पुरानी पेंशन की मांग को लेकर 21 जून को जनजागरूकता अभियान, राष्ट्रीय अभियान में छत्तीसगढ़ के 3 लाख कर्मचारी होंगे शामिल

रायपुर 16 जून 2020. राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी पी सिंह रावत व छत्तीसगढ़ के संयोजक संजय शर्मा, सुधीर प्रधान, वाजीद खान, हरेंद्र सिंह, देवनाथ साहू, बसंत चतुर्वेदी, प्रवीण श्रीवास्तव, विनोद गुप्ता, मनोज सनाढ्य, शैलेन्द्र पारीक ने कहा है कि बाजार आधारित NPS योजना के जगह पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर राष्ट्र व्यापी पोस्टर अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत 21 जून को सभी NPS कर्मचारी व शिक्षक अपने घर के सामने दीवाल पर मांग का पोस्टर चिपकाकर तथा साथ मे सेल्फी/फ़ोटो लेकर सभी सोशल/प्रिंट/इलेक्टानिक मीडिया में प्रचार करके मांगो को मजबूती प्रदान किया जाएगा।

प्रधान मंत्री व मुख्यमंत्री के नाम संबोधन करके चलाए जा रहे पोस्टर अभियान में 21 जून 2020 को जनजागरूकता अभियान दिवस बताते हुए हमारा मिशन – पुरानी पेंशन का टैग लाइन लिखकर मांग किया जा रहा है कि समस्त विभाग के कर्मचारी, शिक्षक, लिपिक, स्वास्थ्य कर्मचारी, अधिकारी, रेलवे कर्मी, पुलिस कर्मी, बैंक कर्मी, पैरा मिलिट्री के जवानों के बुढ़ापे का सहारा पुरानी पेंशन बहाल कीजिए

छत्तीसगढ़ में 3 लाख कर्मचारियो के लिए पुरानी पेंशन बहाली हेतु प्रदेश संयोजक संजय शर्मा व प्रदेश संयोजक वीरेंद्र दुबे की संयुक्त भूमिका में संघर्ष जारी है, आने वाले दिनों में रणनीति बनाकर काम किया जाएगा, पुरानी पेंशन के लिए सभी विभाग के कर्मचारी संयुक्त मोर्चा से जुड़ गए है।

पुरानी और नई पेंशन स्कीम में अन्तर इस तरह स्पष्ट किया गया है कि पुरानी पेंशन व्यवस्था का शेयर मार्केट से कोई संबंध नहीं था।इसके अन्तर्गत सेवानिवृत्त कर्मचारी को पेंशन देना सरकार का दायित्व होता था, पुरानी पेंशन में हर छः माह पर डीए जोड़ा जाता था, जबकि न्यू पेंशन स्कीम एक म्‍यूचुअल फंड की तरह है. ये शेयर मार्केट पर आधारित व्यवस्था है।

एनपीएस कर्मचारी या अधिकारी जिस दिन वह रिटायर होता है, उस दिन जैसा शेयर मार्केट होगा, उस हिसाब से उसे 60 प्रतिशत राशि मिलेगी. बाकी के 40 प्रतिशत के लिए उसे पेंशन प्लान लेना होगा, पेंशन प्लान के आधार पर उसकी पेंशन निर्धारित होगी।

GPF – पुरानी पेंशन योजना के अन्तर्गत कर्मचारी के लिए GPF की सुविधा उपलब्ध है
जबकि नई पेंशन योजना में सेवनृवित्त व दिवंगत कर्मचारियों के आश्रित को GPF की सुविधा प्राप्त नहीं है।
ग्रेच्युटी – पुरानी पेंशन पाने वालों के लिए रिटायरमेंट पर ग्रेच्युटी (अन्तिम वेतन के अनुसार 16.5 माह का वेतन) मिलता है
जबकि नयी पेंशन वालों के लिये सेवनृवित्त व दिवंगत कर्मचारियों के आश्रित को ग्रेच्युटी की कोई व्यवस्था नहीं है ।
डेथ ग्रेच्युटी– पुरानी पेंशन वालों को सेवाकाल में मृत्यु होने पर डेथ ग्रेच्युटी मिलती है जिसे 7वें पे कमीशन ने 10लाख से बढाकर 20लाख कर दिया है। जबकि नवीन अंशदायी पेंशन योजना (NPS) में सेवाकाल में मृत्यु होने पर कर्मचारियों के आश्रित को डेथ ग्रेच्युटी प्रदान नही किया जा रहा है।

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