शिक्षाकर्मी नेता की पहल के बाद महिला शिक्षाकर्मियों को मिली राहत…. सीएमओ ने घर से बुलाकर किया सेवा पुस्तिका में हस्ताक्षर…. ऑडियो वायरल होने के बाद सवालों के घेरे में आ गए थे सीएमओ… अपर संचालक ने भी बताया था सीएमओ के बयान को नियम विरुद्ध

रायपुर 15 अक्टूबर 2020। आखिरकार शिक्षाकर्मी नेता विवेक दुबे की पहल के बाद और न्यूपावरगेम में खबर छपने के बाद नगर पालिका परिषद तिल्दा के अंतर्गत कार्यरत उन महिला शिक्षाकर्मियों को राहत मिल गई जिन्हें पहले गलत नियम बता कर कार्यालय से चलता कर दिया गया था ।

पूरा मामला यह है कि नगर पालिका परिषद तिल्दा नेवरा के अंतर्गत कार्यरत दो महिला शिक्षाकर्मी जिनका 1 नवंबर को संविलियन भी होना है अपनी सेवा पुस्तिका में अपने विवाह की जानकारी इंद्राज कराने कार्यालय पहुंची थी जहां मुख्य नगरपालिका अधिकारी के द्वारा उन्हें यह कहकर चलता कर दिया गया था की इसके लिए पहले अखबार में इश्तिहार छपवाना होगा और दावा आपत्ति लेना होगा , महिला शिक्षाकर्मियों ने विवाह प्रमाण पत्र और नोटरी द्वारा सत्यापित शपथ पत्र देने की बात कही लेकिन अधिकारी ने उसे मानने से साफ इनकार कर दिया।

इसके बाद उन्होंने अपनी समस्या संविलियन अधिकार मंच के प्रदेश संयोजक विवेक दुबे को बताई , विवेक दुबे ने भी तत्काल सीएमओ से फोन पर बात की और अधिकारी से इस नियम के संबंध में पूछा तो अधिकारी ने उन्हें भी कहा कि – ऐसा कराना ही होगा इसके बिना काम नहीं होगा , इसके बाद शिक्षाकर्मी नेता विवेक दुबे ने दोबारा अपनी बात दोहराई कि सर आप कंफर्म है न कि यही नियम है और राज्य सरकार द्वारा जारी प्रमाण पत्र से काम नहीं बनेगा इस पर भी अधिकारी अपनी बात पर अड़े रहे और उन्होंने राज्य सरकार के पत्र को ही खारिज कर दिया और इस्तिहार को अनिवार्य बताया ।

जिसके बाद शिक्षाकर्मी नेता विवेक दुबे ने उस ऑडियो को पूरे प्रदेश भर में वायरल कर दिया और अधिकारी के इस प्रकार के रवैए को जिसमें शासन के नियमों को तोड़कर अपना नियम कर्मचारियों पर लादा जा रहा था सामने लाया, न्यू पावर गेम ने इस खबर को प्रमुखता से छापा था और नगरीय प्रशासन विभाग के अपर संचालक सौमिल रंजन चौबे से भी इस पर प्रतिक्रिया ली थी उन्होंने भी आश्चर्य जताते हुए इसे सीधे तौर पर नियम विरुद्ध बताया था और अधिकारी से चर्चा करने की बात कही थी। इसके बाद अगले दिन आनन-फानन में कार्यालय से महिला शिक्षाकर्मियों को फोन गया और उन को बुलाकर उनके सेवा पुस्तिका में उनके विवाह संबंधी जानकारी को इंद्राज किया गया जिसके बाद महिला शिक्षाकर्मियों ने राहत की सांस ली और शिक्षाकर्मी नेता विवेक दुबे और न्यूपावरगेम को इसके लिए धन्यवाद अदा किया ।

उन्होंने कहा कि

” हमारा 1 नवंबर को संविलियन होना है उसके पहले हम अपनी सेवा पुस्तिका का इंद्राज कराने गए थे जहां पर हमें यह नया नियम बता कर लौटा दिया गया अखबार में इश्तिहार छपवाना और दावा आपत्ति लेना हमारे लिए एक नई समस्या थी इस पर हमने संविलियन अधिकार मंच के प्रदेश संयोजक विवेक दुबे से जानकारी मांगी , उन्होंने खुद पहल करते हुए सीएमओ सर से बात की और हमें इस समस्या से निजात दिलाया । विवेक दुबे सर और न्यूपावरगेम को बहुत-बहुत धन्यवाद”।

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