नदी जंगल आध्यात्म और बेहतर स्वास्थ्य की कामना लिए बुला रहा है बलौदा बाज़ार.. आप आ रहे हैं न .. “आइए स्वागत है आपका मैराथन में”

बलौदा बाज़ार,15 फ़रवरी 2020। घने जंगल और पानी से लबरेज़ खिलखिलाती नदियाँ ये पहचान रही है उस दंडकारण्य की, जो आज छत्तीसगढ के स्वरुप में देश के भौगोलिक नक़्शे पर मौजूद है।लेकिन समय के साथ साथ जंगल मैदान में तब्दील हो रहे हैं और नदियाँ रेत के साहिल में बदल रही हैं। क्या एक खूबसूरत छत्तीसगढ़ के लिए यह बेहतर ना होगा कि प्रकृति की नेमत को बचाया जाए, जंगल को समृद्ध किया जाए और नदियों के जलस्तर को बेहतर किया जाए।

ऐसे वक्त जबकि तापमान और पर्यावरण को लेकर पूरे विश्व में चिंता जताई जा रही है,इसे लेकर एक नन्ही ही सही मगर ठोस क़वायद राजधानी से क़रीब अस्सी किलोमीटर दूर होने जा रही है। यह क़वायद है क़रीब साढ़े दस किलोमीटर लंबी मैराथन। इस मैराथन को लीड करेंगे उम्र को बस नंबर साबित करने वाला वह करिश्माई शख़्स जिसका नाम है “मिलिंद सोमन”।

भाटापारा बलौदा बाज़ार ज़िला प्रशासन इस मैराथन का आयोजक है। यह छत्तीसगढ़ का वह ईलाका है जहां से महानदी गुजरती है, जहां बार नवापारा का अभ्यारण्य है, राम वन गमन का वह क्षेत्र है जहां महर्षि वाल्मीकि का आश्रम है,आध्यात्म की निर्गुण परंपरा के वाहक कबीर का दामाखेडा है तो सत्य के प्रति जीवन का आग्रह सिद्धांत देने वाले गुरु घासीदास का गिरौदपुरी है, आध्यात्म के साथ साथ यह वह ईलाका है जहां क्रांति के वाहक वीर नारायण सिंह की वीर गाथा मौजूद है।

 

इस ईलाके में मैराथन की सोच क्यों आई, इस पर कलेक्टर कार्तिकेय ने NPG से कहा –

“आध्यात्म जंगल और नदी, ऐसी त्रयी और कहीं नहीं मिलती,हम जंगल और नदियों से लोगों को जोड़ना चाहते हैं, हमारी क़वायद है कि ऐसी कोशिशें हों कि, लोग इन्हें अपना समझें और इनकी समृद्धि के लिए काम करें.. केवल जनजागरण के कार्यक्रम इतने कारगर शायद नहीं होते,इसलि उस आयोजन के बारे में सोचा गया जिसमें लोग जूडें सहभागी हों.. तो मैराथन का आयोजन हुआ”

 

 

बेहद कम समय के बावजूद मैराथन को लेकर उत्साह लोगों में ज़बरदस्त है। ना केवल स्थानीय बल्कि दिगर राज्य और विदेश से भी लोग शामिल हो रहे हैं। ज़िला पंचायत के CEO आशुतोष पांडेय ने NPG को बताया

“अब तक सोलह राज्यों से और तीन देशों से मैराथन में भाग लेने की प्रविष्टि आई है। वाल्मीकि के आश्रम तुरतुरिया से देवहिल तक साढ़े दस किलोमीटर का यह ट्रेक है।शानदार जंगल है और शुरुआत और समापन नदियों की मौजूदगी में है।”

 

इस मैराथन में आ रहे मिलिंद सोमन कल बलाल डेम पर पतंग बाज़ी भी करेंगे और इस ज़रिए लोगों को यह भी बताया जाएगा कि, बलाल डेम ना केवल पतंगबाज़ी के लिए बल्कि कुदरत की एक ऐसी अनूठी जगह है जहां आने के बाद आपको खूबसूरत अहसास होगा।
तो क्या ख़्याल है आपका .. आ रहे हैं न आप भी.. आईए बुला रहा है भाटापारा बलौदारबाजार प्रशासन.. नदियों के लिए.. जंगल बचाने के लिए..
“आईए स्वागत है मैराथन में”

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