थूक पर सियासत: शैलेष त्रिवेदी ने पुरंदेश्वरी के बयान पर RSS से किया सवाल -”थूकने की सलाह क्या RSS के निर्देश पर” भाजपा प्रवक्ता गौरीशंकर का पलटवार- ”मंत्री लखमा ने जो कहा उस पर किसका निर्देशन..क्या वो बयान महिला सम्मान है”

रायपुर,7 सितंबर 2021। डी पुरंदेश्वरी के बयान को छत्तीसगढ की अस्मिता और किसान के साथ साथ प्रदेश के अजा और अजजा वर्ग से जोड़ कर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हमला कर चुके हैं। इस बयान के बाद अब पीसीसी संचार मीडिया के अध्यक्ष शैलेष नितिन त्रिवेदी ने बयान जारी किया है।
प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष शैलेष नितिन त्रिवेदी ने भाजपा प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी के थूक वाले बयान का ज़िक्र करते हुए आरएसएस से सवाल किया है
”संघ की भुमिका भाजपा में पितृ संस्था की है,इसलिए यह जानना जरुरी है कि,आरएसएस के डी पुरंदेश्वरी द्वारा दिए गए इस स्तरहीन बयान पर क्या विचार हैं? क्या संघ ने आपत्ति की है तो वह आपत्ति सार्वजनिक होनी चाहिए,या फिर संघ भी छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान छत्तीसगढ़िया किसान और मज़दूरों के अपमान पर भाजपा की तरह ताली बजाकर नाच रहा है”
इस बयान पर भाजपा की ओर से प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास ने पलटवार किया है। गौरीशंकर श्रीवास ने कांग्रेस मीडिया प्रकोष्ठ के अध्यक्ष शैलेष नितिन त्रिवेदी समेत कांग्रेस के अब तक के बयान जिसमें पुरंदेश्वरी के बयान तो छत्तीसगढ़ अस्मिता का अपमान बताया गया है, उस पर सवाल किया है
”इतना तूफ़ान.. शब्दों को अस्मिता से जोड़ रहे हैं, संघ से सवाल हो रहा है.. कांग्रेस के विद्वान साथी कृपया कर यह बताएँ कि मंत्रिमंडल के विद्वान कवासी लखमा ने जो शब्द उचारे थे, वह क़िसने सीखाए थे? फुलन देवी सांसद रह चुकी और उनका जिक्र जिस लहजे में हुआ वो ना तो किसी पूर्व सांसद का सम्मान है, ना किसी महिला का सम्मान है.. कांग्रेस के साथी बता दें कि ऐसे विशेषण को देने के पीछे किसका ज्ञान है किसकी सलाह है? पूर्व सांसद और महिला के अपमान पर समूची कांग्रेस चुप है तो क्या वे भी कवासी जी के बयान पर ताली बजाकर नाच रहे हैं”
