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CG Congress Policits: मनरेगा पर महासंग्रम से पहले कांग्रेस के हाथ से फिसला मुद्दा, विधायक की गिरफ्तारी से लगा सियासी झटका...

CG Congress Policits: किसानों से धोखाधड़ी के आरोप में जांजगीर-चांपा पुलिस ने जैजैपुर के विधायक बालेश्वर साहू को सीजेएम के आदेश पर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आज ही मनरेगा पर महासंग्राम की योजना बनाई और छत्तीसगढ़ के सभी जिला मुख्यालयों में पीसी का निर्णय लेते हुए कांग्रेस नेताओं की सूची भी जारी कर दी है। विधायक की गिरफ्तारी से कांग्रेस अब बैकफूट पर आ गई है। जाहिरतौर पर कांग्रेस को सियासी झटका लगा है।

CG Congress Policits: मनरेगा पर महासंग्रम से पहले कांग्रेस के हाथ से फिसला मुद्दा, विधायक की गिरफ्तारी से लगा सियासी झटका...
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By Radhakishan Sharma

CG Congress Policits: जांजगीर-चांपा। किसानों से धोखाधड़ी के आरोप में जांजगीर-चांपा पुलिस ने जैजैपुर के विधायक बालेश्वर साहू को सीजेएम के आदेश पर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आज ही मनरेगा पर महासंग्राम की योजना बनाई और छत्तीसगढ़ के सभी जिला मुख्यालयों में पीसी का निर्णय लेते हुए कांग्रेस नेताओं की सूची भी जारी कर दी है। विधायक की गिरफ्तारी से कांग्रेस अब बैकफूट पर आ गई है। जाहिरतौर पर कांग्रेस को सियासी झटका लगा है।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव व प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट की मौजूदगी में कांग्रेस ने मनरेगा को छत्तीसगढ़ में बड़ा मुद्दा बनाने का फैसला किया है। सभी जिला मुख्यालयों में नाम परिवर्तन को लेकर पीसी करने की योजना बनाई। गुरुवार को प्रभारी महामंत्री संगठन मलकीत सिंह गैंदू ने पीसी लेने वाले कांग्रेस दिग्गजों के नाम की घोषणा की है। पीसीसी से जारी होने वाली सूची के चंद घंटों के भीतर ही प्रदेश की राजनीति ने तेजी के साथ करवट बदली। जांजगीर पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोपी जैजैपुर के विधायक बालेश्वर साहू को सीजेएम कोर्ट में पेश किया। सीजेएम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया है। विधायक की गिरफ्तारी और जेल जाने के बाद कांग्रेस बैकफुट पर चली गई है। विधायक पर आरोप है कि सहकारी बैंक में नौकरी के वक्त उसने किसानों से धोखाधड़ी की है। जाहिरतौर पर भाजपा को एक बड़ा मुद्दा मिल गया है।

विधायक बालेश्वर साहू पर बीते तीन- चार महीने से गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी। किसान से धोखाधड़ी, गबन और धमकी की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए विधायक ने हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दयर की थी। हाई कोर्ट के आदेश पर एसपी जांजगीर-चांपा ने जांच कमेटी का गठन किया था।

इस घटनाक्रम के बीच प्रदेश कांग्रेस कमेटी अपना रुख तय नहीं कर सकी। विधायक के पक्ष में पार्टी ने किसी तरह का न तो बयान दिया और न ही पूरे प्रकरण की जानकारी लेनी चाही।

बीते विधानसभा सत्र से पहले भी विधायक का मामला अंदर ही अंदर सुलग रहा था। शायद पुलिस ने भी विधानसभा सत्र को देखते हुए चालान पेश करने में विलंब किया। चर्चा है कि कांग्रेस विधायक पर एफआईआर के बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने पर कुछ भाजपा नेताओं ने नाराजगी व्यक्त की थी।

हाई कोर्ट में विधयक की ओर से पेश याचिका पर सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया कि पूरे मामले की जांच के बाद ही एफआईआर हुई है। इसकी कमी के कारण हाई कोर्ट ने पुलिस को जांच का आदेश दिया, तब एसपी ने कमेटी बनकर सीएसपी को जांच का जिम्मा सौंपा था। सीएसपी ने पूरे प्रकरण का अध्ययन कर फिर से जांच कर दस्तावेज आज कोर्ट के सामने पेश कर दिया।

विधायक का विवादों से रहा है नाता

विधायक बालेश्वर साहू का इससे पहले कई विवाद सामने आ चुके हैं। विधायक के खिलाफ किसानों के फर्जी हस्ताक्षर और ब्लैंक चेक का उपयोग करने के आरोप में पुलिस ने धारा 420, 467, 468, 471 और 34 के तहत एफआईआर दर्ज की है। धान खरीदी केंद्र में प्रबंधक के पद पर पदस्थ रहते बालेश्वर साहू ने अपने सहयोगी के साथ मिलकर किसानों के फर्जी हस्ताक्षर और ब्लैंक चेक का इस्तेमाल करते हुए वर्ष 2015 से 2025 तक 42 लाख 78 हजार रुपये की अवैध निकासी की। इस केस से पहले पड़ोसी से मारपीट के मामले में उनकी गिरफ्तारी हो चुकी है।

Radhakishan Sharma

राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।

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