जगदलपुर से रायपुर एवं हैदराबाद नियमित विमान सेवा शुरू…. जानिये रायपुर जगदलपुर और जगदलपुर से हैदराबाद का कितना होगा किराया…कितना लगेगा वक्त… फ्लाइट की पूरी जानकारी…

रायपुर, 21 सितम्बर 2020। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय से बस्तर जगदलपुर से रायपुर एवं हैदराबाद की हवाई यात्रा के लिए 72 सीटर नियमित विमान सेवा का वर्चुअल शुभारंभ किया। जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट से अब बस्तरवासियों को हवाई मार्ग से रायपुर एवं हैदराबाद आवागमन की सुविधा का लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने इस अवसर पर अपने उद्बोधन में कहा कि जगदलपुर से विमान सेवा की शुरूआत कर हम बस्तर को बड़ी संभावनाओं से जोड़ रहे हैं, जो पूरे बस्तर संभाग के विकास को नया आयाम देगी। उन्होंने इस मौके पर बस्तर को हवाई सेवा से जोड़ने के प्रयासों का विस्तार से उल्लेख करते हुए कहा कि बस्तरवासियों को उड़ान सेवा का लाभ देने हेतु शासन लगातार प्रयत्नशील रहा है।

कितना होगा किराया 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि बस्तर के लोगों की सुविधा हेतु विमानों की उड़ान प्रतिदिन किया जाना सुनिश्चित किया गया है। टिकट की बुकिंग एलायंस एयर के वेबसाईट, ऐप एवं टिकट काउण्टर के माध्यम से किया जा सकता है। यात्री किराया भी न्यूनतम रखा गया है, जिसे आसानी से वहन किया जा सकता है। हैदराबाद से जगदलपुर का 1405 रूपये जगदलपुर से रायपुर का टिकट 1270 रूपये मात्र है। आम नागरिक कम खर्चे में आसानी से हवाई यात्रा का लाभ ले सकते हैं। हमारी सरकार प्रांरभ से ही बस्तर के सर्वांगीण विकास हेतु कृत संकल्पित रही है। हम बस्तर की पहचान अंतराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए बहुआयामी प्रयास कर रहे हैं।

बस्तर से रायपुर एवं हैदराबाद की यात्रा का समय केवल एक घंटा लगेगा। हैदराबाद से आगे विश्व में कहीं भी जाया जा सकता है। वर्तमान में सड़क मार्ग से रायपुर की यात्रा 6 घंटे में पूरी होती है तथा हैदराबाद की यात्रा लगभग 12 घंटे में पूरी होती है। इसी कड़ी में एयरपोर्ट टर्मिनल में आमचो बस्तर कैन्टीन की शुरूआत की जा रही है । कैन्टीन का संचालन नक्सल समर्पित परिवार के सदस्यों के द्वारा किया जायेगा । मुख्यमंत्री ने इस मौके पर एयरपोर्ट जगदलपुर में आमचों बस्तर केन्टीन का भी शुभारंभ किया।

1939 में रखी गई थी जगदलपुर एयरपोर्ट की नींव

मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने कहा कि जगदलपुर एयरपोर्ट की नींव सन् 1939 में द्वितीय विश्व युद्व के पूर्व ब्रिटिश काल में रखी गयी थी, तब इसे जहाज भाटा के नाम से जाना जाता था। 13 मार्च 1953 को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पं जवाहर लाल नेहरू ने भी बस्तर के इस जहाज भाटा में अपना कदम रखा था। इसके अतिरिक्त पूर्व राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद, डॉ एपीजे अब्दुल कलाम, डॉ प्रतिभा पाटिल एवं पूर्व प्रधानमंत्री  इंदिरा गांधी,  मोरारजी देसाई,  व्हीपीसिंह, अटल बिहारी बाजपेयी जैसी महान विभूतियां भी इस पावन धरा में कदम रख चुकी हैं। 20 मार्च 1988 को जगदलपुर से भोपाल के बीच वायुदूत सेवा के नाम से उड़ान की शुरूआत तत्कालीन मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा ने की थी। श्री वोरा जी, अपने मंत्रीमंडल के सदस्यों के साथ प्रथम यात्रा भोपाल से जगदलपुर के लिये की थी। जगदलपुर एयरपोर्ट का उपयोग सामरिक कार्यों के लिये किया जाता रहा है ।

मां दन्तेश्वरी के नाम से जाना जाएगा जगदलपुर एयरपोर्ट

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जगदलपुर एयरपोर्ट का नामकरण अंचल की आराध्य देवी माँ दन्तेश्वरी के नाम से किया गया है। मां दन्तेश्वरी एयरपोर्ट जगदलपुर कुल 57.6 हेक्टेयर के क्षेत्रफल में स्थापित है। एयर स्ट्रिप की लम्बाई 1704 मीटर और चौड़ाई 30 मीटर है। एयरपोर्ट के आधारभूत सुविधाओं का प्रबंधन लोक निर्माण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा किया जा रहा है। एयरपोर्ट में एयर ट्रॅिफक कंट्रोल का प्रबंधन एयरपोर्ट एथॉरिटी आफ इंडिया द्वारा किया जाएगा। एयरपोर्ट में 72 सीटर यात्री क्षमता वाली हवाई जहाज को संचालित किया जा रहा है। यात्री विमान सुबह 9 बजे हैदराबाद से उड़ान भरकर जगदलपुर होते हुए दोपहर 12 बजे तक रायपुर पहुंचेगा। वापस हैदराबाद के लिए यह विमान रायपुर से 12.30 बजे उड़ान भरकर 1.35 बजे जगदलपुर पहंुचेगा और वहां से 2.05 बजे उड़ान भरकर 3.40 बजे हैदराबाद पहंुचेगा।

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