खेल मंत्री अनुराग ठाकुर का प्रदर्शनकारी पहलवानो को सरकार से वार्ता का न्योता
युवा मामले और खेल मंत्री ने यह जानकारी बुधवार आधी रात को अपने सोशल मीडिया ट्विटर के माध्यम से दी।

खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने प्रदर्शनकारी पहलवानो को सरकार से वार्ता करने के लिए फिर न्योता दिया है। युवा मामले और खेल मंत्री ने यह जानकारी बुधवार आधी रात को अपने सोशल मीडिया ट्विटर के माध्यम से दी।
The government is willing to have a discussion with the wrestlers on their issues.
— Anurag Thakur (@ianuragthakur) June 6, 2023
I have once again invited the wrestlers for the same.
"सरकार पहलवानों से उनके मुद्दों पर चर्चा करने को तैयार है।
मैंने एक बार फिर पहलवानों को इसके लिए आमंत्रित किया है।"
ठाकुर का यह बयान प्रदर्शनकारी पहलवानो की गृह मंत्री अमित शाह के साथ दिल्ली राजधानी में शाह के घर पर हुई बैठक के चार दिन बाद आया है।
प्रदर्शनकारी पहलवान बजरंग पुनिया ने बताया था कि हम लोग गृह मंत्री के साथ उनके घर पर मिले थे। पर आगे मीटिंग के बारे में कुछ भी बताने से साफ़ मना कर दिया था। पता चला है की ये बैठक, दो घंटे से ज्यादा समय तक चली और आधी रात के बाद समाप्त हुई। इस बैठक में ओलंपिक पदक विजेता बजरंग पुनिया और साक्षी मलिक के साथ कई अन्य शामिल थे।
जनवरी २०२३ में कुछ नामी गिरामी भारतीय पहलवानों ने भारतीय कुश्ती संघ के उस समय के अध्यक्ष भाजपा संसद बृजभूषण शरण सिंह पर महिला पहलवानों के यौन शोषण के आरोपों की जांच की मांग के लिए विरोध प्रदर्शन शुरू किया था । ये पहलवान अपनी इस मांग के लिए जंतर मंतर पर बैठ गए थे । इनमे टोक्यो ओलिंपिक पदक विजेता बजरंग पुनिआ, विनेश फोगट, साक्षी मलिक ,अंशु मलिक , सहित अन्य तीस भारतीय पहलवान शामिल थे .
केंद्र सरकार की जांच कमेटी के आश्वासन के बाद पहलवानों ने जनवरी 2023 में ही धरना समाप्त कर दिया था। मैरी कॉम के नेतृत्व में एक निगरानी समिति का गठन किया गया, लेकिन उनके द्वारा की गई रिपोर्ट को अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है ।
पहलवानो ने अपना विरोध प्रदर्शन 23 अप्रैल 2023 को जंतर मंतर पर फिर से शुरू कर दिया। दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप पर प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कर दी। किसान संगठन जैसे कई संगठनों और अधिकांश सभी विपक्षी दलों ने सरकार पर सत्तारूढ़ दल के सदस्य बृजभूषण शरण सिंह को बचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। अभिनव बिंद्रा, नीरज चोपड़ा, सानिया मिर्जा, हरभजन सिंह, सुनील छेत्री, अनिल कुंबले, वीरेंद्र सहवाग, ८३ का क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम समेत कई प्रमुख एथलीटों ने भी पहलवालों को अपना समर्थन दिया। दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। FIR होने पर भी शरण की गिरफ्तारी न होने पर ये आंदोलन और तेज हो गया।
28 मई 2023 को, न्यू पार्लियामेंट हाउस के प्रधानमंत्री मोदी द्वारा होने वाले उद्घाटन के दिन पहलवानो ने संसद की और नियोजित कूच की कोशिश की पर दिल्ली पुलिस ने रोका और गिरफ्तार किया। हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने उन्हे बलपूर्वक दमनकारी तरीके से पकड़ा है। इस झड़प और हिरासत के बाद, दिल्ली पुलिस ने घटना स्थल से प्रदर्शनकारी पहलवानों की चारपाई, गद्दे, कूलर के पंखे और तिरपाल की छत को हटा दिया और ये साफ किया है की, अब जंतर मंतर पर पहलवानो को स्थायी धरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
30 मई 2023 को, बजरंग पुनिया , साक्षी मलिक और विनेश फोगट इस विरोध में अपने पदक गंगा नदी में फेंकने के लिए गए । पर नरेश टिकैत समेत कई अन्य किसान नेताओं द्वारा उन्हे पदक गंगा में बहाने से रोक दिया गया। बृजभूषण की गिरफ्तारी की मांग अभी भी पहलवान मांग रहे हैं।
उधर आरोपी बृजभूषण शरण सिंह इन सब आरोपों को सिरे से नकार रहे हैं। पहलवानो को दिल्ली पुलिस की तरफ से बड़ा झटका लगा, सूत्रों से पता चला है की पहलवानों ने सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन शोषण के जो आरोप लगाए थे अभी तक की जांच में ऐसे कोई सबूत नहीं मिले हैं कि जिससे उनको गिरफ्तार किया जा सके।
अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने दिल्ली पुलिस द्वारा भारतीय पहलवानों के साथ किए गए व्यवहार को 'बहुत परेशान करने वाला' और डब्ल्यू एफ आई के पूर्व प्रमुख बृज भूषण सिंह के खिलाफ तुरंत जांच के लिए कहा है ।
अंतर्राष्ट्रीय कुश्ती निकाय यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने भी दिल्ली पुलिस के व्यवहार की निंदा की। उन्होंने नए WFI प्रशासन के चुनाव के लिए 45 दिनों की समय सीमा प्रदान की अन्यथा कहा की चुनाव न होने पर WFI निलंबति कर दी जाएगी।
इसी वजह से 2023 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप को नई दिल्ली , भारत से अस्ताना , कजाकिस्तान में स्थानांतरित कर दिया गया।
शाह के साथ बैठक में पहलवानों ने जल्द ही एक मजबूत चार्जशीट दायर करने की मांग की है। और मंत्री ने इस मुद्दे पर आश्वासन के साथ कहा है की कानून की उचित प्रक्रिया का पालन करने की भी जरूरत है।
