Begin typing your search above and press return to search.

MLA छून्नी साहू के तल्ख़ तेवर: पहुँची कप्तान के कक्ष और पति समेत आठ जवान सौंप कर बोलीं - *पुलिस के रहते राजनैतिक षड़यंत्र में रेत माफिया ने झूठा फँसाया.. तो क्या करुंगी ये पीएसओ और फॉलोगार्ड.. रख लो साहब

MLA छून्नी साहू के तल्ख़ तेवर: पहुँची कप्तान के कक्ष और पति समेत आठ जवान सौंप कर बोलीं - *पुलिस के रहते राजनैतिक षड़यंत्र में रेत माफिया ने झूठा फँसाया.. तो क्या करुंगी ये पीएसओ और फॉलोगार्ड.. रख लो साहब
X
By NPG News

राजनांदगाँव,5 फ़रवरी 2022। MLA छन्नी चंदू साहू ने अब से कुछ देर पहले ज़िले के एसपी के सामने बेहद सख़्त और तल्ख तेवर दिखाते हुए सुरक्षा के लिए शासन से मिले तीन पीएसओ और पाँच फॉलोगार्ड वापस सौंप दिए। पुलिस की कार्यप्रणाली से आहत विधायक छन्नी साहू ने अपने पति चंदू साहू को भी कप्तान के हवाले किया और वहाँ से चली गईं।

बीते सात दिसंबर को विधायक छन्नी साहू के पति चंदू साहू पर एक्टोसिटी का मुक़दमा क़ायम किया गया था। MLA छन्नी साहू ने तब पूरे मामले को रेत माफिया के ईशारे पर फ़र्ज़ी तरीक़े से गढ़ना बताया था। विधायक छन्नी साहू ने तब घटना का ब्यौरा देते हुए कहा था

"अवैध रेत खनन हो रहा है, मैं फॉलो और पीएसओ के साथ लौट रही थी.. मेरे पति साथ में थे..हमने अवैध उत्खनन बंद करने कहा था..बाद में पता चला मेरे पति के खिलाफ एक्टोसिटी का मुक़दमा क़ायम किया गया है.. कोई घटना ही नहीं हुई.. और जो हुआ उसमें बातचीत थी जिसमें मैं मेरे पीएसओ मेरा फॉलोगार्ड मौजुद था"

दिसंबर में ही विधायक छन्नी साहू ने अवैध रेत उत्खनन के मसले को लेकर लिखित शिकायत की।

आज क़रीबन तीन बजे विधायक छन्नी साहू एसपी कार्यालय पहुँची और उन्होंने तीन पीएसओ और पाँच फॉलोगार्ड सौंपे और उसके साथ साथ पति चंदू साहू को भी सौंप दिया।विधायक छन्नी साहू ने कहा

मामला पूरी तरह राजनैतिक द्वेषवश है..रेत माफिया इसके पीछे है.. मामला फ़र्ज़ी है.. सुबह थाने से फ़ोन आया कि सहयोग कर दीजिए. तो क्या सहयोग करती.. ले गई सबको और दे आई.. मैंने जो लिखित प्रमाण के साथ शिकायत की है उस पर कुछ कार्यवाही नहीं लेकिन जो घटना ही नहीं हुई उस पर फ़र्ज़ी मामला बना दिए तो ऐसी पुलिस को अपने साथ रख कर करुंगी क्या ?"

इस पूरे मामले में राजनांदगाँव पुलिस ने बेहद संक्षिप्त बात कही है -

एक्ट्रोसिटी का मामला दर्ज था, आरोपी गिरफ़्तार किया गया है..पीएसओ और फॉलोगार्ड की व्यवस्था ज़िला पुलिस की नहीं है..इसलिए इस पर राजनांदगाँव पुलिस कुछ कहने की अधिकारिता नहीं रखती"

Next Story