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बारिश अलर्ट: छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, महाराष्ट्र देश के इन राज्यों में होगी भारी बारिश… मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

नईदिल्ली 21 जुलाई 2021. आज दिल्ली में बारिश के आसार हैं. वहीं अगले 24 घंटों के दौरान, बिहार, उत्तर प्रदेश, बंगाल, झारखंड, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों में भी भारी बारिश हो सकती है.

दरअसल, 23 जुलाई के आसपास बंगाल की खाड़ी के उत्तरी भाग में निम्न दबाव का क्षेत्र बन रहा है. जिसके प्रभाव से उड़ीसा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में मूसलाधार बारिश होगी. इधर, दिल्ली, उत्तर प्रदेश व अन्य हिस्सों में मानसून फिर से 23 से उग्र होगा. अभी दिल्ली में फिर उमस बढ़ सकती है. मौसम विभाग की मानें तो 22-24 जुलाई तक राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी भारी बारिश के आसार है.

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने रायगढ़ और पुणे समेत महाराष्ट्र के पांच जिलों के लिए बारिश का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है. अगले दो दिन में इन जिलों में कुछ स्थानों पर बेहद भारी बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने मुंबई के लिए बुधवार और शुक्रवार के बीच ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है जिसके अनुसार भारी से बेहद भारी बारिश हो सकती है.

आईएमडी के मुंबई केंद्र के अनुसार, पुणे, रायगढ़, रत्नगिरि कोल्हापुर और सतारा में बेहद भारी बारिश होने की आशंका प्रबल है. इन जिलों में बुधवार और बृहस्पतिवार के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है. विभाग ने कहा कि बेहद भारी बारिश का अर्थ है कि उक्त स्थानों पर 24 घंटे में 204.5 मिलीमीटर से अधिक वर्षा हो सकती है. विभाग के अनुसार, राज्य के मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्रों में शुक्रवार तक हल्की बारिश हो सकती है.

पिछले 24 घंटों के दौरान महाराष्ट्र, कोंकण और गोवा, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्से, उत्तर प्रदेश, दिल्ली एनसीआर, पंजाब के उत्तर और पूर्वी हिस्से, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों समेत ओडिशा के कुछ इलाकों में मध्यम से भारी बारिश हुई। अधिक वर्षा वाले 10 शहरों की सूची में सबसे ऊपर रहा महाराष्ट्र में महाबलेश्वर , जहाँ 164 मिमी की भारी बारिश दर्ज की गई।

नीचे दिए गए टेबल में देश के 10 प्रमुख वर्षा वाले स्थानों के नाम:

19 जुलाई को हुई 14.3 मिमी की बारिश ने औसत बारिश की कमी को 6% कर दिया तथा बीते 24 घंटों में 48% अधिक वर्षा दर्ज की गयी। वहीं जुलाई के बाकी दिनों में मॉनसून बारिश की गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। बारिश अधिकांश दिनों में सामान्य जबकि बाकी दिनों में औसत से अधिक बरसात हो सकती है। 20 जुलाई तक मौसमी बारिश के आंकड़ों में 22 मिमी की कमी बनी हुई है वहीं जुलाई माह में अभी भी औसत से 38 मिमी कम बारिश हुई है। हालाँकि स्काईमेटके पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में इन आंकड़ों में सुधार होने के आसार हैं और जुलाई के अंत तक लगभग 3% की मामूली कमी रह जाएगी।

 

मुख्य रूप से दो निम्न दबाव वाले क्षेत्रों के साथ-साथ भारत के गंगा के मैदानों के साथ मौसमी ट्रफ मानसून को राजस्थान और गुजरात के दूरस्थ हिस्सों तक ले जाएगी। वहीं बंगाल की खाड़ी के उत्तरी भाग के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र पहले ही बन चुका है और अगले 24-48 घंटों में वह निम्न दबाव क्षेत्र में बदल जाएगा। यह पश्चिमी तट पर मानसून की वृद्धि को सक्रिय करेगा जिससे पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात के कुछ हिस्सों में पर्याप्त मात्रा में बारिश होने की संभावना है। वहीं म्यांमार पर बने हुए मौसमी सिस्टम का बचा हुआ हिस्सा बंगाल की खाड़ी में पहुंचने के साथ ही तीव्र हो जायेगा जिसके कारण 26 जुलाई तक एक निम्न दबाव क्षेत्र बनने की उम्मीद है।

यह सिस्टम 27 या 28 जुलाई तक बांग्लादेश और उससे सटे पश्चिम बंगाल के ऊपर एक डिप्रेशन को और भी प्रभावशाली बना सकता है। इसके बाद डिप्रेशन पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और देश के मध्य भागों में आगे बढ़ेगा। यह सिस्टम मॉनसून ट्रफ के पश्चिमी छोर को सक्रिय करेगा। जिससे दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश होने की प्रबल संभावना है।

कुल मिलाकर मॉनसून की बारिश तमिलनाडु, दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों समेत देश के अधिकांश हिस्सों में भी देखने को मिल सकती है। इसके अलावा 25 और 26 जुलाई को उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी राज्यों और पंजाब और हरियाणा की तलहटी में बादल फटने की संभावना के साथ भारी बारिश से इंकार नहीं किया जा सकता है।

वहीं 28 से 31 जुलाई के बीच पश्चिम बंगाल, झारखंड और छत्तीसगढ़ में डिप्रेशन के प्रभाव में लगातार बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर बाढ़ आने की संभावना है। तेज बिजली के साथ खराब मौसम की स्थिति में जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए अत्यधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

 

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