Begin typing your search above and press return to search.

नीतीश कुमार सितंबर तक रह सकते हैं मुख्यमंत्री, अब ये कैसे हुआ मुमकिन?

Nitish Kumar News : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा चुनाव जीत चुके हैं। नियमानुसार 14 दिनों में यानी 30 मार्च तक एमएलसी पद से उन्हें इस्तीफा देना होगा।

नीतीश कुमार सितंबर तक रह सकते हैं मुख्यमंत्री, अब ये कैसे हुआ मुमकिन?
X
By Ranjan Kumar

Nitish Kumar CM Post News: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बांकीपुर के विधायक सह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। अब नियम के अनुसार इनको 30 मार्च तक वर्तमान विधायी सदस्यता (एमएलसी और एमएलए) से इस्तीफा देना होगा। वैसे, संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार नीतीश कुमार बिना किसी सदन का सदस्य रहे भी 6 महीनों तक यानी सितंबर तक मुख्यमंत्री पद पर रह सकते हैं।

नीतीश कुमार और नितिन नबीन के लिए अंतिम समयसीमा 30 मार्च

बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार का कहना है कि राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करने को नीतीश कुमार और नितिन नवीन को 14 दिनों में वर्तमान सदस्यता से इस्तीफा देना होगा। इसकी अंतिम समयसीमा 30 मार्च है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार विधान परिषद (MLC) के सदस्य हैं। उनके इस्तीफे के बाद प्रदेश की सत्ता संरचना में संभावित बदलावों को लेकर अटकलें तेज हैं। वैसे, तकनीकी रूप से वे सीएम पद पर बने रहने के योग्य हैं।

कब तक MLC पद से इस्तीफे की अनिवार्यता?

विधानसभा अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार के अनुसार, जब कोई विधायक या एमएलसी किसी अन्य सदन (जैसे राज्यसभा) के लिए निर्वाचित होता है, तो उसे 14 दिनों के भीतर एक सीट छोड़नी होती है। नीतीश कुमार अपनी एमएलसी सदस्यता और नितिन नवीन अपनी बांकीपुर विधानसभा सीट से 30 मार्च तक आधिकारिक रूप से इस्तीफा दे देंगे। इसके बाद अप्रैल से उनका राज्यसभा कार्यकाल विधिवत शुरू हो जाएगा।

विधानसभा अध्यक्ष का क्या है कहना?

बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार का कहना है कि जब कोई विधायक या एमएलसी किसी अन्य सदन के लिए निर्वाचित होता है तो उसे 14 दिनों में एक सीट छोड़नी होती है।

सितंबर तक CM रहेंगे नीतीश कुमार?

संविधान के नियमों के मुताबिक कोई भी व्यक्ति सदन का सदस्य न रहते हुए भी अधिकतम 6 माह तक मुख्यमंत्री पद पर रह सकता है। इस लिहाज से नीतीश कुमार MLC पद से इस्तीफा देने के बाद भी सितंबर तक मुख्यमंत्री रह सकते हैं। वैसे, इस अवधि में उन्हें विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य निर्वाचित होना अनिवार्य होगा। ऐसा न होने पर सीएम की कुर्सी चली जाएगी।

अगले महीने बिहार को मिल सकता है नया सीएम

कानूनी रूप से समयसीमा सितंबर तक है। मगर, एनडीए में चर्चा है कि नीतीश कुमार अप्रैल के दूसरे हफ्ते तक मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। वे राज्यसभा में नई पारी शुरू करते हैं तो बिहार को अप्रैल में ही नया सीएम मिल सकता है। इस बात की पुरजोर चर्चा है कि नीतीश के बाद अगला मुख्यमंत्री भाजपा से हो सकता है। अभी एनडीए में अगले उत्तराधिकारी के नाम पर अंतिम मुहर नहीं लगी है, पर नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज है।

Next Story