कोरोना की वजह से जेल से रिहा होंगे कैदी….सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद तिहाड़ से मिलेगा 3000 से ज्यादा कैदी को पेरोल…दूसरे राज्यों में भी शुरू हुआ सिलसिला… SC ने कहा था…

नयी दिल्ली 23 मार्च 2020। जेलों में संक्रमण फैलने की आशंका के चलते सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी संख्या में कैदियों को रिहा करने का आदेश दिया है। आज कोर्ट ने कोरोना की रोकथाम के लिए सरकार की कोशिशों की भी तारीफ की। खुद सुप्रीम कोर्ट ने तय किया है कि फिलहाल सिर्फ बेहद जरूरी मामलों की सुनवाई होगी वह भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए।दिल्‍ली स्थित तिहाड़ जेल प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है. उनके अनुसार तिहाड़ जेल में बंद 3000 कैदियों को रिहा किया जाएगा.  इनमें कम से कम 1500 कैदी पैरोल, फर्लो या अंडर ट्रायल पर अंतरिम जमानत के तहत छोड़े जाएंगे.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इसके लिए राज्य सरकारें हाई पावर कमेटी बनाएं. इस कमेटी में लॉ सेक्रेटरी, स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी के चैयरमैन, जेल के डीजी शामिल होंगे. ये कमेटी तय करेगी कि 7 साल की सज़ा वाले मामलों में किन सजायाफ्ता दोषियों और अंडर ट्रायल कैदियों को पैरोल या अंतरिम जमानत पर छोड़ा जा सकता है, ताकि जेल में भी सोशल डिस्टेंसिंग को फॉलो किया जा सके. अदालत ने इस मामले में स्वत: संज्ञान से ये आदेश दिया.

कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए झांसी कारागार से 530 बंदियों को रिहा करने का फैसला लिया गया है। यह सभी वो बंदी हैं जो छोटे-मोटे मामलों में कैद हैं। यह बंदी उन मामलों के आरोपी हैं जिनमें पांच साल से भी कम की सजा होती है।

 

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