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क्या तेजस्वी यादव ने बिहार का अपमान किया...केरल में क्या कह दिया तो मच गया इतना बवाल? आंकड़े देखकर तय करें

Tejashwi Yadav : बिहार को केरल की तुलना में गरीब राज्य कहने पर एनडीए नेताओं ने तेजस्वी यादव पर हमला बोला है। इनका कहना है कि दूसरे राज्यों में तेजस्वी अपने प्रदेश को बदनाम कर रहे हैं।

क्या तेजस्वी यादव ने बिहार का अपमान किया...केरल में क्या कह दिया तो मच गया इतना बवाल? आंकड़े देखकर तय करें
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तेजस्वी यादव। इमेज-सोशल मीडिया

By Ranjan Kumar

Tejashwi Yadav Bihar Poor State Statement : बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार को देश में सबसे गरीब राज्य कहा है। उन्होंने केरल में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान यह बयान दिया। राजद नेता तेजस्वी यादव कोझिकोड में सत्ताधारी लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) के पक्ष में प्रचार के दौरान सीएम पिनरई विजयन के नेतृत्व वाली सरकार की तारीफ की।

उन्होंने कहा कि केरल ने स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में जो मानक स्थापित किए हैं, उनका उदाहरण देशभर में दिया जाता है। केरल की तुलना में बिहार गरीब राज्य है। मैं वहीं से आया हूं। इस पर बिहार की सियासत गरमा गई है। एनडीए नेताओं ने इसे बिहार का अपमान बताया है। बता दें, राजद केरल विधानसभा चुनाव में एलडीएफ गठबंधन में 3 सीटों पर चुनाव लड़ रहा।

तेजस्वी अंतरराष्ट्रीय नेता बनने चले हैं : गिरिराज सिंह

केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह ने तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश में 2025 के विधानसभा चुनाव में सरकार बनाने का दावा करने वालों को जनता ने आईना दिखा दिया है। करारी हार से भी तेजस्वी ने सबक नहीं लिया है। केरल में चुनावी रैली में उन्होंने बिहार को देश का सबसे गरीब राज्य बताया। गिरिराज सिंह ने एक मुहावरे का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार में सरकार बना नहीं पाए और केरल में इंटरनेशनल लीडर बनने निकल पड़े हैं।

तेजस्वी यादव को शर्म आनी चाहिए : चिराग पासवान

लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा-रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि उन्हें बिहार को गरीब बताने से पहले शर्म आनी चाहिए। जिन लोगों के शासनकाल में बिहार की स्थिति बदहाल हुई, वहीं आज राज्य की गरीबी पर बयान दे रहे। बिहार को जिस दौर में सबसे अधिक नुकसान हुआ, उस समय की राजनीति और नीतियों को लोग अब भी याद रखते हैं। चिराग पासवान ने कहा कि उस समय हालात ऐसे बन गए थे कि उद्योगपति से चिकित्सक और अन्य पेशेवर तक राज्य छोड़कर बाहर चले गए थे।

प्रदेश को बदनाम कर रहे : शाहनवाज हुसैन

भाजपा प्रवक्ता और पूर्व सांसद सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा कि तेजस्वी यादव बिहार की छवि खराब कर रहे हैं। राज्य को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। बिहार तेजी से विकास कर रहा है। सड़क, बिजली, पानी जैसे बुनियादी ढांचे में काफी सुधार हुआ है। भाजपा नेता ने सलाह दी कि तेजस्वी को चुनाव प्रचार करना चाहिए, लेकिन बिहार की छवि खराब नहीं करनी चाहिए।

बिहार को शर्मिंदा कर रहे : श्रेयसी सिंह

मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि वे बिहार को शर्मिंदा कर रहे हैं। पटना में मीडिया से श्रेयसी ने कहा कि चाहे तेजस्वी यादव हों या राहुल गांधी, जब भी वे बिहार या भारत से बाहर जाते हैं तो वे अपने प्रदेश और देश को शर्मिंदा करते हैं। तेजस्वी सच्चे विपक्ष के नेता हैं तो वे विधानसभा से गायब क्यों हो जाते हैं। वे अपनी भूमिका क्यों नहीं निभाते हैं। तेजस्वी यादव की बात सुनने से किसी को न कोई फायदा होने वाला और न नुकसान होने वाला है।

अपने राज्य को अपमानित करना ठीक नहीं : प्रदीप सिंह

भाजपा सांसद प्रदीप सिंह ने कहा कि लालू जी के बेटे को लालू जी के बिहार की याद है। उन्हें झूठ नहीं बोलना चाहिए। बिहार को अपमानित करना ठीक नहीं है। यही कारण है कि चुनावी परिणाम उनके विपरीत आता है। उनके संस्कार और संस्कृति में झूठ बोलना और भ्रम फैलाना है। खुद के प्रदेश के बारे में केरल में जाकर उल्टा-सीधा बोलना गलत है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में प्रदेश विकास हुआ है। यह अब और ज्यादा विकसित होने वाला है।

बिहार में गरीबी से जुड़ा डाटा

नीति आयोग और आर्थिक सर्वेक्षण (2024-25) के आंकड़ों के अनुसार बिहार गरीबी कम करने के मामले में भारत के सबसे तेजी से सुधार करने वाले राज्यों में शामिल है। 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में बहुआयामी गरीबी में काफी गिरावट आई है। यहां गरीबी का स्तर 2015-16 में 51.91% था। 2025 के अनुमानों के अनुसार यह घटकर 33.76% पर आ गया है। बीते एक दशक में बिहार के 3.77 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। यह देश में उत्तर प्रदेश के बाद दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बिहार की जीडीपी विकास दर 13% से 15% के बीच रहने का अनुमान है। यह सबसे तेजी से बढ़ते राज्यों की कतार में खड़ा है।

प्रति व्यक्ति आय कितनी?

वैसे, प्रति व्यक्ति आय के मामले में बिहार राष्ट्रीय औसत से पीछे है। मगर, बुनियादी ढांचे और सामाजिक सुधारों के कारण गरीबी उन्मूलन की गति काफी तेज है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए भारत की प्रति व्यक्ति कम-से-कम आय 2,50,000 से 2,85,000 के बीच का अनुमान है। वर्ष 2025-26 के लिए बिहार की प्रति व्यक्ति आय 64,000-68,000 के बीच रहने का अनुमान। वित्त वर्ष 2023-24 में 59,637 थी। वर्ष 2025-26 के लिए केरल की प्रति व्यक्ति आय 2,85,000 से 3,10,000 के बीच का अनुमान है।

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