sansad ka vishesh satr: जानिए क्या है संसद का विशेष सत्र, कब और किन परिस्थितयों में होता है विशेष सत्र

sansad ka vishesh satr: एनपीजी न्यूज डेस्क
संसद के विशेष सत्र की बैठक आज से शुरू हो गई है। आजादी के 75 वर्ष के इतिहास में यह 12वां मौका है जब संसद की विशेष सत्र की बैठक हो रही है। लेकिन क्या आप जानते हैं हमारे संविधान में संसद के विशेष सत्र का कहीं कोई उल्लेख है।
भारतीय संविधान में संसद के विशेष सत्र शब्द का कोई जिक्र नहीं। संविधान के अनुच्छेद 85(1) में संसद का सत्र बुलाए जाने का जिक्र है। इसी अनुच्छेद 85(1) के तहत ही विशेष सत्र भी बुलाया जाता है। महत्वपूर्ण विधायी या राष्ट्रीय घटनाओं पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया जाता है। अनुच्छेद 85(2A) के मुताबिक राष्ट्रपति संसद का सत्र कभी भी और कहीं भी बुला सकते हैं।
संविधान के प्रावधानों के अनुसार संसद का सामान्य या विशेष सत्र बुलाने का फैसला सरकार करती है। संसदीय कार्यों पर बनी कैबिनेट कमेटी विशेष सत्र की तारीख और एजेंडा तय करती है। सत्र के लिए विपक्ष से राय लेने या पूछने की बाध्यता नहीं है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद विशेष सत्र का नोटिफिकेशन जारी होता है। विशेष सत्र में प्रश्नकाल होगा या नहीं, यह सदन के स्पीकर या अध्यक्ष तय करते हैं।
sansad ka vishesh satr: कब-कब बुलाए गए संसद के विशेष सत्र
- अब तक 11 मौके पर बुलाए गए संसद के विशेष सत्र
- 14 अगस्त, 1947 ब्रिटिश अधिकारियों से सत्ता हस्तांतरण से पहले आजादी की पूर्व संध्या को विशेष सत्र
- 8 नवंबर, 1962 भारत- चीन युद्ध पर चर्चा के लिए
- 1972 स्वतंत्रता के 25 साल पूरे होने पर
- फरवरी 1977 तमिलनाडु और नगालैंड में राष्ट्रपति शासन की अवधि बढ़ाने के लिए
- 13 मई 2012 भारतीय संसद की उद्घाटन बैठक की 60वीं वर्षगांठ मनाने के लिए
- जून 1991 हरियाणा में राष्ट्रपति शासन की मंजूरी के लिए
- 1992 भारत छोड़ो आंदोलन की 50वीं वर्षगांठ मनाने के लिए
- 26 सितंबर 1997 भारत की आजादी की स्वर्ण जयंती का उत्सव मनाने के लिए
- 2008 मनमोहन सिंह सरकार की ओर से बहुमत साबित करने के लिए
- 13 मई 2012 भारतीय संसद की उद्घाटन बैठक की 60वीं वर्षगांठ मनाने के लिए
- 26 नवंबर 2015 डॉ बीआर अंबेडकर की 125वीं जयंती मनाने के लिए
- 30 जून 2017 जीएसटी बिल लागू करने के लिए मध्यरात्रि में संसद का विशेष सत्र
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