छत्त्तीसगढ़ के किसानों के हितों की रक्षा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र 27 एवं 28 अक्टूबर को प्रस्तावित

राज्य में एक दिसंबर से धान खरीदी शुरू होने से पहले विशेष सत्र आवश्यक

राज्य के किसानों के हितों का संवर्धन एवं संरक्षण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है: कृषि मंत्री चौबे

विशेष सत्र की अनुमति के लिये राज्य सरकार ने अनुरोध सहित राज्यपाल को पुनः भेजी फाइल

रायपुर, 20 अक्टूबर 2020। छत्तीसगढ़ के किसानों के हितों की रक्षा के लिए राज्य सरकार द्वारा विधानसभा का विशेष सत्र 27 एवं 28 अक्टूबर को आहूत किए जाने का प्रस्ताव है। कृषि एवं संसदीय कार्य मंत्री रविन्द्र चौबे ने बताया कि हाल ही में संसद द्वारा कृषि क्षेत्र में तीन नये कानून बनाए गए है। इन कृषि कानूनों से छत्तीसगढ़ के किसानों के हित भी प्रभावित होंगे, जिसे देखते हुए यह आवश्यक है कि धान खरीदी के पहले राज्य के किसानों के हितों को सुरक्षित रखने एवं उनकी आशंकाओं को दूर करने के लिए राज्य विधानसभा के माध्यम से नया कानून बनाया जाए। राज्य के किसानों के हितों का संवर्धन एवं संरक्षण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसे दृष्टिगत रखते हुए ही छ.ग. कृषि उपज मण्डी अधिनियम 1972 में आवश्यक संशोधन किया जाना है।
मंत्री चौबे ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में एक दिसंबर 2020 से धान की खरीदी होने जा रही है। शीतकालीन सत्र दिसंबर के अंतिम सप्ताह में ही आहूत होगा। अतः यह आवश्यक है कि वर्तमान प्रस्तावित विशेष सत्र एक दिसंबर से पूर्व ही आहूत किया जाए। इस सत्र को आहूत करने का प्रस्ताव राज्य सरकार के संवैधानिक अधिकारों के तहत ही किया गया है।
मुख्यमंत्री जी द्वारा राज्य के किसानों के हितों की सुरक्षा की आवश्यकता को देखते हुए राज्यपाल महोदया से विधानसभा सत्र आहूत करने की शीघ्र अनुमति प्रदान करने का अनुरोध करते हुए पुनः फाइल भेजी गई है।

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