संविलियन अधिकार मंच ने फिर जताया सरकार पर भरोसा… विवेक दुबे बोले- 1 जुलाई को हो जाएगा 16 हजार शिक्षाकर्मियों का संविलियन…. शिक्षाकर्मियों में खुशी की लहर…राज्य कार्यालय से आदेश जारी होने का कर रहे हैं इंतजार

रायपुर 26 जून 2020। 1 जुलाई को प्रदेश के 16 हजार शिक्षाकर्मियों का स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन हो जाएगा यह वह शिक्षाकर्मी होंगे जिन्होंने अपने 2 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण कर ली है और विधानसभा में की गई घोषणा के अनुसार 1 जुलाई को इनका संविलियन होना प्रस्तावित है । 3 मार्च को राज्य का बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने घोषणा की थी की 2 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण कर चुके 16 हजार से अधिक शिक्षाकर्मियों का 1 जुलाई को स्कूल शिक्षा विभाग में संविलियन हो जाएगा जिसका अब केवल क्रियान्वयन होना बाकी है , इधर राज्य कार्यालय से अभी तक आदेश जारी न होने से शिक्षाकर्मियों में बेचैनी तो है लेकिन सरकार के प्रति उनका अटूट विश्वास है जो कि उनके ग्रुप के मैसेज देखने से पता चलता है । शिक्षाकर्मियों का साफ कहना है कि मुख्यमंत्री ने विधानसभा में उनके हित में निर्णय लिया है तो लेटलतीफी होने का तो सवाल ही नहीं बनता और 1 जुलाई से ही उनका संविलियन होगा। यह भी सच्चाई है कि इसी प्रकार के अटूट विश्वास और सरकार तक पहुंचाए गए उनके सकारात्मक मैसेज ने शिक्षाकर्मियों को संविलियन की सौगात दिलाई थी और इसके बाद जिस प्रकार का आभार प्रदर्शन संविलियन से वंचित शिक्षाकर्मियों ने सरकार का किया वह उस समय भी नहीं हो पाया था जब एक लाख 10 हजार शिक्षाकर्मियों का संविलियन हुआ था । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के बाद संविलियन अधिकार मंच से जुड़े शिक्षाकर्मियों ने विधानसभा में मंत्रियों और विधायकों को मिठाई खिलाकर इसकी खुशियां बांटी थी उसके बाद सभी जिले के शिक्षाकर्मी अपने अपने क्षेत्र के विधायकों के पास भी पहुंचे थे और उन्हें भी धन्यवाद अदा किया था यही नहीं बड़े-बड़े होर्डिंग बैनर के जरिए संविलियन की लड़ाई में मदद करने वाले स्थानीय नेताओं, विधायकों और मंत्रियों को इसके लिए धन्यवाद अदा किया था । इससे सरकार की खूब वाहवाही हुई ।

राज्य कार्यालय से आदेश जारी होते ही प्रक्रिया में आ जाएगी तेजी

हालांकि अभी स्थानीय स्तर पर दस्तावेज जमा होने का काम हो रहा है और अधिकांश जगह पर 2 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण कर चुके शिक्षाकर्मियों के दस्तावेज जमा किए जा रहे हैं केवल कुछ ही जगह पर 8 वर्ष से अधिक सेवा अवधि वाले शिक्षाकर्मियों के दस्तावेज मंगाए गए हैं और इस पर भी शिक्षाकर्मियों ने आपत्ति दर्ज करा दी है । ऐसे भी राज्य कार्यालय से आदेश जारी होने के बाद फिर से एक बार समय सारणी जारी होगी और उसके अनुसार दस्तावेज एकत्र करके वरिष्ठता सूची जारी करते हुए शेष कार्य किए जाएंगे यही संविलियन की प्रक्रिया रही है और अब शिक्षाकर्मी राज्य कार्यालय से आदेश आने का इंतजार कर रहे हैं । क्योंकि प्रदेश में महज 16000 शिक्षाकर्मियों का संविलियन होना है इसलिए प्रक्रिया आसानी से निपट जाएगी इसका अधिकारियों को भी पूरा विश्वास है क्योंकि जुलाई 2018 में एक लाख 10 हजार शिक्षाकर्मियों का संविलियन हुआ था और अगस्त में ही उन्हें वेतन मिल गया था, ऐसे में पूरे प्रदेश में केवल 16 हजार शिक्षाकर्मियों का संविलियन करने में जरा सी भी तकलीफ नहीं आएगी ऐसा अधिकारियों का मानना है और अधिकांश ब्लॉक में शिक्षाकर्मियों की संख्या 100 से भी कम है ।

राज्य कार्यालय से जल्द ही जारी होगा आदेश, सरकार पर है पूरा विश्वास – विवेक दुबे

इस मुद्दे पर जब हमने संविलियन अधिकार मंच के प्रदेश संयोजक विवेक दुबे से बात की तो उनका कहना है कि

” 1 जुलाई को हमें सबसे बड़ी सौगात मिलने वाली है क्योंकि राज्य कार्यालय से अभी तक इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं हुआ है इसलिए शिक्षाकर्मी साथियों की चिंता जायज और स्वभाविक है लेकिन नकारात्मकता कहीं पर भी नहीं है और यही हमारी ताकत है हमें सरकार पर पूरा भरोसा है और मेरा ही नहीं संविलियन से वंचित सभी शिक्षाकर्मियों का मानना है कि जिस मुख्यमंत्री और सरकार ने हमें विधानसभा में घोषणा करके इतनी बड़ी सौगात दी है वह जल्द ही इसके क्रियान्वयन की भी घोषणा कर देगी । हम लगातार अधिकारियों और शासन के संपर्क में हैं और जल्द ही सभी अटकलबाजियों का पटाक्षेप हो जाएगा । सकारात्मक प्रयास ही हमारी पहचान है और इसी ने हमें लक्ष्य तक पहुंचाया है, संविलियन अधिकार मंच आगे भी इसी रणनीति से काम करेगा।”

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