
मुंबई 29 मई 2020 सोनू सूद… आजकल ये नाम हर किसी की जुबान पर चढ़ा हुआ है और भला हो भी क्यूं ना, कोरोना संकट की इस घड़ी में सोनू सूद प्रसावी मजदूरों (Migrant Workers) के लिए किसी फरिश्ते से कम नहीं. तो चलिए आपको इस रिपोर्ट के जरिये समझाते हैं कि आखिर सोनू कैसे बन गए रियल लाइफ के हीरो.
कोरोनावायरस ने विश्व भर में ऐसा कहर बरपाया जिससे कोई भी अछूता नहीं. भारत देश मे इसका सबसे ज्यादा असर महाराष्ट्र राज्य में देखने को मिला, जिसमें मायानगरी मुम्बई सबसे ज्यादा प्रभावित है. जैसे ही इस महामारी ने मायानगरी में अपने पैर पसारने शुरू किए वैसे ही प्रवासी मजदूर अपने-अपने घरों की ओर जाने की आस लगाने लगे. लॉकडाउन के चलते इन मजदूरों का अपने-अपने गंतव्य तक पहुंचना लगभग ना मुमकिन ही लग रहा था.
कोई पैदल चल पड़ा तो किसी ने साइकिल उठा ली. कोई बैलगाड़ी के सहारे तो कोई अपने मां-बाप को कंधो पर ही बिठा कर रवाना हो गया. मज़दूरों की ऐसी स्थिति देखकर बॉलीवुड के अभिनेता सोनू सूद का कलेजा भी कांप उठा और सोनू इस मुसीबत की घड़ी में इन मज़दूरो की मदद करने से खुद को रोक नहीं पाए. लगातार सोनू सूद ने प्रवासी मज़दूरो को उनके राज्यो में पहुचाने के लिए बसों का प्रबंध कराया और आये दिन तस्वीरे सामने आती रही कि कैसे सोनू ने ये सब किया.
