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पंजाब में राजनीतिक घमासान: हाई लेवल कमेटी के सामने मंत्री और विधायकों की परेड… सिद्धू को लेकर कांग्रेस में मंथन

चंडीगढ़ 31 मई 2021. पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी कलह को खत्म करने के लिए पार्टी हाईकमान ने मोरचा संभाल लिया है. पंजाब में अब राजनीतिक घमासान भी शुरू हो गया है. राज्य में विधानसभा चुनाव होने में कुछ ही महीनों का वक्त रह गया है ऐसे में यह घमासान कांग्रेस को नुकसान पहुंचा सकता है. इसी के मद्देनजर कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने तीन सदस्यीय हाई लेवल कमेटी का गठन किया है. इस कमेटी में पार्टी के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, जय प्रकाश अग्रवाल और हरीश रावत शामिल हैं. बता दें कि विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और विधायक नवजोत सिंह सिद्धू के बीच के झगड़े को खत्म करना पार्टी के शीर्ष नेताओं के लिए अब एक बड़ी चुनौती बन गयी है.

बता दें कि पंजाब में पार्टी ने आगे की रणनीति तय करने के लिए तीन सदस्य पैनल बनाया है जिसमें हरीश रावत, मल्लिकार्जुन खड़गे और जेपी अग्रवाल शामिल है. पार्टी में गुटबाजी को रोकने के लिए यह पैनल बनाया गया है. अगले तीन दिनों तक ये पैनल राज्य के तमाम विधायक, सांसद और बाकी वरिष्ठ नेताओं से बातकर आला कमान को रिपोर्ट सौपेंगा। पैनल ने आज सभी विधायकों को दिल्ली तलब किया है.

कांग्रेस नेता एवं विधायक नवजोत सिंह सिद्धू पार्टी के उन नेताओं में शामिल होंगे जो मंगलवार को दिल्ली में पार्टी की तीन सदस्यीय समिति से मुलाकात करेंगे. पंजाब कांग्रेस इकाई में जारी अंदरूनी कलह को सुलझाने के लिए इस समिति का गठन किया गया है. पार्टी नेताओं के एक धड़े ने वर्ष 2015 में फरीदकोट के कोटकपुरा में बेअदबी मामले के बाद हुई गोलीबारी की घटना में की गई कार्रवाई को लेकर असंतोष जाहिर किया था, जिसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी की तीन सदस्यीय समिति गठित की थी.

तीन सदस्यीय हाई लेवल कमेटी पंजाब कांग्रेस के नेताओं से उनके विचार सुनने के बाद अपनी रिपोर्ट पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष को सौंपेगी. जिसके बाद हाईकमान द्वारा अंतिम फैसला सुनाया जाएगा. कमेटी ने मुलाकात के लिए केवल मौजूदा विधायक और मंत्रियों को न्यौता नहीं दिया, बल्कि मौजूदा सांसदों और पूर्व प्रदेश प्रधानों को भी बातचीत के लिए बुलाया है.

कलह के पीछे की वजह

उल्लेखनीय है कि पिछले एक महीने से कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ नवजोत सिद्धू के अलावा दो मंत्रियों और कई विधायकों ने मोर्चा खोल रखा है. पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा पिछले महीने कोटकपुरा गोलीबारी मामले में जांच रद्द किए जाने के बाद सिद्धू लगातार इस मामले से निपटने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की आलोचना कर रहे हैं. सूत्रों ने बताया कि पंजाब के मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा समेत 26 विधायक सोमवार को दिल्ली में समिति से मुलाकात करेंगे. उन्होंने कहा कि अमृतसर पूर्व से विधायक नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब के अन्य पार्टी नेताओं में शामिल होंगे जो मंगलवार को समिति से मिलेंगे. सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह भी बृहस्पतिवार या शुक्रवार को समिति से मुलाकात कर सकते हैं.

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