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अंबिकापुर में लेटर बम : आलोक दुबे का कलेक्टर और SP को ख़त -"कांग्रेस भवन को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित करें, हत्या होगी तो भाजपा को फँसाएँगे" डीसीसी अध्यक्ष राकेश बोले...

अंबिकापुर में लेटर बम : आलोक दुबे का कलेक्टर और SP को ख़त -कांग्रेस भवन को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित करें, हत्या होगी तो भाजपा को फँसाएँगे डीसीसी अध्यक्ष राकेश बोले...
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By NPG News

अंबिकापुर,15 नवंबर 2021। शहर के क़द्दावर नेता आलोक दुबे का एक पत्र वायरल हो गया है। आलोक दुबे छात्र जीवन से राजनीति में सक्रिय है और उनके परिवार को सरगुजा में कांग्रेस के आधार कार्यकर्ता होने की पहचान मिली हुई है। अलहदा है कि पैलेस से राजनैतिक अदावत और महत्वाकांक्षाओं की वजह से आलोक दुबे ने राह बदली और मौजुदा समय भाजपा में है। बावजूद इसके कि आलोक दुबे ने दल बदला है वे राजनैतिक रुप से अप्रासंगिक नहीं हुए हैं और इसलिए शहर की सियासत में उनकी भुमिका नज़र अंदाज नहीं होती। आलोक दुबे ने एक ख़त सरगुजा कलेक्टर और कप्तान को लिखा है और कांग्रेस भवन को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित करने की माँग कर दी है। यह ख़त बेहद तेज़ी से वायरल हो रहा है, हालाँकि डीसीसी अध्यक्ष राकेश गुप्ता ने कबीर के दोहे के ज़रिए करारा जवाब दिया है।

आलोक दुबे ने कलेक्टर और कप्तान को प्रेषित पत्र में लिखा है "कांग्रेस भवन को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित करते हुए अपने आधिपत्य में लें,कांग्रेस के लिखित आवेदन पर कार्यक्रम करने की अनुमति दें, साथ में मेटल डिटेक्टर लगाएँ क्योंकि जब से राजीव भवन बना है,वहाँ आए दिन हाथापाई मारपीट हो रही है, और दोष यह भाजपा को दे रहे हैं"

आलोक दुबे के पत्र में आगे लिखा है "..आपसी वर्चस्व की लड़ाई में हत्या हो सकती है और भाजपा को फंसा सकते हैं..राजीव भवन में सभा या कार्यक्रम में पुराने रासुका बंदी जिलाबदर के मुजरिम, तड़ीपार ही ज़्यादा दिखते हैं"

दरअसल कल जबकि एनएसयुआई को लेकर मौखिक विवाद हुआ तब कांग्रेस की ओर से यह कहा गया था कि, जिन्होंने विवाद किया वे कांग्रेस के नहीं बल्कि भाजपा के थे। इस संदर्भ में ही आलोक दुबे ने यह बात लिखी है।

इस पत्र को लेकर डीसीसी अध्यक्ष राकेश गुप्ता से प्रतिक्रिया माँगी गई तो उन्होंने कहा "कांग्रेस.. कांग्रेसी और कॉंग्रेस संगठन भवन को लेकर उनकी राय उनके नज़रिए पर क्या कहूँ ? उन्हें भाजपा में कोई तवज्जो नहीं मिल रही है मैं जानता हूँ पर बेहतर है कि वे भाजपा में ही ध्यान केंद्रित रखें..मैं उन्हे कबीर दास बाबा का यह दोहा याद दिलाता हूँ जो कांग्रेस कांग्रेसी और कांग्रेसी भवन को लेकर मसला स्पष्ट करेगा - कबीर यहु घर प्रेम का, ख़ाला का घर नाँहि..सीस उतारै हाथि करि, सो पैठे घर माँहि.."

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