प्रेस क्लब चुनाव : बिग ब्रेकिंग – जिला प्रशासन करायेगा रायपुर प्रेस क्लब का चुनाव…. कलेक्टर ने निर्वाचन अधिकारी किये नियुक्त…. 30 दिन के भीतर निर्वाचन की प्रक्रिया करनी होगी पूरी… आदेश हुआ जारी

रायपुर 15 जुलाई 2020। आपसी खींचतान की वजह से दो साल अटका पड़ा रायपुर प्रेस क्लब का चुनाव अब जिला प्रशासन की देखरेख में होगा।  कलेक्टर एस भारतीदासन के निर्देश पर रायपुर के ज्वाइंट कलेक्टर राजीव कुमार पांडेय को चुनाव कराने की जिम्मेदारी दी गयी है। इस बाबत कलेक्टर कार्यालय की तरफ से आदेश भी जारी कर दिया गया है। दरअसल 2 जून 2019 को ही रायपुर प्रेस क्लब की कार्यकारिणी का कार्यकाल खत्म हो गया था। एक साल के कार्यकाल के बाद नियमत: चुनाव कराया जाना था, लेकिन अध्यक्ष दामू अंबाडरे और कोषाध्यक्ष शगुफ्ता सरीन ने पद छोड़ने से इनकार कर दिया।

जबकि महासचिव प्रशांत दुबे, उपाध्यक्ष प्रफुल्ल ठाकुर और ज्वाइंट सिकरेट्री अंकिता शर्मा और गौरव शर्मा ने कार्यकाल के आखिरी दिन ही अपना इस्तीफा दे दिया। पद नहीं छोड़ते देख और चुनाव कराने से इनकार कराये जाने का मामला हाईकोर्ट भी पहुंचा था, जिसके बाद हाइकोर्ट ने इस मामले में पंजीयक, फर्म्स एवं संस्थाएं को चुनाव कराने का निर्देश दिया था। अब करीब एक महीने के बाद कलेक्टर रायपुर की तरफ से रायपुर प्रेस क्लब का चुनाव कराने का निर्देश जारी कर दिया गया है।

कलेक्टर ने अपने अपने आदेश में संयुक्त कलेक्टर राजीव कुमार पांडेय को निर्वाचक अधिकारी नियुक्त करते हुए सदस्यता पंजी और वैध मतदाता सूची के आधार पर 30 दिन के भीतर चुनाव कराने का निर्देश दिया है। इस मामले में ADM विनित नंदनवार ने NPG से कहा है कि …

“चुनाव नहीं कराने की शिकायत मिली थी, जिसके बाद कलेक्टर रायपुर ने संयुक्त कलेक्टर को निर्वाचन अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपते हुए 30 दिन के भीतर चुनाव संपन्न कराने को कहा है”

प्रेस क्लब में एडॉक कमेटी बनायी गयी थी

चुनाव नहीं कराने पर अड़े प्रेस क्लब अध्यक्ष के रूख को देखते हुए प्रेस क्लब की एजीएम बुलायी गयी थी, जिसमें एक 11 सदस्यीय एक वैकल्पिक कमेटी बनायी गयी थी। इस कमेटी का संयोजक सुकांत राजपूत को बनाया गया था। इस कमेटी ने ही पूरे मामले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। मार्च में हाईकोर्ट ने कमेटी की याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजीयक फर्म्स एवं संस्थाएं को चुनाव कराने का निर्देश दिया था। हालांकि इस आदेश को 2 महीने के करीब हो गया था, जिसके बाद अब जाकर कलेक्टर ने संयुक्त कलेक्टर को चुनाव कराने की जिम्मेदारी सौपते हुए 30 दिन में निर्वाचन पूरा कराने को कहा है। प्रेस क्लब में 2 साल से वित्तीय लेनदेन का आडिट भी नहीं कराया गया था। हिसाब में कई खामियों की भी शिकायत की गयी थी।

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