Breakup in Kundali : कुंडली में इस ग्रह के कमजोर होने पर टूटटे हैं दिल, लाख कोशिशों के बाद भी लग जाता है ग्रहण
Breakup in Kundali : ग्रहों, राशियों और नक्षत्रों की शुभ-अशुभ प्रकृति, दृष्टि, स्थिति और योग के कारण इश्क में बेवफाई मिलती है.

kundali me is grah ke kamjor hone se tutate hai dil : क्या आपको पता है कि आपके लाख कोशिश के बाद भी आपकी शादी और लव लाइफ क्यों नहीं टिक पाती, तो इसके पीछे भी ग्रहों नक्षत्र करण होते हैं। जी हां हमारे जीवन में हमारे राशि के हिसाब से चलने वाले ग्रह-नक्षत्र हमारे रिश्ते और लव लाइफ को प्रभावित करते हैं।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार व्यक्तिगत संबंध और प्यार के मामले में ग्रहों, राशियों और नक्षत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. ग्रहों, राशियों और नक्षत्रों की शुभ-अशुभ प्रकृति, दृष्टि, स्थिति और योग के कारण इश्क में बेवफाई मिलती है. जन्म कुंडली के शुभ ग्रहों के मजबूत होने के कारण प्रेम में सफलता मिलती है, जबकि ग्रहों के कमजोर होने व्यक्ति को प्यार में धोखा मिलता है. आइए जानते हैं, प्यार में धोखा के लिए कौन-सा ग्रह जिम्मेदार है?
कुंडली का त्रिकोण भाव ‘पंचम’ और केंद्र भाव ‘सप्तम’ व्यक्ति के प्रेम संबंधों का प्रतिनिधित्व करते हैं. इन भावों में शुभ ग्रह के होने से लव रिलेशनशिप मजबूत होता है. पार्टनर का पूरा सहयोग मिलता है. ज्योतिष मान्यताओं के मुताबिक, जब इन दोनों भाव पर शुभ ग्रह की दृष्टि पड़ती है, तब व्यक्ति को सच्चा प्यार मिलने का योग बनता है. साथ ही आपको यह भी बता दें कि ‘पंचम’ और ‘सप्तम’ भाव पर शुभ ग्रहों की दृष्टि पड़ने से न केवल रिश्ते मजबूत होते हैं, बल्कि पार्टनर के भाग्य में भी सकारात्मक बदलाव आते हैं. वहीं दूसरी ओर जब इन भावों में अशुभ और क्रूर ग्रह स्थित होते हैं या ऐसे ग्रहों की दृष्टि पड़ती है, तो लव लाइफ में हमेशा प्रॉब्लम होता है.
इस वजह से मिलता है प्यार में धोखा
1- कुंडली के पंचम और सप्तम भाव के स्वामी ग्रह यानि पंचमेश और सप्तमेश जब कुंडली में कमजोर होते हैं, तो प्यार में सफलता नहीं मिलती है. लवर्स को धोखा मिलता है और यह बार-बार मिल सकता है. रिलेशनशिप में झगड़ा बढ़ सकता है, रिश्ते टूट सकते हैं. यहां तक कि पति-पत्नी में तलाक भी हो जाता है.
2- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब राहु, मंगल, सूर्य और शनि ग्रह अपनी नीच राशि में होते हैं और अपनी नीच राशि से पंचम और सप्तम भाव या पंचमेश और सप्तमेश पर दृष्टि डालते हैं, तब यह स्थिति आशिकों के लिए अच्छी नहीं होती है.
3- वहीं, चंद्रमा के राहु या केतु की युति के कारण भी लव लाइफ में प्रॉब्लम आती है. चंद्रमा मन का कारक है. उसके कमजोर होने से लवर्स के बीच बात-बात झगड़ा होने लगता है और नौबत ब्रेकअप तक पहुंच जाती है.
ग्रहों की चाल से भी प्रभावित होता है जीवन
ज्योतिष शास्त्र में नवग्रहों का विशेष महत्व बताया गया है। हर ग्रह का अपना अलग स्वभाव और प्रभाव होता है। व्यक्ति की कुंडली में ग्रहों की स्थिति उसके जीवन, स्वभाव और रिश्तों पर असर डालती है। ग्रहों की शुभ या अशुभ दशा कई बार जीवन में उतार-चढ़ाव का कारण बन जाती है।
ये ग्रह बनते हैं ब्रेकअप की वजह
शुक्र ग्रह
शुक्र को प्रेम, सौंदर्य, दांपत्य जीवन और सुख-सुविधाओं का कारक माना जाता है। यदि कुंडली में शुक्र कमजोर हो, तो लव लाइफ में परेशानियां बनी रहती हैं। पार्टनर के साथ तालमेल बैठाना मुश्किल हो जाता है और रिश्ते में रोमांस की कमी महसूस होने लगती है।
सूर्य ग्रह
सूर्य को ग्रहों का राजा कहा गया है और इसका असर लव लाइफ पर भी पड़ता है। सूर्य का संबंध पिता से माना जाता है। कुंडली में सूर्य कमजोर होने पर पिता से रिश्ते अच्छे नहीं रहते और प्रेम संबंध में भी बाधाएं आती हैं। कई बार पार्टनर के परिवार, खासकर पिता से विवाद के कारण रिश्ता टूटने की नौबत आ जाती है।
बृहस्पति (गुरु) ग्रह
प्यार और विवाह में बृहस्पति ग्रह का महत्वपूर्ण स्थान होता है। ज्योतिष के अनुसार, गुरु ग्रह के कमजोर होने पर रिश्ता लंबे समय तक टिक नहीं पाता। ऐसे लोगों की लव लाइफ में लगातार तनाव बना रहता है और ब्रेकअप की संभावना बढ़ जाती है।
बुध ग्रह
बुध ग्रह बुद्धि, संवाद और मानसिक संतुलन का प्रतीक है। यदि कुंडली में बुध कमजोर हो, तो व्यक्ति अपने पार्टनर को खुश नहीं रख पाता। मानसिक तनाव बढ़ता है, बातचीत में कमी आती है और यही वजह रिश्ते में दूरियां पैदा कर देती है।
