सिद्धार्थ शुक्ला की हार्ट अटैक से मौत: ये 10 लक्षण हैं खतरनाक, तुरंत नहीं आता हार्ट अटैक, महीनों पहले दिखते हैं ये लक्षण

मुम्बई 2 सितम्बर 2021। बिग बॉस 13 के विजेता और टीवी जगत का जाना माना नाम सिद्धार्थ शुक्ला का बुधवार को निधन हो गया। वे मात्र 40 साल के थे। खबरों की मानें तो हार्ट अटैक के चलते उनका निधन हुआ। इस खबर से टीवी जगत में शोक की लहर है। कई टीवी सेलेब्स उन्हें अपने अपने तरीके से विदाई दे रहे हैं। इस लिस्ट में हिमांशी खुराना, राहुल वैद्य, मनोज मुंतशिर भी शामिल हैं. बता दें कि हाल ही में सिद्धार्थ को ‘बिग बॉस ओटीटी’ के सेट पर देखा गया था. वे ‘बिग बॉस सीजन 13’ के विनर रहे थे।सिद्धार्थ का जन्म मुंबई में हुआ था। उनकी रुचि कभी भी मॉडलिंग और एक्टिंग में नहीं थी। सिद्धार्थ हमेशा से ही बिजनेस करना चाहते थे। अपने लुक्स की वजह से वो लोगों को आकर्षित करते थे।
खराब लाइफस्टाइल और खानपान के कारण लोग कई गंभीर बीमारियों के शिकार हो जाते हैं, इन्हीं में से एक है दिल से जुड़ी बीमारी। हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि हृदय तक जाने वाली खून की नसों में ब्लॉकेज होने पर हार्ट अटैक होता है। फैट, कोलेस्ट्रॉल और अन्य हानिकारक पदार्थों के प्रभाव से ब्लड वेसल्स में ब्लॉकेज आ जाती है। अटैक अचानक ही होता है, फिर चाहे हार्ट का हो या ब्रेन का हो। लेकिन कई महीने या कुछ हफ्तों पहले से शरीर में कुछ ऐसे बदलाव नजर आने लगते हैं, जो हमारे दैनिक जीवन में दखल डालते हैं। मेडिकल की भाषा में हार्ट अटैक को एमआई कहा जाता है यानी मायोकार्डियल इंफ्रेक्शन।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि हार्ट अटैक के लक्षणों की पहचान समय से हो जाती है तो हेल्थ रिस्क कम हो जाता है। उनके मुताबिक हार्ट अटैक के 10 प्रमुख लक्षण दिखते हैं, जानिये
डाइट में इन्हें शामिल करने से बचें: स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि दिल को हेल्दी रखने के लिए कुछ फूड्स से परहेज करना बेहद जरूरी है। चिप्स जैसे पैकेटबंद फूड्स दिल को नुकसान पहुंचा सकते हैं। आलू के चिप्स में ट्रांस फैट, सोडियम, कार्ब्स और सैचुरेटेड फैट जैसे कई तत्व हैं जो दिल के लिए हानिकारक साबित होते हैं। इसके अलावा, तले-भूने खाद्य पदार्थ, जंक फूड, ऑयली फूड खाने से भी बचना चाहिए। वहीं, सोडा, शराब और एनर्जी ड्रिंक्स से परहेज करें।
इन फूड्स को खाने से होगा लाभ: दिल को दुरुस्त रखने के लिए अर्जुन के पेड़ की छाल और दालचीनी से बने काढ़े का रोजाना सेवन करें। माना जाता है कि ये खून को पतला करता है जिससे हार्ट ब्लॉकेज का खतरा कम होता है।
इसके अलावा, लौकी का जूस, तरबूज के बीज, दालचीनी, बेरीज खाने से भी फायदा होगा। बता दें कि इस फल में विटामिन ए, सी, पोटेशियम, मैग्नीशियम और अन्य महत्वपूर्ण पोषक तत्व पाए जाते हैं जो दिल के लिए फायदेमंद होते हैं।
एंजायना पेन
चलने पर काम करते समय छाती में हैवीनेस या भारीपन होता है। जो काम बंद करने के बाद ठीक हो जाता है। एंजायना पेन कहलाता है। यह दिल की बीमारी का एक सामान्य लक्षण होता है और ज्यादतर केसेज में देखने को मिलता है।
सांस फूलना
मिमिक सिंप्टम्स
पोस्टप्रैंडियल एंजाइना
चक्कर आना और घबराहट होना
इस दर्द पर जरूर दें ध्यान
थकान होना
खांसी और हाथ पैर में सूजन होना
तेज पसीना और धड़कनों की रफ्तार
महिलाओं और पुरुषों में अलग लक्षण
सामान्य मरीज और डायबीटीज के पेशंट्स
-यही वजह है कि डायबीटीज के किसी मरीज में अगर हल्का-सा भी चेस्ट पेन हुआ है तब भी उसे सामान्य रोगी की तुलना में हार्ट की बीमारी का अधिक खतरा होता है। इन लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
ट्रेडिशनल रिस्क फैक्टर
स्मोकिंग, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा या फैमिली हिस्ट्री। ये कुछ ऐसे कारक हैं, जो दिल के दौरे के ज्यादातर मरीजों में देखने को मिलते हैं। इसलिए जरूरी है कि अपनी लाइफस्टाइल को सही रखा जाए।
– अगर फैमिली हिस्ट्री की बात करें तो सबसे पहले फर्स्ट डिग्री रिलेटिव्स के बारे में पता किया जाता है। फर्स्ट डिग्री रिलेटिव्स यानी आपके मम्मी-पापा या भाई-बहन। अगर इनमें से किसी को कम उम्र में हार्ट अटैक हुआ है या हार्ट की अन्य बीमारियां हुई हों तो आपको खास ध्यान देना चाहिए।
-क्योंकि जिन लोगों की फैमिली हिस्ट्री में हार्ट अटैक या हार्ट फेल्यॉर के केस होते हैं, उनके इस बीमारी की चपेट में आने की अधिक आशंका होती है। ऐसे में आपको अहतियात के तौर पर अपना रुटीन चेकअप कराते रहना चाहिए।
-खास बात यह है कि जिन लोगों की फैमिली हिस्ट्री में हार्ट पेशंट होते हैं उन्हें तो हार्ट की बीमारी का खतरा होता ही है, साथ ही इनमें भी खासतौर पर ऐसे लोग, जिनके फैमिली मेंबर्स को 50 साल की उम्र से पहले अटैक हुआ हो, उन्हें अपना अधिक खयाल रखने की जरूरत होती है।
