रिटायर्ड शिक्षिका की गला रेतकर हत्या: कत्ल करने रात 2 बजे से सुबह 7 बजे तक किया छुपकर इंतजार…..पेट्रोल पंप की मालकिन के मर्डर के लिए ऐसा खौफनाक रास्ता चुना…कि सुनकर कांप जायेगी आपकी रूह

अंबिकापुर 25 अगस्त 2021। रिटायर्ड शिक्षिका का हत्यारा उसकी नौकरानी को बेटा ही निकाला। मर्डर के 48 घंटे बाद जब हत्या का राज खुला तो पुलिस भी हैरान रह गई। हत्यारों ने शॉर्टकट तरीके से अमीर बनने के चक्कर में रिटायर्ड शिक्षिका के घर खूनी खेल खेला। वारदात को अंजाम देने के लिए कातिलों ने पांच घंटे तक घर के पीछे छुपकर इंतेजार करते रहे। सुबह जब जैसे ही दरवाजा खुला तो मौका देखकर दोनों आरोपी घर के अंदर दाखिल हुये और शिक्षिका के हाथ पैर बांधकर उसकी निर्मम तरीके से हत्या कर दिये। घटना के बाद आरोपी मृतिका की कार, मोबाइल, एटीएम कार्ड सहित नगदी लूट कर फरार हो गये।
जानिए क्या थी पूरी घटना
दरअसल ये पूरी घटना गांधीनगर थाना क्षेत्र के महापौर पारा सुभाषनगर की है। यहां पर किराए के एक मकान पर रिटायर्ड शिक्षिका व पेट्रोल पंप की मालकिन शांती पटेल अकेले रहती थी। 23 अगस्त को मृतिका का भतीजा अपनी मौसी शांती पटेल से मिलने आया तो देखा मकान का दरवाजा खुला हुआ था और गेट के बाहर से काफी बदबू आ रही है। इसके बाद अंदर जाकर देखा गया तो खुन से लथपथ मौसी किचन के पास पड़ी हुई थी। साथ ही हाथ पैर बेल्ट से बंधे हुये थे और कमरे का सामान भी बिखरा हुआ था और कार भी गायब थी। इस घटना के बाद इसकी सूचना मृतिका के भतीजे ने पुलिस को दी। सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची और जाँच शुरू की गई।
हत्या की इस घटना को गंभीरता से देखते हुये एसपी अमित तुकाराम कांबले ने आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिये। चुकीं मृतिका की कार और मोबाइल घर से गायब थी। इस आधार पर पुलिस ने मोबाइल का लोकेशन और कार का पता लगाना शुरू किया। इस बीच पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि, दो आरोपी मृतिका की कार को लेकर बस स्टैंड से विश्रामपुर की ओर जा रहे है। इसके बाद पुलिस ने कार का पीछा करते हुए काली घाट के पास घेराबंदी कर रूकवाया गया। इस दौरान दोनों आरोपी कार से उतर कर भागने लगे, जिन्हें पुलिस ने दौड़ाकर दबोचा।
जल्दी अमीर बनने के चलते की थी हत्या…
आरोपियों में मुख्य आरोपी पृथ्वीराज भैना ने पुलिस पूछताछ में बताया कि, वो लोग जल्दी अमीर बनाना चाहते थे। पूर्व में उसकी मां मृतिका शांति देवी के घर काम करती थी। इसलिए उसे पता था कि, रिटायर्ड शिक्षिका घर में अकेले रहती थी। उसने अपने दोस्त अनुराग के साथ मिलकर इस पूरे घटना की प्लानिंग की। तय प्लानिंग के तहत आरोपियों ने 20 अगस्त की रात मृतिका के घर के पीछे बने बाउंड्रीवाल को फांदकर आगन में पहुंचे। इस दौरान शिक्षिका के मकान का दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा बंद होने के कारण दोनों अन्दर नहीं घुस पाए।
आरोपी पांच घंटे तक दरवाजा खुलने का करते हुये इंतेजार
आरोपी रात के दो बजे से सुबह सात बजे तक आंगन में बैठकर दरवाजा खुलने का इंतेजर करते रहे। सुबह दरवाजा खुलते ही दोनो आरोपी कमरे के अंदर घुसकर सोफे के पीछे छुप गये। कुछ देर बाद जब रिटायर्ड शिक्षिका बाथरूम से निकलकर कमरे में पहुंची तो दोनों आरोपी ने उसे धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया। इसके बाद दोनो आरोपी महिला के हाथ पैर बाधंने लगे। इस दौरान महिला ने खुद को आरोपियों के चंगुल से छुड़ाने के लिए एक आरोपी की उंगली काट ली। इतने में गुस्साए एक आरोपी ने किचन में रखे दो चाकू को लाकर महिला का गला रेत दिया। महिला की जब मौत हो गयी तो दोनों आरोपी मोबाइल, एटीएम, और कार लेकर मौके से फरार हो गये।
लूटे हुये रूपयों से डीजल भराकर मृतिका की कार से कार रहे थे ऐस
हत्या के बाद दोनों आरोपी लूटे हुये रूपयों से डीजल भराकर मृतिका की कार से अंबिकापुर में घूमते रहे। साथ ही मृतिका के मोबाइल का पेटीएम उपयोग कर ऑनलाइन रूपए भी खर्च कर रहे थे। फिलहाल दोनों आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और दोनों खिलाफ धारा 302, 450 के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में पृथ्वीराज उर्फ पप्पु भैना 19 वर्ष निवासी गांधीनगर हनुमार मंदिर, अनुराग सिंह 18 वर्ष निवासी सुभाषनगर अम्बिकापुर है।
