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रायगढ़ लूट और हत्याकांड – बस क्षण भर का वक्त .. और किया काबू.. वर्ना दुस्साहसी अपराधी ने फ़ायर कर ही दिया था..

रायगढ़,4 जुलाई 2020। सुबह साढ़े ग्यारह बजे कोतरा रोड जिन लुटेरों की गोलियों की आवाज़ से गूंज गया था, पकड़े जाने के आख़िरी क्षण में उन्होंने पुलिस टीम पर ही तमंचा तान दिया था, लेकिन सतर्क जवानों ने सेंकड भर की चुक नहीं की और लूट और हत्या के आरोपियों को धर दबोचा।

साढ़े चौदह लाख की लूट कर फ़ायरिंग करते भागे बदमाशों को पकड़ने पचास जवानों की आठ टीमें बनाई गईं।बेहद तेज़ी के साथ पूरे ज़िले की सीमा सील कर दी गई पचास नाकेबंदी प्वाईंट बनाकर चेकिंग करते हुए सभी पड़ोसी ज़िलों को सतर्क किया गया। इधर दस टीमों ने शहर भर के सीसीटीवी फ़ुटेज को खंगालना शुरु किया। क़रीब चार सौ सीसीटीवी फ़ुटेज को चेक करते हुए यह तय हो गया कि अपराधी शहर से बाहर नहीं निकल पाए हैं। अपराधियों की लोकेशन कोराझर में मिली।

कोराझर की सूचना पर पचास जवानों की टीम ने कोराझर और दो गाँव को घेर लिया।दुस्साहसिक घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों को लेकर पुलिस सतर्क थी और इसलिए जबकि CSP अविनाश ठाकुर के साथ चुनिंदा जवानों की टीम कोराझर के घर घर की तलाशी में जुटी तो सभी बुलेट प्रूफ़ जैकेट और अत्याधुनिक हथियारों से लैस थे।

पुलिस टीम जैसे ही उस मकान के भीतर पहुँची जहां दोनों अपराधी थे, उनमें से एक को तुरंत जवानों ने क़ाबू किया जबकि दूसरा पिस्टल निकाल कर फ़ायर करने की कोशिश में ही था, लेकिन जवानों ने उसे भी क्षणभर की मोहलत नहीं दी और उसे दबोच लिया। ये सेंकड भर का अंतर था, यदि सेंकड की चुक होती तो फिर कुछ न कुछ दुर्भाग्यपूर्ण घटित हो जाता, लेकिन जवानों ने पूरी तत्परता से क़ाबू कर लिया।

पुलिस कप्तान संतोष सिंह ने बताया

“दुस्साहस करने वाले अपराधी अंतिम क्षणों में भागने की कोशिश करते हुए किसी भी हद को जा सकते हैं, ऐसा अंदाज था ही, इसलिये जवानों को पूरी तैयारी से भेजा गया था.. बावजूद इसके जितनी तत्परता से क़ाबू किया गया वो निश्चित तौर पर प्रशंसनीय है.. दोनों अपराधियों के रिकॉर्ड तलाशे जा रहे हैं.. सिवान और कैमूर में दोनों के ख़िलाफ़ मामले क़ायम होने की सूचना मिली है”

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