SDM गिरफ्तार: CM दे रहे थे भ्रष्टाचार पर भाषण, उसी वक्त महिला SDM ने ली पांच लाख की घूस….

नईदिल्ली 14 जनवरी 2020। राजस्थान में भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ एसीबी (ACB) ने एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। बुधवार सुबह राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) के दो बड़े अफसर एक साथ रिश्वत लेते ट्रैप हुए हैं। इसमें एक बांदीकुई एसडीएम पिंकी मीणा और दूसरे अफसर दौसा एसडीएम पुष्कर मित्तल है। राजस्थान एसीबी ने दोनों अफसरों को 5-5 लाख की घूस लेते ट्रैप किया है।
दरअसल इस मामले में दिलचस्प बात यह है कि जिस समय राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाने की बात कर रहे थे, उसी समय बैठक में शामिल एक एसडीएम फोन पर घूस लेने की बात कर रही थी। राजस्थान की एंटी करप्शन ब्यूरो इस मामले की जांच कर रही है। बता दें कि राजस्थान के दौसा जिले से एक नेशनल हाईवे गुजर रहा है। यहां पर किसानों की जमीनों के अधिग्रहण का काम चल रहा है। दौसा जिले के दो एसडीएम एक बांदीकुई की पिंकी मीणा और दौसा के पुष्कर मित्तल को कंपनी के लिए जमीन अधिग्रहण करवाने का काम दिया गया था। अधिग्रहण को लेकर हुए विवादों की वजह से कंपनी पर मुकदमा चल रहा था, जिसकी सुनवाई एसपी मनीष अग्रवाल कर रहे थे। लेकिन सुनवाई के संबंध में भ्रष्टाचार की शिकायतें आने लगी, इसके बाद एसपी को दौसा जिले से हटा दिया। इसके बाद भी एसपी का दलाल नीरज अधिग्रहण वाली कंपनी पर घूस देने का दबाव बना रहा था। हालांकि दलाल को गिरफ्तार कर लिया गया है।

इसके अलावा बांदीकुई की जिलाधिकारी पिंकी मीणा के पास तभी जमीन अधिग्रहण के लिए दस लाख रुपये देने के लिए फोन आया। एसडीएम ने कहा कि अभी कंपनी के लायजनिंग अधिकारी को दे दो वो बाद में ले लेंगी। इनमें से पांच लाख रुपये दौसा एसडीएम पुष्कर मित्तल को दिए जाने थे। जब एसडीएम की इस बात को एंटी करप्शन ब्यूरो ने सुना तो वो बैठक खत्म होने का इंतजार करने लगी।
जैसे ही एसडीएम बैठक से बाहर निकलीं और पैसे लिए तो ब्यूरो के अधिकारियों ने उन्हें पकड़ लिया। इसके अलावा पुष्कर मित्तल और पिंकी मीणा से पूछताछ चल रही है। गिरफ्तारी के बाद पिंकी मीणा के घर पर पुष्कर मित्तल को लाया गया और दोनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की। एसीबी महानिदेशक बीएल सोनी बताते हैं कि हाइवे निर्माण कम्पनी के मालिक से ही तत्कालीन पुलिस अधीक्षक दौसा मनीष अग्रवाल के नाम से लालसोट रोड पेट्रोल पंप मालिक दलाल नीरज मीणा ने 4 लाख रुपये मंथली बंधी और प्रति एफआईआर में मामला रफा-दफा करने की एवज में 10 लाख रुपये की डिमांड की। इस तरह से दलाल नीरज ने 7 महीने के 4 लाख रुपये प्रतिमाह के हिसाब से 28 लाख और एक एफआईआर के 10 लाख रुपये यानी कुल कुल 38 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई। इस मामले में मंगलवार को दलाल नीरज मीणा को भी गिरफ्तार किया गया। फिलहाल एसीबी की टीमें आरोपियों के घर और अन्य ठिकानों की तलाशी जारी है।

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