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भाभी ही निकली ट्रिपल मर्डर की मास्टर माईंड ………18 अप्रैल को भी किया था वारदात को अंजाम देने का प्रयास …… पढिये मर्डर की पूरी कहानी

कोरबा 21 अप्रैल 2021। कोरबा में पूर्व डिप्टी सीएम के छोटे बेटे-बहु और पोती की निर्मम हत्या की मास्टर माईंड घर की ही बड़ी बहू और मृतक हरीश कंवर की भाभी निकली। मृतक हरीश कंवर के बड़े भाई हरभजन की पत्नी ने अपने पति और बेटी के साथ मिलकर इस हत्याकांड की साजिश रची, और फिर हरभजन की पत्नी ने अपने भाई परमेश्वर और उसके एक अन्य साथी से इस हत्याकांड को अंजाम दिया। पुलिस की माने तो हरभजन और उसकी पत्नी ने 18 अप्रैल को ही इस हत्याकांड को अंजाम देने की योजना बना ली थी। उस दिन भी आरोपी तड़के भैसमा पहुंच थे, लेकिन वो अपने मंसूबे में कामयाब नही हो सके। लेकिन 21 अप्रैल की सुबह आरोपियों ने शराब के नशे में इस खूनी वारदात को अंजाम दे दिया। कोरबा एस.पी.अभिषेक मीणा ने बताया कि सुबह के वक्त जैसे ही इस हत्याकांड की जानकारी मिली तो वे खुद पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर विभत्स तरीके से हुए इस हत्याकांड को देखने के बाद पुलिस अधिकारियों ने पहले ही इस पूरे वारदात में करीबियों के शामिल होने का शक हो गया था। लिहाजा मौके से जांच में सुबह 4 बजें घर से टहलने निकले हरभजन के मोबाईल की जांच की गयी, जिसमें सुबह 4 बजें के कुछ देर बाद ही कुछ मैसेज डिलीट मिले, वही पुलिस को हरभजन और उसके परिवार के घर से बाहर निकलने के कुछ देर बाद ही बाईक पर सवार 2 लोगों के घर में घुसने के सीसीटीवी फूटेज भी मिले। पुलिस इन अहम सबूतो के आधार पर मामले की तफ्तीश करना शुरू की, तभी पता चला कि हरभजन का साला करतला स्वास्थ केंद्र में जख्मी हालत में भर्ती है। फिर क्या था पुलिस टीम ने फौरन करतला अस्पताल पहुंचकर घायल परमेश्वर कंवर से पूछताछ करने के साथ ही उसके मोबाईल की जांच की, जिसमें हरभजन के मोबाईल से घर का दरवाजा खुला होने का मैसेज मिला। पुलिस ने इस अंधे कत्ल की कड़ियो को पिरोकर इस हत्याकांड में शामिल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मृतक हरीश कंवर का बड़ा भाई हरभजन कंवर, भाभी धनकुंवर, नाबालिंग भतीजी सहित साला परमेश्वर कंवर और रामप्रसाद सहित एक अन्य आरोपी शामिल है।

हत्या के बाद 112 से अस्पताल पहुंचा हत्यारा

सनसनीखेज हत्याकांड को अंजाम देने वाले परमेश्वर कंवर ने अपनी बहन के कहने पर अपने साथी रामप्रसाद के साथ मिलकर पहले तो इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया। फिर मौके से भागने के वक्त खून से सने कपड़ो को जलाने की कोशिश की और हत्या में प्रयुक्त धारदार हथियार को नोनबिर्रा के तालाब में फेंक दिया। पुलिस को गुमराह करने के लिए परमेश्वर ने अपने भाई से वारदात में प्रयुक्त बाईक को जहां ठिकाने लगवा दिया, वही इस हत्याकांड से बचने के लिए उसने नोनबिर्रा के पास से डायल 112 और 108 को फोन लगाकर मदद मांगी, खुद को सड़क दुर्घटना में घायल बताकर बकायदा आरोपी परमेश्वर कंवर जहां पुलिस की डायल 112 वाहन से करतला स्वास्थ केंद्र पहुंचकर भर्ती हो गया, वही उसका साथी राम प्रसाद मौके से फरार हो गया। पुलिस टीम ने इस हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाते हुए नाकेबंदी कर लबेद बेरियर के पास से वारदात में शामिल रामप्रसाद को गिरफ्तार कर लिया। वहीं इस पूरी वारदात के मुख्य आरोपी परमेश्वर और उसके भाई को भी गिरफ्तार किया है।

बेटी से मोबाईल पर मैसेज टाईप कराती थी मां

भैसमा में हुए हत्याकांड के मामले में पुलिस ने मृतक हरीश कंवर के बड़े भाई की नाबालिंग बेटी को भी आरोपी बनाया है। पुलिस की माने तो इस हत्याकांड की मास्टर माईंड हरभजन कंवर की पत्नी धनकुंवर अपनी नाबालिंग बेटी से मोबाईल पर मैसेज टाईप कराकर अपने भाई को भेजा करती थी। घटना की सुबह भी घर से निकलने के बाद धनकुंवर ने घर का दरवाजा बाहर से लगा होने का मैसेज नाबालिंग बेटी से टाईप करवाकर अपने भाई को भिजवाया था। इस मैसेज के मिलने के बाद धनकुंवर का भाई परमेश्वर कंवर अपने साथी रामप्रसाद के साथ हरीश कंवर के घर पर पहुंचा और एक साथ तीन लोगों की जघन्य हत्या कर मौके से फरार हो गये। घटना की जानकारी होने के बाद भी नाबालिग बच्ची ने पुलिस को कुछ नही बताया, लिहाजा पुलिस ने इस हत्याकांड की जानकारी होने के बाद भी साक्ष्य छुपाने के आरोप में नाबालिग को आरोपी बनाया है।

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