President Murmu Chhattisgarh Visit: राष्ट्रपति का छत्तीसगढ़ आगमन: द्रौपदी मुर्मु पांचवीं राष्ट्रपति जो पहुंचेंगी बस्तर, जानिए अब तक कौन-कौन महामहिम कर चुके हैं दौरा
President Murmu Chhattisgarh Visit: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु बस्तर पंडुम का शुभारंभ करने अब से कुछ देर बस्तर पहुंच रहीं हैं; राष्ट्रपति के बस्तर प्रवास के साथ ही मुर्मु पांचवीं महामहिम होंगी जो बस्तर पहुंचेंगी, सबसे पहले महामहिम डॉ राजेंद्र प्रसाद बस्तर प्रवास पर पहुंचे थे। 23 मार्च 1953 को महामहिम डॉ राजेंद्र प्रवास का बस्तर आगमन हुआ था।

President Murmu Chhattisgarh Visit: रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु बस्तर पंडुम का शुभारंभ करने अब से कुछ देर बस्तर पहुंच रहीं हैं; राष्ट्रपति के बस्तर प्रवास के साथ ही मुर्मु पांचवीं महामहिम होंगी जो बस्तर पहुंचेंगी, सबसे पहले महामहिम डॉ राजेंद्र प्रसाद बस्तर प्रवास पर पहुंचे थे। 23 मार्च 1953 को महामहिम डॉ राजेंद्र प्रवास का बस्तर आगमन हुआ था।
23 मार्च 1953 का वह दिन आज भी इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज है जब महामहिम डॉ राजेंद्र प्रसाद बस्तर प्रवास पर पहुंचे थे। तब बस्तर के हालात कुछ और ही थे। डॉ राजेंद्र प्रसाद के आगमन के लंबे अंतराल के बाद तकरीबन 51 साल बाद 4 जून 2004 को डॉ एपीजे अब्दुल कलाम बस्तर पहुंचे। इसके बाद महामहिम के बस्तर आगमन का अंतराल काफी कम रहा।
डॉ कलाम के प्रवास के महज चार साल बाद ही 29सितंबर 2008 को राष्ट्रपति महामहिम प्रतिभा सिंह पाटिल बस्तर पहुंची। 25-26 जुलाई 2018 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद बस्तर पहुंचे। तकरीबन 8 साल के अंतराल के बाद राष्ट्रपति महामहिम द्रौपदी मुर्मु बस्तर प्रवास पर आ रहीं हैं। अब से कुछ देर बाद महामहिम जगदलपुर पहुंचेंगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू,बस्तर पंडुम 2026 का शुभारंभकरेंगी शुभारंभ,आदिवासी संस्कृति-परंपरा को देखेंगी;
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सुबह 11 बजे जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित बस्तर पंडुम के संभाग स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगी। बस्तर की कला, संस्कृति और आदिवासी परंपरा को करीब से देखेंगी। राष्ट्रपति के दौरे को लेकर सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम हैं।
राष्ट्रपति अपने दौरे के दौरान बस्तर की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, परंपरा और लोककलाओं को नजदीक से देखेंगी। आयोजन स्थल पर विशाल और भव्य मंच का निर्माण किया गया है। मंच और परिसर को आदिवासी कला, पारंपरिक प्रतीकों, रंगों और सजावट से संवारा गया है। जिससे बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को जीवंत रूप में पेश किया जा सके।
बस्तर पंडुम के तहत कई जनजातियों के पारंपरिक नृत्य, लोकगीत, वाद्ययंत्र, वेशभूषा और रीति-रिवाजों की आकर्षक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। राष्ट्रपति के स्वागत, सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और कार्यक्रम संचालन को लेकर प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद है। वहीं, आज शाम को ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी रायपुर आएंगे।
ये हैं महामहिम के बस्तर आने के मायने
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आदिवासी समाज का प्रतिनिधित्व करती हैं। उनका आदिवासी बहुल बस्तर क्षेत्र में आना विशेष महत्व रखता है। यह प्रवास आदिवासी समाज के लिए सम्मान, आत्मगौरव और पहचान का प्रतीक माना जा रहा है। राष्ट्रपति की उपस्थिति से बस्तर पंडुम को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है। इससे बस्तर की लोकसंस्कृति, कला और परंपराएं देशभर में और अधिक प्रभावी ढंग से सामने आएंगी। साथ ही, यह दौरा आदिवासी महिलाओं और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत भी बनेगा।
बस्तर जैसे संवेदनशील और लंबे समय तक उपेक्षित रहे क्षेत्र में राष्ट्रपति का आगमन से यह संदेश देने की कोशिश भी होगी, लोकतंत्र और संविधान बस्तर के साथ खड़ा है। महामहिम का यह प्रवास विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक सम्मान और संवाद की दिशा में एक मजबूत संकेत माना जा रहा है।
ऐसे रहेगा यातायात डायवर्ट
रायपुर, भानपुरी, बस्तर, बकावंड और नगरनार मार्ग के साथ-साथ लोहंडीगुड़ा, गीदम और सुकमा की ओर से आने वाले वाहनों को कुम्हड़ाकोट गणपति रिसोर्ट के सामने मैदान और रिलायंस पेट्रोल पंप के पास (पी-7 से पी-9) पार्क किया जाएगा। भीड़ अधिक होने की स्थिति में कृषि उपज मंडी और हाता ग्राउंड को रिजर्व पार्किंग के रूप में तैयार रखा गया है। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत लालबाग, सनसिटी मार्ग से आमागुड़ा चौक पार्किंग की ओर आवागमन की अनुमति वीवीआईपी आगमन से केवल दो घंटे पहले तक ही रहेगी। इसके बाद मुख्य मार्ग बंद कर दिया जाएगा।
