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सुनील गावस्कर ने WTC फाइनल में चेतेश्वर पुजारा को "बलि का बकरा" बनाने के लिए BCCI के चयन पैनल की आलोचना की

सुनील गावस्कर ने खराब प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को बख्शते हुए सिर्फ चेतेश्वर पुजारा को भारतीय टेस्ट टीम से बाहर करने के लिए चयनकर्ताओं की आलोचना की, उनके फैसले पर सवाल उठाया और पुजारा के अनुभव और योगदान पर प्रकाश डाला।

सुनील गावस्कर ने WTC फाइनल में चेतेश्वर पुजारा को बलि का बकरा बनाने के लिए BCCI के चयन पैनल की आलोचना की
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आभार इंस्टाग्राम 

By Anil

एनपीजी न्यूज नेटवर्क प्रसिद्ध पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल में भारत की अधिकतर सभी बल्लेबाजों की विफलता के लिए चेतेश्वर पुजारा को "बलि का बकरा" बनाने के लिए चयनकर्ताओं की आलोचना की है। BCCI ने एक आश्चर्यजनक कदम में, पुजारा को वेस्टइंडीज के खिलाफ 12 जुलाई से शुरू होने वाली आगामी दो मैचों की श्रृंखला के लिए भारतीय टेस्ट टीम से बाहर कर दिया है।

गावस्कर ने अपना असंतोष व्यक्त करते हुए पुजारा को बाहर करने के पीछे के तर्क पर सवाल उठाया और भारतीय क्रिकेट में उनके अमूल्य योगदान की सराहना की। उन्होंने पुजारा को एक वफादार और विनम्र खिलाड़ी बताया, जिन्होंने टीम के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। गावस्कर ने ये बात स्पोर्ट्स टुडे से इंटरव्यू के दौरान कही.

पूर्व भारतीय कप्तान ने चयनकर्ताओं से पुजारा को टीम से बाहर करने और जबकि अन्य खिलाड़ियों जिनकी परफॉरमेंस भी डब्ल्यूटीसी फाइनल में बेकार थी , उनको वेस्ट इंडीज दौरे के लिए टीम में शामिल करने के कारण पूछे हैं।

गावस्कर ने आगे कहा कि पुजारा के पास बड़े पैमाने पर सोशल मीडिया फॉलोअर्स की कमी है, जो संभावित रूप से सार्वजनिक आक्रोश का कारण बन सकती है, इसलिए टीम से उनको निकालने का यह एक कारण हो सकता है। पर इस निर्णय ने उन्हें आश्चर्यचकित कर दिया है। आजकल मीडिया की चयन समिति अध्यक्ष के साथ कम बातचीत होती है, इसलिए खिलाड़ी का सिलेक्शन किस लिए हुआ या नहीं यह स्पष्ट नहीं हो पाता।

2022 सीज़न के बाद से काउंटी क्रिकेट में पुजारा के शानदार प्रदर्शन के बावजूद, 35 वर्षीय बल्लेबाज भारतीय टीम के लिए वैसा प्रदर्शन नहीं कर सके। हालाँकि, गावस्कर का मानना है कि पुजारा को टीम से बाहर नहीं किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि पुजारा को लाल गेंद से क्रिकेट खेलने का व्यापक अनुभव है। इसमे काउंटी क्रिकेट में उनका अनुभव भी शामिल है, जो उन्हें खेल की बारीकियों से अच्छी तरह परिचित कराता है।

गावस्कर ने अजिंक्य रहाणे के अलावा डब्ल्यूटीसी फाइनल में भारत की बल्लेबाजी अधिकतर फ्लॉप रही। उन्होने सवाल किया कि सिर्फ पुजारा को ही बलि का बकरा क्यों बनाया गया। उन्होंने चयनकर्ताओं से अपने फैसले के लिए साफ कारण बताने का मांग की। क्योंकि इस प्रकार पुजारा का बाहर होना कई चिंताएं और अनिश्चितताएं पैदा करता है।

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