सरगुजा में बवाल: पीसीसी के लेटरपेड पर मंत्री अमरजीत के समर्थक ने पत्रकार के खिलाफ FIR करने TI को पत्र लिखा..DCC अध्यक्ष राकेश ने कहा - "शिकायतकर्ता कांग्रेस में ही नही, मैं..."

अंबिकापुर,30 अक्टूबर 2021।जशपुर के बाद अब सरगुजा में एक ख़त बवाल का सबब बन गया है। मंत्री अमरजीत भगत के कट्टर समर्थक इरफ़ान सिद्दकी ने पीसीसी के लैटरपेड पर पत्रकार के खिलाफ कार्यवाही करने कोतवाली टी आई को लिखा है। लैटरपेड पर इरफ़ान सिद्दकी नाम के साथ सचिव पीसीसी पिछड़ा वर्ग लिखा है।इधर इस लैटरपेड पर सीधे सवाल ज़िला कांग्रेस कमेटी ने ही उठा दिए हैं। DCC के ज़िलाध्यक्ष राकेश गुप्ता ने स्थानीय मीडिया से कहा
जिनके नाम से पत्र जारी है वे वर्तमान में कांग्रेस में नहीं है, जहां तक पद का सवाल है तो प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम जी ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसी नियुक्तियाँ जो प्रकोष्ठों में की गई है और उसमें ज़िला कांग्रेस या शहर कांग्रेस की सहमति नहीं है वे नियुक्तियाँ रद्द की जा चुकी हैं, इसलिए उस लैटरपेड में लिखे पद का उनसे कोई मतलब नहीं है, उन्हें पीसीसी के लैटरपेड का उपयोग नहीं करना था"*
जिस पत्रकार के विरुध्द मंत्री अमरजीत भगत के समर्थक इरफ़ान सिद्दकी ने कोतवाली को पत्र रवाना करते हुए FIR करने की बात लिखी है, उस पत्रकार समेत सरगुजा के अन्य साथी पत्रकारों ने कप्तान अमित कांबले और एडिशनल एसपी विवेक शुक्ला को लिखित पत्र सौंप कर इरफ़ान सिद्दकी के खिलाफ FIR की माँग की है।कप्तान को सौंपे पत्र में लिखा गया है
*"आवेदक पत्रकार जो भी पोस्ट सोशल मीडिया पर किए गए हैं वे तर्कसंगत हैं।CGPCC के कथित सचिव द्वारा पत्रकार पर लगाए आरोप दुर्भावना से प्रेरित हैं,और स्वतंत्र पत्रकारिता की आवाज़ को दबाने का एक सुनियोजित षड़यंत्र है, इरफ़ान सिद्दकी का यह कृत्य लोकतंत्र के लिए बड़ा ख़तरा है।इरफ़ान सिद्दकी के द्वारा CGPCC के लैटरपेड का भी ग़लत इस्तेमाल किया गया है,क्योंकि वे कांग्रेस कमेटी के सदस्य ही नहीं है,उनके ख़िलाफ़ FIR की जाए"*
CGPCC के लैटरपेड पर जिसमें इरफ़ान सिद्दकी सचिव (पि.व.) अंकित है।उसमें इरफ़ान सिद्दकी ने कोतवाल को यूँ लिखा है
*"सुशील बखला के द्वारा छत्तीसगढ शासन के उपर सोशल माचिसें व्हाट्सएप एवं फ़ेसबुक में सुनियोजित एवं नकारात्मक तरीक़े से पोस्ट किया जा रहा है, जिससे छत्तीसगढ शासन की छवि ख़राब हो रही है,और लोगों में आक्रोश दिख रहा है…छत्तीसगढ शासन के खिलाफ जो मीडिया समूह अनर्गल बातें प्रचारित कर रहे थे, उनके ख़िलाफ़ रायपुर सदर थाने में विधायक कुलदीप जुनेजा एवं विधायक बृहस्पति सिंह के द्वारा FIR कराया गया है तथा विधायक चिंतामणि के द्वारा भी FIR कराया गया है,अतः निवेदन है कि छत्तीसगढ शासन के खिलाफ लगातार गलत बातें प्रचारित की जा रही हैं, उसके ख़िलाफ़ FIR दर्ज करने की व्यवस्था की जाए।"*
इस पत्र के साथ पत्रकार सुशील बाखला ( नीजि चैनल में स्ट्रिंगर ) के फ़ेसबुक एकाउंट के कुछ स्क्रीन शॉट भी दिए गए हैं जिसमें वाल पर सवाल जरुर दिखते हैं प्रसारित ख़बर के साथ।
खबर आधारित सवालों को छत्तीसगढ सरकार के खिलाफ अफ़वाह या बदनाम करने की क़वायद कैसे माना जाए या कि नहीं माना जाए यह पुलिस के जाँच के बाद स्पष्ट होगा ठीक वैसे ही जैसे इरफ़ान सिद्दकी के द्वारा पीसीसी के लैटरपेड का उपयोग करना सही है या ग़लत यह भी पुलिस जाँच के बाद तय करेगी।
