रिलायंस रिटेल में इंवेस्टर्स का तांता, जीआईसी 5,512.5 करोड़ और टीपीजी 1,837.5 करोड़ का इंवेस्टमेंट करेगी, 7.28% इक्विटी के लिए आया 32 हजार करोड़ रू से अधिक का निवेश

 

  • अब तक कुल 7.28% इक्विटी के लिए आया, 32 हजार करोड़ रू से अधिक का निवेश
  • सौदे में रिलायंस रिटेल की प्री-मनी इक्विटी 4.285 लाख करोड़ आंकी गई

 

नई दिल्ली, 03 अक्तूबर, 2020: मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस रिटेल में निवेशकों का तांता लगा हुआ है। पिछले 4 दिनों में ही कंपनी में 5 बड़े निवेश आ चुके हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (“आरआरवीएल”) में शुक्रवार देर रात जीआईसी ने 1.22% इक्विटी के लिए 5,512.5 करोड़ रू और शनिवार को टीजीपी ने 0.41% के लिए 1,837.5 करोड़ रू के इंवेस्टमेंट की घोषणा की। सौदे में रिलायंस रिटेल की प्री-मनी इक्विटी को 4.285 लाख करोड़ रूपय आंका गया।

रिलायंस रिटेल में निवेश का सिलसिला 9 सितंबर को सिल्वर लेक से शुरू हुआ था, उसके बाद केकेआर, जनरल अंटलांटिक और मुबाडला जैसे वैश्विक निवेश फंड इंवेस्टमेंट कर चुके हैं। पिछले बुधवार को सिल्वर लेक ने रिलायंस रिटेल में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई थी। जीआईसी और टीजीपी डील को मिला कर अब तक 25 दिनों में 7 निवेशों के जरिए रिलायंस रिटेल में 7.28% इक्विटी के लिए 32.19 हजार करोड़ से अधिक का निवेश हो चुका है।

साल की शुरुआत में टीपीजी ने जियो प्लेटफॉर्म्स में ₹ 4,546.8 करोड़ का निवेश किया था। यह टीजीपी का रिलायंस इंडस्ट्रीज की एक सहायक कंपनी में दूसरा निवेश है।

रिलायंस रिटेल लिमिटेड के देश भर मे फैले 12 हजार से ज्यादा स्टोर्स में सालाना करीब 64 करोड़ खरीददार आते हैं। यह भारत का सबसे बड़ा और सबसे तेजी से विकसित होने वाला रिटेल बिजनेस है। रिलायंस रिटेल के पास देश के सबसे लाभदायक रिटेल बिजनेस तमगा भी है। कंपनी खुदरा वैश्विक और घरेलू कंपनियों, छोटे उद्योगों, खुदरा व्यापारियों और किसानों का एक ऐसा तंत्र विकसित करना चाहती है, जिससे उपभोक्ताओं को किफायती मूल्य पर सेवा प्रदान की जा सके और लाखों रोजगार पैदा किए जा सकें।

रिलायंस रिटेल ने अपनी नई वाणिज्य रणनीति के तहत छोटे और असंगठित व्यापारियों का डिजिटलीकरण शुरू किया है। कंपनी का लक्ष्य 2 करोड़ व्यापारियों को इस नेटवर्क से जोड़ना है। यह नेटवर्क व्यापारियों को बेहतर टेक्नॉलोजी के साथ ग्राहकों को बेहतर मूल्य पर सेवाएं देने में सक्षम बनाएगा।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने सौदों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत के रिटेल सेक्टर का ईको सिस्टम बदलने की जरूरत है। जीआईसी और टीपीजी इस मिशन में सहायक होगें। टेक्नॉलोजी कंपनियों और बिजनेस में निवश करने का जीआईसी के बढ़िया ट्रैक रिकॉर्ड की भी उन्होंने प्रशंसा की।

टीपीजी सौदे पर बोलते हुए रिलायंस रिटेल की निदेशक ईशा अंबानी ने कहा, “भारतीय रिटेल सेक्टर में क्रांति और लाखों व्यापारियों की आर्थिक स्थिती में सुधार लाने की हमारी यात्रा में, हमें टीपीजी का स्वागत करते हुए बेहद खुशी हो रही है। TPG का समृद्ध अनुभव रिलायंस रिटेल मिशन के लिए अमूल्य सिद्ध होगा। ”

 

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