स्पेशल स्टोरीः राहुल गांधी ने भूपेश सरकार की थपथपाई पीठ, बोले…किसानों, गरीबों, आदिवासियों और जरूरतमंदों की मदद की योजनाओं के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ अग्रणी राज्य, सीएम भूपेश बोले, राजीव ने देश को नई उंचाई पर ले जाने का सपना देखा था

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रायपुर, 20 अगस्त 2020। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं के लिए सराहना की है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि किसानों, गरीबों, आदिवासियों और जरूरतमंदों की मदद की योजनाओं के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ पूरे देश में अग्रणी राज्य है।
मौका था पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न राजीव गांधी की जयंती का। राजीव जयंती को यादगार बनाने के लिए तीन सरकारी और एक पार्टी का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। राज्य सरकार ने किसानों को राजीव न्याय योजना की दूसरी किश्त, गोधन योजना की दूसरी किश्त और आदिवासियों को तेंदूपत्ता की प्रोत्साहन राशि प्रदान किया। इस कार्यक्रम में दिल्ली से राहुल गांधी भी वीडियोकांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे।
राहुल गांधी छत्तीसगढ़ राज्य में सभी वर्गों की भलाई और बेहतरी के लिए प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की और इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित मंत्रीगणों को बधाई दी। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित समारोह में राज्य के किसानों, तेंदूपत्ता संग्राहकों और गोबर विक्रेता ग्रामीणों के खाते में 1737.50 करोड़ रुपए की राशि के अंतरण के लिए आयोजित समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राहुल गांधी ने संबोधित भी किया।
उन्होंने आगे कहा कि हमारी सरकार किसानों, गरीबों, आदिवासियों, मजदूरों के हितों की रक्षा करने वाली सरकार है। छत्तीसगढ़ राज्य में इन वर्गों की भलाई के लिए राज्य सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हम किसानों, गरीबों, आदिवासियों, मजदूरों के हितों की रक्षा इसलिए करते हैं, क्योंकि हम समझते हैं कि हिंदुस्तान को आगे ले जाने वाले यही लोग हैं। इनके हितों की रक्षा किए बिना देश आगे नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश में दो अर्थव्यवस्थाएं हैं एक संगठित अर्थव्यवस्था, जिसमें बड़ी-बड़ी कंपनियां शामिल हैं, दूसरी असंगठित अर्थव्यवस्था, जिसमें हमारे किसान, मजदूर, छोटे दुकानदार और लाखों-करोड़ों गरीब लोग हैं। हमारी सरकारें दोनों अर्थव्यवस्थाओं में संतुलन बनाकर काम करती हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि राज्य में किसानों, ग्रामीणों, मजदूरों एवं आदिवासियों को विभिन्न योंजनाओं एवं कार्यक्रमों के माध्यम से मदद पहुंचाकर हम राजीव जी के सपनों को साकार करने की दिशा में बढ़ रहे हैं। इस समारोह में अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री मोतीलाल वोरा, राज्यसभा सांसद श्री पी.एल पुनिया भी ऑनलाइन शिरकत की।
समारोह के प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल एवं मंत्रीगणों ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री राजीव गांधी के तैल-चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आगे कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री राजीव गांधी ने देश को नयी ऊंचाइयों में ले जाने का सपना देखा था। संचार-क्रांति, कंप्यूटर, 18 वर्ष की आयु में मतदान का अधिकार, पंचायत-राज की स्थापना और अनुसूचित जाति-जनजाति के कल्याण के लिए वे लगातार काम करते रहे। श्री बघेल ने बताया कि आज अंतरित की जा रही राशि में राजीव गांधी किसान न्याय योजना के दूसरी किस्त के 1500 करोड़ रुपए, गोधन न्याय योजना के 4 करोड़ 50 लाख रुपए और तेंदूपत्ता संग्राहकों के प्रोत्साहन पारिश्रमिक के 232.81 करोड़ रुपए शामिल हैं। राजीव गांधी किसान न्याय योजना की शुरुआत 21 मई 2020 को श्री राजीव गांधी की शहादत पुण्यतिथि के अवसर पर की गई थी। उसी दिन पहली किस्त के 1500 करोड़ रुपए 19 लाख किसानों के खातों में सीधे अंतरित किए गए थे। छत्तीसगढ़ सरकार की इस योजना के तहत किसानों को चार किश्तों में 5750 करोड़ रुपये की आदान सहायता राशि दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोधन न्याय योजना के तहत राज्य शासन द्वारा दो रूपए प्रति किलो की दर से गोबर की खरीदी की जा रही है। इस योजना की शुरुआत 20 जुलाई हरेली पर्व के दिन से की गई थी। योजना के तहत क्रय किए जा रहे गोबर का भुगतान 15-15 दिवस के भीतर किये जाने का निर्णय लिया गया था। आज 77 हजार 97 गोबर विक्रेता ग्रामीणों एवं पशुपालकों को 4 करोड़ 50 लाख रुपए का दूसरा भुगतान किया गया है। इससे पूर्व 5 अगस्त को इस योजना के तहत गोबर विक्रेताओं को 01 करोड़ 65 लाख रुपए की राशि का भुगतान किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौठानों में क्रय किए जा रहे गोबर से वर्मी कम्पोस्ट खाद का निर्माण होगा। इसके लिए स्व सहायता समूहों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। गोधन न्याय योजना से ग्रामीणों की आय में वृद्धि होगी। 15 अगस्त तक राज्य में 06 करोड़ 17 लाख मूल्य का 03 लाख क्विंटल से ज्यादा गोबर खरीदा जा चुका है।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि राज्य शासन द्वारा गोधन न्याय योजना को सर्वाधिक महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब योजना की शुरुआत हुई थी, तब केवल 2400 गौठानों में गोबर खरीदा जा रहा था। मात्र एक माह के भीतर आज 4400 गौठानों में गोबर की खरीदी होने लगी है। उन्होंने कहा कि गौठानों में गोबर बेचने वालों में 71 प्रतिशत से अधिक भूमिहीन ग्रामीण शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोधन न्याय योजना रोजगार बढ़ाने वाली योजना है। गौठानों को हम आजीविका केंद्र के रूप में विकसित कर रहे हैं। यहां एक एकड़ जमीन औद्योगिक गतिविधियों के लिए सुरक्षित की गई है, जहां स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार छोटे उद्योग धंधों का संचालन किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोधन न्याय योजना से पशुओं के संरक्षण एवं संवर्धन, पर्यावरण स्वच्छता, गो पालकों की आय-वृद्धि, फसल चराई पर रोक तथा जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी जी के सपने के अनुरूप छत्तीसगढ़ श्वेत-क्रांति की ओर कदम बढ़ाने लगा है। उन्होंने कहा कि यह एक क्रांतिकारी योजना है। ग्रामीणों ने इसे अपनी योजना मानकर हाथों-हाथ लिया है।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि राज्य के तेंदूपत्ता संग्राहकों को आज 233 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि दी गई है, इससे पूर्व वर्ष 2018 संग्रहण वर्ष में 371 करोड़ रुपए का पारिश्रमिक वितरित किया गया था। इससे राज्य के 12 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों की आय में 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि 4000 रुपए प्रति मानक बोरा की दर से तेंदूपत्ता की खरीदी का वादा हमने निभाया है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरु की गई शहीद महेंद्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके जरिये संग्राहकों को बीमा योजना जैसा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि दुर्घटना एवं मृत्यु होने की स्थिति में इसके जरिये पीड़ित संग्राहक परिवारों को राशि का भुगतान एक माह के भीतर किया जाएगा, जबकि पूर्व की बीमा योजना के तहत प्रकरण के निपटारे में सालभर का समय भी लग जाया करता था।

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