दिमाग में हार नहीं मानने की बात चल रही थी. प्रणय ने कहा कि मैं बस कोशिश करके देखना चाहता था कि चीजें कैसी चल रही है. मैं प्रार्थना कर रहा था कि दर्द न बढ़े. मेरा दर्द दूसरे गेम के दौरान कम होने लगा था और तीसरे गेम के दौरान मैं काफी बेहतर महसूस कर रहा था. प्रणय ने कहा कि हमने दूसरे और तीसरे गेम में जिस रणनीति का इस्तेमाल किया, वह बहुत महत्वपूर्ण था. रणनीति दबाव बनाए रखने की थी और मुझे पता था कि अगर मैं दूसरे हाफ में अच्छी बढ़त बनाता हूं तो मुकाबले में बने रहने का एक और मौका मिलेगा.

Next Story