Begin typing your search above and press return to search.

इस औषधि के सेवन से 30% तक बढ़ सकता है स्टैमिना! जानिए छत्तीसगढ़ में पाए जाने वाले ’हर्बल वियाग्रा’ के बारे में।

Herbal Viagra Safed Musli in cg: आज हम बात करने वाले हैं एक ऐसी औषधि की जिसका छत्तीसगढ़ के संदर्भ में बहुत बड़ा योगदान है इसका उपयोग वैश्विक फार्मास्यूटिकल उद्योग में भी किया जा रहा है। सफेद मूसली एक ऐसा औषधिय पौधा जिसे शक्ति वर्धक के रूप में जाना जाता है।

इस औषधि के सेवन से 30% तक बढ़ सकता है स्टैमिना! जानिए छत्तीसगढ़ में पाए जाने वाले ’हर्बल वियाग्रा’ के बारे में।
X

इमेज सोर्स- गूगल, एडिट बाय- NPG News

By Chirag Sahu

Herbal Viagra Safed Musli in cg: छत्तीसगढ़ कोयला, इस्पात, खनिज और प्राकृतिक वातावरण के लिए तो जाना ही जाता है लेकिन यहां पाए जाने वाले कुछ विशेष औषधियों के लिए इसे ’हर्बल स्टेट’ भी कहते है। आज भी यहां के आदिवासी और ग्रामीण अंचलों में लोग जंगलों से बहुमूल्य औषधीयां इकट्ठा करते हैं साथ ही इनका पारंपरिक आयुर्वेद ज्ञान भी लोगों के बहुत काम आ रहा है। आज हम बात करने वाले हैं एक ऐसी औषधि की जिसका छत्तीसगढ़ के संदर्भ में बहुत बड़ा योगदान है इसका उपयोग वैश्विक फार्मास्यूटिकल उद्योग में भी किया जा रहा है। सफेद मूसली एक ऐसा औषधिय पौधा जिसे शक्ति वर्धक के रूप में जाना जाता है।

छत्तीसगढ़ में कहां पाया जाता है सफेद मूसली

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में रहने वाले गोड, मुरिया, हल्बा और उरांव जनजातियों के लोगों द्वारा इसका संग्रहण किया जा रहा है। इस औषधीय पौधे का वैज्ञानिक नाम क्लोरोफाइटम बोरिविलियानम (Chlorophytum borivilianum) है, जो बस्तर, कांकेर, कोंडागांव और राजनांदगांव जिले में पाया जाता है। इन इलाकों में मिट्टी दोमट और हल्के छाया वाली होती है जो सफेद मूसली के उगने के लिए उपयुक्त क्षेत्र है।

30% तक बढ़ सकता है स्टैमिना

इन आदिवासी समुदायों द्वारा पीढ़ियों से सफेद मूसली का सेवन किया जाता रहा है। इसमें लगभग 5% से 17% तक सैफोनिन (Saponin) की मात्रा होती है जिसके वजह से यह बलवर्धक और रोग प्रतिरोधक औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है। इसे पुरुषों में यौन स्वास्थ्य बेहतर करने और कमजोरी दूर करने में भी उपयोग किया जाता है। इसी गुण के वजह से वर्तमान आयुर्वेद में सफेद मूसली को ’हर्बल वियाग्रा’(Herbal Viagra) भी कहा गया है।

स्टैमिना बढ़ाने के अलावा भी है कई फायदे

सफेद मूसली का सेवन शरीर में थकान और कमजोरी को दूर करता ही है साथ ही यह सहनशक्ति भी बढ़ाता है। महिलाओं में भी इसके सेवन से हार्मोनल असंतुलन सही होता है और प्रसव के बाद होने वाली स्वास्थ्य समस्या भी कम होती है। प्रजनन क्षमता में वृद्धि, पाचन तंत्र में सुधार और स्पर्म क्वालिटी बेहतर करना इसके मुख्य फायदे हैं। छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह एक आर्थिक साधन के रूप में उभरा है क्योंकि यहां पाए जाने वाले सफेद मूसली का उपयोग बड़ी-बड़ी अंतरराष्ट्रीय सप्लीमेंट्स कंपनियां हर्बल प्रोडक्ट बनाने में कर रहीं हैं। आदिवासी इलाकों के लोग अब सिर्फ अनाजों की खेती पर निर्भर नहीं है वे सफेद मूसली की खेती को भी एक वैकल्पिक साधन के रूप में अपना रहे हैं।

Next Story