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सहायक आरक्षक आंदोलन पर सांसद नेताम का आरोप - "नक्सल इलाक़े में पूरे हथियार जमा कर पुलिस घर लौट गई और सरकार गंभीर नहीं" कांग्रेस का पलटवार - " भावनाओं को भड़काने का खेल अच्छा नही"

सहायक आरक्षक आंदोलन पर सांसद नेताम का आरोप - नक्सल इलाक़े में पूरे हथियार जमा कर पुलिस घर लौट गई और सरकार गंभीर नहीं कांग्रेस का पलटवार -  भावनाओं को भड़काने का खेल अच्छा नही
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By NPG News

रायपुर,11 दिसंबर 2021। बस्तर में सहायक आरक्षकों के हथियार जमा कर आंदोलन की राह पकड़ने के मसले पर भाजपा ने राज्य सरकार पर सवाल उठाया है। भाजपा की ओर से कहा गया है कि सरकार कमेटी कमेटी ना खेले बल्कि तुरंत ही सुलझाए। भाजपा सरकार में राज्य के गृहमंत्री रह चुके और मौजुदा समय में राज्यसभा सदस्य रामविचार नेताम ने कहा है "यह बेहद गंभीर है कि देश के सबसे बड़े नक्सलगढ में से एक बीजापुर में पदस्थ सहायक आरक्षकों के परिजनों पर लाठीचार्ज हो गया और 1400 सहायक आरक्षकों ने हथियार थाने में जमा कर दिए और आंदोलन में उतर गए।सरकार स्थिति को सँभालने में पूरी तरह फेल रही है"

राज्यसभा सदस्य नेताम में कहा :- "मामले की गंभीरता को अब भी समझने सरकार तैयार नहीं है, सरकार ज़रा सी भी गंभीरता नहीं दिखा रही हैं.. तुरंत मसले को सुलझाने की जगह उन्होंने कमेटी बना दी, जबकि कमेटी कमेटी खेलने की जगह वे तत्काल मसले को सुलझाएँ तो बेहतर"

पूर्व गृहमंत्री नेताम ने चेताया है :- "माओवाद से लड़ाई में बेहद सतर्कता की जरुरत है, माओवाद हमारी चूक की ही तलाश करता है। उस इलाक़े का भौगोलिक ज्ञान स्थानीय भाषा और माओवादियों की पहचान में इन्हीं सहायक आरक्षकों की अहम भुमिका है। कमेटी बनाने के निर्णय के बाद सहायक आरक्षक बैरक नहीं गए हैं बल्कि लौट कर घर चले गए हैं.. और उन्होंने चेतावनी दी है कि एक महिने में समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन करेंगे..बेहतर कि सरकार यूपी चुनाव को प्राथमिकता में रखने के बजाय इस मसले को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखे "राज्यसभा सदस्य रामविचार विचार नेताम के इस तीखे अंदाज पर कांग्रेस ने पलटवार किया है। कांग्रेस मीडिया सेल के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा "सरकार पूरी गंभीरता से मामले को सुलझाने की क़वायद में है, हर मसले पर राजनीति कांग्रेस नहीं करती.. बतौर गृहमंत्री रहते नेताम जी के कार्यकाल में अंबिकापुर से लेकर कोंटा तक जो हुआ वह रिकॉर्ड में है.. नक्सल समस्या के निदान के बजाय उसका विस्तार भाजपा शासनकाल में हुआ.. जिस पुलिस की नेताम जी दुहाई दे रहे हैं वो पुलिस परिवार जब आंदोलित हुआ तो बर्ख़ास्तगी की क़तार लगाई गई प्रताड़ना का चरम हुआ.. ये भूपेश सरकार है यहाँ न्याय होता है"

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