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छत्तीसगढ़ में रेल संरचना विकसित करने SECL की अनूठी पहल… सीडब्ल्यूआरएल के रेल काॅरीडोर निर्माण हेतु ऋण के लिए पूर्ण की फिनान्सीयल क्लोजर की औपचारिकता

छत्तीसगढ़ में रेल संरचना विकसित करने SECL की अनूठी पहल… सीडब्ल्यूआरएल के रेल काॅरीडोर निर्माण हेतु ऋण के लिए पूर्ण की फिनान्सीयल क्लोजर की औपचारिकता
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By NPG News

बिलासपुर 23 जुलाई 2020। ईस्ट-वेस्ट रेल काॅरीडोर को तेजी से विकसित करने हेतु 22 जुलाई को एसईसीएल, ईरकाॅन एवं छत्तीसगढ़ षासन द्वारा स्पांसर सपोर्ट एग्रीमेन्ट पर हस्ताक्षर किए गए। इस प्रकार बैंकों से लिए जाने वाले 3,976 करोड़ रूपये के कर्ज के लिए फिनान्सीयल क्लोजर की औपचारिकता पूर्ण की गयी। इस प्रकार एसबीआई की अगुवाई में बैंकों के समूह से रूपये 3,976 करोड़ के ऋण की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी। यह ऋण इस प्रोजेक्ट के कुल लागत 4,970.11 करोड़ का 80 है। बैंकों के जिस समूह से ऋण लिया जाएगा उनमें स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया, बैंक ऑफ़ बड़ौदा, केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इण्डिया एवं इण्डियन बैंक शामिल हैं।

सीडब्ल्यूआरएल के इस प्रोजेक्ट में 135.30 किलोमीटर ब्राडगेज इलेक्ट्रिफाईड डबल रेलवे लाईन एवं 56 किलोमीटर की कनेक्टिविटी रेलवे लाईन होगी। इस काॅरीडोर के पूर्ण होने से गेवरा रोड से चाम्पा के बीच सिंगल रेल लिंक पर ढुलाई का भार कम होगा एवं यह गेवरा रोड स्टेषन को पेण्ड्रा में बिलासपुर-अनूपपुर-कटनी रेल लाईन को जोड़ने से कोयला परिवहन हेतु सबसे कम दूरी वाला रेल मार्ग मुहैया कराएगा। ईस्ट-वेस्ट रेल काॅरीडोर के प्रमोटर्स द्वारा अभी तक 650 करोड़ की लागत की जा चुकी है। इस लागत से मुख्यतः मेन लाईन में भूमि-अधिग्रहण एवं वन स्वीकृति ली गयी है। अपेक्षा की जा रही है कि यह प्रोजेक्ट मार्च 2023 तक पूर्ण किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ राज्य में रेल काॅरीडोर के निर्माण हेतु एपी पण्डा, सीएमडी एसईसीएल का विषेष प्रयास रहा है। इस रेल काॅरीडोर के निर्माण से कोयला ढुलाई के साथ-साथ लोगों के आवाजाही में सुगमता आएगी। इससे रेल काॅरीडोर के आसपास के क्षेत्रों में विकास होगा एवं वहाॅं के लोगों के लिए अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। इस विचार से सीएमडी एसईसीएल एपी पण्डा द्वारा रेल काॅरीडोर को तेजी से विकसित करने एवं इस कार्य हेतु लगने वाले संसाधन को उपलब्ध कराने पर जोर रहा ताकि इस क्षेत्र के लोगों को अविलम्ब लाभ मिल सके।

ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ राज्य के उत्तरीय क्षेत्र में रेल काॅरीडोर विकसित करने हेतु रेलवे मंत्रालय एवं छत्तीसगढ़ षासन के मध्य 27.02.2012 को समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। एसईसीएल ने, राज्य के इस क्षेत्र में कोयला उत्पादन में अग्रणी कम्पनी होने के कारण, रेल काॅरिडोर विकसित करने के लिए गठित की गयी स्पेषल परपस व्हीकल (एसपीव्ही) में सहभागी होने का निर्णय लिया। इसके अंतर्गत दो रेल काॅरीडोर जिनमें ईस्ट रेल काॅरीडोर (मांड-रायगढ़ कोलफील्ड्स) एवं ईस्ट-वेस्ट रेल काॅरीडोर (कोरबा कोलफील्ड्स) के निर्माण में एसईसीएल की सहभागिता है। इसी श्रृंखला में एसईसीएल, इरकाॅन एवं छत्तीसगढ़ शासन के मध्य 3.11.2012 को ज्वाईंट वेन्चर कम्पनी द्वारा इन दो रेल काॅरीडोर को विकसित करने हेतु समझौता हुआ। समझौते के अंतर्गत इस ज्वाईंट वेन्चर कम्पनी में एसईसीएल की 64ः, इरकाॅन की 26ः एवं छत्तीसगढ़ षासन की 10ः भागीदारी है। यह रेल काॅरीडोर माल ढुलाई के साथ-साथ जन-सामान्य के आवाजाही के लिए भी इस्तेमाल किया जाएगा। इन दोनों रेलवे प्रोजेक्ट्स को ’’स्पेषल रेलवे प्रोजेक्ट’’ का दर्जा प्राप्त है एवं इसके निर्माण के लिए सरकार द्वारा प्राथमिकता दी जा रही है। गत वर्ष 12.10.2019 को ईस्ट रेल काॅरीडोर फेस-1 के खरसिया-कोरीछापर सिंगल रेल लाईन (45 किलोमीटर) शुरू की गयी।

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